आदिलाबाद: तेलंगाना के उत्तनूर मंडल के दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है, जिन पर आरोप है कि उन्होंने स्टॉक मार्केट में बड़े मुनाफे का झांसा देकर जनता से ₹1.19 करोड़ ठग लिए। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन, बैंक पासबुक और अचल संपत्ति से जुड़े दस्तावेज़ जब्त किए हैं।
जानकारी के अनुसार, सैयद जाविद और कोठापल्ली गंगाधर, दोनों उत्तनूर मंडल के निवासी, पर स्टॉक ट्रेडिंग में निवेश करने पर बड़े मुनाफे का झांसा देकर लोगों से पैसे ठगने का आरोप है। मामला एक पीड़ित, मनोज कुमार (श्यामपुर) की शिकायत के बाद दर्ज किया गया।
जांच के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने भोले-भाले लोगों को आकर्षित करने के लिए स्टॉक मार्केट में निवेश का लालच दिया। उन्होंने 25 व्यक्तियों से पैसे वसूले और उन्हें यह भरोसा दिलाया कि उनके निवेश पर भारी मुनाफा मिलेगा। पूछताछ में आरोपियों ने यह भी बताया कि इस धनराशि का इस्तेमाल उन्होंने घर और प्लॉट खरीदने में किया।
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पुलिस ने बताया कि जाविद और गंगाधर की गतिविधियों की गहन जांच की जा रही है, और संभवतः अन्य पीड़ितों की संख्या और भी बढ़ सकती है। इस मामले में संपत्तियों की जांच और धन के स्रोत की पुष्टि के लिए वित्तीय विवरणों की समीक्षा की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के स्टॉक मार्केट फ्रॉड में अक्सर लोग लालच और जल्दबाजी में आकर आसानी से ठगी के शिकार बन जाते हैं। प्रतिष्ठित साइबर क्राइम विशेषज्ञ और पूर्व आईपीएस अधिकारी प्रो. त्रिवेणी सिंह के अनुसार, “इस तरह के फ्रॉड में आरोपियों द्वारा सामाजिक इंजीनियरिंग का इस्तेमाल किया जाता है। लोग अक्सर तुरंत मुनाफा कमाने की लालसा में सतर्कता खो देते हैं और ऐसे मामलों में सावधानीपूर्वक जांच और वित्तीय समझ जरूरी है।”
आदिलाबाद पुलिस ने कहा कि आरोपियों से जब्त दस्तावेज़ और मोबाइल फोन की जांच जारी है, ताकि पता लगाया जा सके कि उन्होंने किस तरह और किन माध्यमों से लोगों को ठगा। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे निवेश से जुड़े किसी भी ऑफर को स्वीकार करने से पहले उसकी वैधता की पुष्टि अवश्य करें।
स्थानीय निवासी और निवेशक इस घटना से सकते में हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के फ्रॉड से बचने के लिए जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में तेज़ी से कार्रवाई और सार्वजनिक जागरूकता से ही आगे होने वाले फ्रॉड को रोका जा सकता है।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि जाविद और गंगाधर की संपत्तियों की जांच के बाद ही अंतिम विवरण सामने आएगा कि उन्होंने कितने और किस प्रकार के निवेशकों को ठगा। फिलहाल, आरोपियों से पूछताछ जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई भी तेज़ी से की जा रही है।
यह मामला तेलंगाना में निवेशकों के बीच सतर्कता का संदेश भी है कि किसी भी निवेश योजना या स्टॉक मार्केट प्रोमोशन के प्रति हमेशा सचेत रहें और बिना उचित जांच के पैसे निवेश न करें
