सोशल मीडिया के जरिए फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म में निवेश का झांसा; कई किस्तों में रकम ट्रांसफर, साइबर ठगी का बढ़ता नेटवर्क आया सामने

“High Returns का लालच बना ₹1.2 करोड़ का नुकसान: ऑनलाइन निवेश स्कैम में 59 वर्षीय व्यक्ति ठगा”

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By Roopa
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कोच्चि। तेजी से बढ़ते डिजिटल निवेश के दौर में एक और बड़ा साइबर फ्रॉड सामने आया है, जहां ऊंचे रिटर्न का लालच देकर 59 वर्षीय व्यक्ति से ₹1.2 करोड़ से अधिक की ठगी कर ली गई। मामला केरल के कोच्चि के थ्रिक्काकरा इलाके का है, जहां पीड़ित को सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क कर एक फर्जी ऑनलाइन निवेश योजना में फंसाया गया।

शिकायत के अनुसार, वझक्कला निवासी और मूल रूप से मवेलिक्कारा के रहने वाले पीड़ित को कुछ अज्ञात लोगों ने सोशल मीडिया पर संपर्क किया। आरोपियों ने खुद को निवेश विशेषज्ञ बताते हुए ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के जरिए भारी मुनाफा कमाने का दावा किया। उन्होंने पीड़ित को “FMI-FBS Markets Inc.” नाम के एक प्लेटफॉर्म के जरिए निवेश करने के लिए प्रेरित किया।

किस्तों में ट्रांसफर कराए गए ₹1.2 करोड़

ठगों के झांसे में आकर पीड़ित ने 15 अक्टूबर 2025 से 3 मार्च 2026 के बीच अलग-अलग किश्तों में कुल ₹1,20,18,500 ट्रांसफर कर दिए। यह रकम उसके अपने बैंक खाते और पत्नी के खाते के माध्यम से भेजी गई। शुरुआत में प्लेटफॉर्म पर मुनाफे का दिखावटी डेटा दिखाया गया, जिससे पीड़ित का भरोसा और मजबूत हो गया। लेकिन जब उसने पैसे निकालने की कोशिश की, तो उसे टालमटोल और तकनीकी बहानों का सामना करना पड़ा।

कुछ समय बाद प्लेटफॉर्म पूरी तरह से निष्क्रिय हो गया और संपर्क भी टूट गया, जिसके बाद पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उसने थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

एक नहीं, कई लोग बन चुके हैं शिकार

जांच एजेंसियों के अनुसार, इस तरह के निवेश फ्रॉड के कई मामले हाल के महीनों में सामने आए हैं। इसी साल एक 71 वर्षीय व्यक्ति को व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर ₹89 लाख की ठगी की गई। वहीं, एक डॉक्टर ने ₹37 लाख और एक अन्य व्यक्ति ने ₹34.55 लाख गंवाए। एक महिला भी इंस्टाग्राम विज्ञापन के जरिए फंसकर ₹5.32 लाख का नुकसान उठा चुकी है।

इन मामलों से स्पष्ट है कि ठग केवल बुजुर्गों को ही नहीं, बल्कि युवा पेशेवरों और शिक्षित वर्ग को भी निशाना बना रहे हैं। सोशल मीडिया, व्हाट्सएप ग्रुप्स और फर्जी प्रोफाइल्स इनके प्रमुख हथियार बन चुके हैं।

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अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की आशंका

जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि इस तरह के साइबर अपराध संगठित और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के जरिए संचालित हो रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, हजारों साइबर फ्रॉड समूह विदेशों से संचालित हो रहे हैं, जहां प्रशिक्षित लोगों की मदद से योजनाबद्ध तरीके से लोगों को फंसाया जाता है।

Future Crime Research Foundation की रिपोर्ट्स के मुताबिक, निवेश से जुड़े साइबर फ्रॉड में तेजी आई है और इसमें सोशल इंजीनियरिंग तकनीकों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है। ठग पहले भरोसा बनाते हैं, फिर नकली मुनाफा दिखाकर निवेश बढ़वाते हैं और अंत में पूरा पैसा निकाल लेते हैं।

विशेषज्ञ की चेतावनी

प्रसिद्ध साइबर क्राइम विशेषज्ञ और पूर्व आईपीएस अधिकारी Prof. Triveni Singh का कहना है कि “High returns का लालच ही इस तरह के फ्रॉड का सबसे बड़ा ट्रिगर होता है। अपराधी पहले छोटे मुनाफे का भरोसा दिलाते हैं और फिर बड़ी रकम निवेश करवाते हैं। जैसे ही पीड़ित पूरी तरह भरोसा कर लेता है, वे अचानक गायब हो जाते हैं।”

कैसे बचें निवेश ठगी से?

विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी निवेश योजना में असामान्य रूप से ज्यादा रिटर्न का वादा खतरे का संकेत होता है। केवल अधिकृत और विश्वसनीय प्लेटफॉर्म्स पर ही निवेश करें। किसी अनजान लिंक, ऐप या वेबसाइट पर पैसा ट्रांसफर करने से पहले उसकी जांच जरूर करें।

इसके अलावा, सोशल मीडिया या व्हाट्सएप के जरिए मिलने वाले निवेश ऑफर्स से दूरी बनाकर रखें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें या आधिकारिक पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।

यह मामला एक बार फिर चेतावनी देता है कि डिजिटल निवेश के दौर में सावधानी ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। थोड़ी सी लापरवाही आपको भारी आर्थिक नुकसान में डाल सकती है।

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