पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर पहुंच गया है, जहां ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा हमला करने का दावा किया है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने क्षेत्र के 27 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। साथ ही इजरायल के कुछ महत्वपूर्ण रक्षा प्रतिष्ठानों पर भी प्रहार किया गया।
खामेनेई मौत के बाद छठा चरण: लंबी दूरी मिसाइलों से अमेरिकी क्षमता पर निशाना
ईरानी राज्य मीडिया के हवाले से बताया गया कि यह कार्रवाई अमेरिकी-इजरायली संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद शुरू हुए जवाबी अभियानों का छठा चरण है। आईआरजीसी ने रणनीतिक रूप से संवेदनशील सैन्य क्षेत्रों को लक्ष्य बनाते हुए लंबी दूरी की मिसाइलों और ड्रोन बेड़ों का इस्तेमाल किया। हमलों का मुख्य उद्देश्य अमेरिका और इजरायल की सैन्य क्षमता को कमजोर करना बताया जा रहा है।
दुबई जेबेल अली में आग: खाड़ी शहरों में अफरा-तफरी, हवाई अलर्ट
हमलों के बाद खाड़ी क्षेत्र के कई शहरों में दहशत का माहौल बन गया। दुबई, दोहा और मनामा में धमाकों की आवाजें सुनाई देने के बाद लोगों में अफरातफरी फैल गई। कई देशों की सुरक्षा एजेंसियों ने आपातकालीन निगरानी प्रणाली सक्रिय कर दी और हवाई सुरक्षा बलों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया। दुबई के जेबेल अली बंदरगाह के एक घाट पर इंटरसेप्शन अभियान के दौरान गिरे मलबे से आग लगने की जानकारी सामने आई, हालांकि किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है।
FCRF Launches Flagship Certified Fraud Investigator (CFI) Program
ईरान ‘कठोर प्रतिशोध’, ट्रंप ‘अभूतपूर्व जवाब’: गालिबाफ की चेतावनी
ईरानी अधिकारियों ने इन हमलों को “कठोर प्रतिशोध” करार देते हुए कहा कि देश अपनी सीमाओं के उल्लंघन का जवाब लगातार कार्रवाई के साथ देगा। सरकारी टेलीविजन पर दिए गए बयान में राजनीतिक नेतृत्व ने दावा किया कि ईरान ने हर संभावित स्थिति के लिए पहले से तैयारी कर रखी है और जरूरत पड़ने पर और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागर गालिबाफ ने चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को इसके परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कहा कि ईरान ने अपनी रणनीतिक रक्षा तैयारियों को मजबूत किया है और लंबी अवधि के टकराव की स्थिति के लिए भी योजना बनाई गई है।
दूसरी ओर, ट्रंप ने ईरान को नई जवाबी कार्रवाई से बचने की चेतावनी देते हुए कहा कि बड़े पैमाने पर किसी भी हमले का सामना अभूतपूर्व सैन्य शक्ति से किया जाएगा। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि अमेरिकी अभियान पहले ही भारी नुकसान पहुंचा चुका है और अगर ईरान ने हमले जारी रखे तो कड़ा सैन्य प्रतिशोध दिया जाएगा।
अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने बताया कि अभी तक किसी अमेरिकी सैनिक के हताहत होने की सूचना नहीं है। इजरायल ने भी कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने बड़ी संख्या में मिसाइलों को बीच में ही नष्ट कर दिया। इसी दौरान कुवैत के कुछ हिस्सों में सायरन बजने की भी खबर आई, जिससे सुरक्षा चिंता और बढ़ गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह टकराव पश्चिम एशिया में लंबे समय तक चलने वाले संघर्ष का रूप ले सकता है। ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भी वैश्विक चिंता बढ़ गई है क्योंकि मध्य पूर्व दुनिया के तेल आपूर्ति नेटवर्क का प्रमुख केंद्र है। अगर संघर्ष और बढ़ा तो अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अस्थिरता और व्यापार मार्गों पर प्रभाव पड़ने की आशंका है।
फिलहाल दोनों पक्ष जवाबी कार्रवाई के चक्र में फंसे दिखाई दे रहे हैं, जबकि कूटनीतिक प्रयास स्थिति को नियंत्रित करने में संघर्ष कर रहे हैं। आने वाले घंटों में सैन्य और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं
