प्रयागराज। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। निवेश पर अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर साइबर अपराधियों ने एक रिटायर आर्मी कैप्टन से ₹13.97 लाख की ठगी कर ली। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाना में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, धूमनगंज क्षेत्र के सुलेमसराय निवासी शशिकांत मिश्रा वर्ष 2023 में कैप्टन पद से भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हुए थे। वर्तमान में वह एक अस्पताल में आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत हैं। कुछ दिन पहले उनके मोबाइल फोन पर “न्यू बेरी ग्रुप” नाम से एक संदिग्ध लिंक आया था।
लिंक पर क्लिक करते ही शुरू हुआ जाल
बताया जा रहा है कि जैसे ही उन्होंने उस लिंक पर क्लिक किया, उनसे राजेश मोदी और मीना जोशी नामक दो लोगों ने संपर्क किया। दोनों ने खुद को एक निवेश कंपनी से जुड़ा बताया और कम समय में अधिक लाभ कमाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने एक विशेष निवेश योजना के बारे में जानकारी दी और दावा किया कि इससे निश्चित और तेज मुनाफा होगा।
आरोप है कि ठगों ने खुद को अनुभवी वित्तीय सलाहकार बताकर भरोसा जीतने की कोशिश की। शुरुआत में उन्होंने कथित मुनाफे के आंकड़े और फर्जी दस्तावेज दिखाकर योजना को विश्वसनीय साबित किया। इसके बाद उन्होंने चरणबद्ध तरीके से निवेश करने की प्रक्रिया समझाई और जल्द फैसला लेने का दबाव बनाया।
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कई किस्तों में ट्रांसफर कराए रुपये
ठगों के झांसे में आकर शशिकांत मिश्रा ने अलग-अलग बैंक खातों में कुल ₹13,97,000 की राशि ट्रांसफर कर दी। पुलिस के मुताबिक, यह रकम कई किस्तों में कुछ ही दिनों के भीतर भेजी गई। आरोपियों ने भरोसा दिलाया था कि कुछ ही सप्ताह में निवेश की गई राशि पर अच्छा-खासा रिटर्न मिलेगा।
हालांकि, पैसा ट्रांसफर होने के बाद आरोपियों की ओर से संपर्क धीरे-धीरे कम होता गया। जब मिश्रा ने निवेश की स्थिति और मुनाफे के बारे में पूछताछ की, तो उनके कॉल और संदेशों का जवाब मिलना बंद हो गया। अंततः दोनों आरोपियों का संपर्क पूरी तरह टूट गया।
ठगी का अहसास होने पर दर्ज कराई शिकायत
अपने साथ धोखाधड़ी होने का एहसास होने पर शशिकांत मिश्रा ने प्रयागराज के साइबर क्राइम थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है।
साइबर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों तक पहुंचने के लिए बैंक ट्रांजैक्शन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और आईपी एड्रेस की जांच की जा रही है। जिन खातों में रकम ट्रांसफर की गई है, उन्हें भी खंगाला जा रहा है ताकि लाभार्थियों की पहचान की जा सके और संभव हो तो शेष राशि को फ्रीज कराया जा सके।
निवेश ठगी के बढ़ते मामले
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हाल के दिनों में रिटायर कर्मियों और वरिष्ठ नागरिकों को निवेश योजनाओं के नाम पर निशाना बनाने की घटनाएं बढ़ी हैं। साइबर ठग फर्जी कंपनी, वेबसाइट और सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाकर लोगों को भरोसे में लेते हैं और ऊंचे मुनाफे का लालच देकर ठगी को अंजाम देते हैं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और निवेश से पहले संबंधित कंपनी या व्यक्ति की सत्यता की पूरी जांच कर लें। किसी भी तरह की साइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं या साइबर क्राइम पोर्टल पर रिपोर्ट करें।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
