पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के तहत ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई क्षेत्रों में बड़े हमले किए गए। इजरायली सेना ने दावा किया है कि उसने लगभग 30 रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया है, जिनमें ईरान के शीर्ष नेतृत्व से जुड़े प्रतिष्ठानों को भी लक्ष्य बनाया गया। हमले के बाद तेहरान में कई स्थानों पर जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिससे स्थानीय नागरिकों में दहशत फैल गई।
खामेनेई आवास निशाने पर
रिपोर्टों के अनुसार, हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निजी आवास को भी निशाना बनाया गया, हालांकि उस समय वे वहां मौजूद नहीं थे। अंतरराष्ट्रीय मीडिया के मुताबिक, हमले से हुए नुकसान की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं की गई है। ईरानी प्रशासन ने तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए देश के हवाई क्षेत्र को अगली सूचना तक बंद करने की घोषणा कर दी है और नागरिक उड्डयन विभाग ने नए NOTAM जारी कर दिए हैं।
इजरायल का रक्षा मंत्रालय बयान
इजरायली रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि हमले का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है। रक्षा मंत्री ने दावा किया कि एक साथ कई ठिकानों पर हमला कर करीब 30 रणनीतिक लक्ष्यों को नष्ट किया गया है। इन लक्ष्यों में ईरानी खुफिया तंत्र के मुख्यालय और सैन्य ढांचे भी शामिल बताए जा रहे हैं। इजरायल ने पहले ही चेतावनी दी थी कि बातचीत के प्रयास सफल नहीं होने पर सैन्य कार्रवाई की जा सकती है।
अमेरिका की भूमिका स्पष्ट
अमेरिका भी इस कार्रवाई में शामिल बताया जा रहा है। मध्य पूर्व क्षेत्र में अमेरिकी युद्धपोत और एयरक्राफ्ट कैरियर पहले से तैनात हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यह हमला क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को बदलने की कोशिश का हिस्सा हो सकता है। कतर स्थित अमेरिकी दूतावास ने अपने कर्मचारियों के लिए शेल्टर-इन-प्लेस नीति लागू कर दी है और नागरिकों को भी सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
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इजरायल में सुरक्षा अलर्ट
इजरायल में भी सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद करने का आदेश दिया है और लोगों को भीड़भाड़ वाले स्थानों पर इकट्ठा न होने की सलाह दी गई है। सैन्य अधिकारियों का कहना है कि मिसाइल हमले के खतरे को देखते हुए यह एहतियाती कदम उठाया गया है। इजरायली सेना ने नागरिकों से शेल्टर के पास रहने की अपील की है।
ईरान की ओर से अभी तक सैन्य प्रतिक्रिया की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि ईरान पलटवार कर सकता है। ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि देश के कुछ संवेदनशील क्षेत्रों को निशाना बनाया गया है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। सरकार ने सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा है और रणनीतिक स्थलों की निगरानी बढ़ा दी गई है।
युद्ध विस्तार की आशंका
मध्य पूर्व विशेषज्ञों का कहना है कि यह हमला क्षेत्र में व्यापक संघर्ष का रूप ले सकता है। यदि ईरान ने जवाबी कार्रवाई की, तो युद्ध का दायरा और बढ़ने की आशंका है। कई देशों की सरकारें अपने नागरिकों को इस क्षेत्र से निकलने या सुरक्षित रहने की सलाह दे रही हैं।
हाल के महीनों में ईरान और पश्चिमी देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ता रहा है। परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय प्रभाव और सैन्य गतिविधियों को लेकर दोनों पक्षों में मतभेद गहराते गए। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस संघर्ष को रोकने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज करने की अपील कर रहा है, लेकिन फिलहाल स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है।
