इंटरनेट पर परोसी जा रही अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री के खिलाफ केंद्र सरकार ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच ओवर-द-टॉप (ओटीटी) प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगा दिया। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने MoodXVIP, Koyal PlayPro, Digi Movieplex, Feel और Jugnu नामक प्लेटफॉर्म को पूरी तरह ब्लॉक करने का आदेश जारी किया है।
मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इन प्लेटफॉर्म पर लंबे समय से अश्लील और स्पष्ट यौन सामग्री उपलब्ध कराए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। जांच के बाद पाया गया कि संबंधित ऐप्स और वेबसाइट्स आईटी नियमों का उल्लंघन कर रहे थे और बिना किसी प्रभावी आयु-प्रमाणीकरण प्रणाली के आपत्तिजनक कंटेंट प्रसारित कर रहे थे।
FCRF Launches Flagship Certified Fraud Investigator (CFI) Program
आईटी नियम 2021 के तहत कार्रवाई
यह कार्रवाई सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के तहत की गई है। इन नियमों के अंतर्गत डिजिटल प्लेटफॉर्म को यह सुनिश्चित करना होता है कि वे अश्लील, अवैध या सामाजिक रूप से आपत्तिजनक सामग्री का प्रसारण न करें। साथ ही, शिकायत निवारण तंत्र और सामग्री वर्गीकरण प्रणाली लागू करना भी अनिवार्य है।
मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, संबंधित प्लेटफॉर्म को पहले नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। संतोषजनक जवाब न मिलने और सामग्री में सुधार न करने की स्थिति में अंततः प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया। दूरसंचार विभाग और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सहयोग से इन प्लेटफॉर्म की वेबसाइट्स और मोबाइल एप्लिकेशन को भारत में ब्लॉक करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
शिकायतों का अंबार
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, इन प्लेटफॉर्म के खिलाफ अभिभावकों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न नागरिक समूहों की ओर से लगातार शिकायतें दर्ज कराई जा रही थीं। आरोप था कि प्लेटफॉर्म बिना किसी स्पष्ट कंटेंट चेतावनी या आयु-सीमा नियंत्रण के स्पष्ट यौन दृश्य और अश्लील सामग्री उपलब्ध करा रहे थे, जिससे नाबालिगों की पहुंच भी संभव हो रही थी।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कहा कि डिजिटल स्पेस में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान किया जाता है, लेकिन यह स्वतंत्रता कानून और सामाजिक मर्यादाओं की सीमा के भीतर होनी चाहिए। सरकार का कहना है कि भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक नैतिकता की रक्षा करना उसकी जिम्मेदारी है।
ओटीटी उद्योग के लिए संदेश
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम ओटीटी उद्योग के लिए स्पष्ट संदेश है कि स्व-नियमन के दायरे में रहते हुए भी प्लेटफॉर्म को कानूनी और सामाजिक मानकों का पालन करना होगा। पिछले कुछ वर्षों में ओटीटी प्लेटफॉर्म की संख्या और दर्शक आधार तेजी से बढ़ा है। इसी के साथ सामग्री की विविधता और बोल्डनेस को लेकर बहस भी तेज हुई है।
सरकार पहले भी अश्लील वेबसाइट्स और मोबाइल एप्लिकेशन के खिलाफ कार्रवाई करती रही है, लेकिन ओटीटी प्लेटफॉर्म पर इस तरह की सीधी और समन्वित कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आगे क्या?
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी यदि कोई डिजिटल प्लेटफॉर्म आईटी नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, उपयोगकर्ताओं से भी अपील की गई है कि वे किसी भी आपत्तिजनक या अवैध सामग्री की सूचना निर्धारित शिकायत पोर्टल पर दें।
इस कदम के बाद डिजिटल कंटेंट के नियमन को लेकर बहस और तेज होने की संभावना है। जहां एक ओर सरकार इसे सामाजिक जिम्मेदारी की दिशा में आवश्यक कदम बता रही है, वहीं कुछ विशेषज्ञ अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सेंसरशिप की सीमा पर चर्चा की जरूरत जता रहे हैं।
फिलहाल, संबंधित पांचों ओटीटी प्लेटफॉर्म भारत में एक्सेस नहीं किए जा सकेंगे, और यह कार्रवाई डिजिटल कंटेंट इकोसिस्टम में नियमन के नए अध्याय के रूप में देखी जा रही है।
