एल मेंचो पुलिस से ड्रग डॉन: फेंटानिल साम्राज्य की कहानी

पुलिस अधिकारी से दुनिया का सबसे खतरनाक ड्रग डॉन: एल मेंचो की डरावनी कहानी

Team The420
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नेमेसियो रूबेन ओसेगुएरा सर्वेंट्स, जिन्हें दुनिया एल मेंचो के नाम से जानती है, का सफर एक पुलिस अधिकारी से दुनिया के सबसे खतरनाक ड्रग माफिया बनने तक पहुंचा। मेक्सिको के मिचोआकन क्षेत्र में जन्मे 59 वर्षीय एल मेंचो ने शुरुआती जीवन में कानून प्रवर्तन विभाग में काम किया, लेकिन बाद में अपराध की दुनिया में कदम रख दिया।

1990 के दशक में वह अमेरिका चले गए, जहां ड्रग तस्करी के आरोप में उन्हें गिरफ्तार कर तीन साल जेल में रहना पड़ा। सजा पूरी होने के बाद वह मेक्सिको लौट आए और संगठित अपराध नेटवर्क से जुड़ गए। धीरे-धीरे उन्होंने अपना आपराधिक प्रभाव बढ़ाना शुरू किया और वर्ष 2007 में एरिक वालेंसिया सालाजार के साथ मिलकर जालिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल (CJNG) की स्थापना की।

खुफिया एजेंसियों के अनुसार यह कार्टेल जल्द ही लैटिन अमेरिका के सबसे खतरनाक आपराधिक संगठनों में बदल गया। संगठन को सैन्य शैली की संरचना, अत्याधुनिक हथियारों और हिंसक रणनीतियों के लिए जाना जाता है।

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फेंटानिल का घातक कारोबार: दुनिया के लिए बड़ा खतरा

हेरोइन से 50 गुना अधिक जहरीला सिंथेटिक ड्रग, अमेरिका में हर साल हजारों मौतें

एल मेंचो का कार्टेल मुख्य रूप से सिंथेटिक ड्रग फेंटानिल की तस्करी और उत्पादन के लिए बदनाम रहा। फेंटानिल अत्यंत शक्तिशाली ओपिओइड है, जिसकी मात्र दो मिलीग्राम खुराक भी किसी वयस्क के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि फेंटानिल हेरोइन से लगभग 50 गुना और मॉर्फिन से करीब 100 गुना अधिक शक्तिशाली है। सार्वजनिक स्वास्थ्य रिपोर्टों के अनुसार संयुक्त राज्य अमेरिका में हर वर्ष फेंटानिल ओवरडोज से 70 हजार से अधिक लोगों की मौत होती है।

कार्टेल मेक्सिको में गुप्त प्रयोगशालाएं भी संचालित करता था, जहां मेथामफेटामाइन और अन्य सिंथेटिक ड्रग बड़े पैमाने पर तैयार किए जाते थे। संगठन ने कोकीन सप्लाई के लिए दक्षिण अमेरिकी देशों जैसे कोलंबिया और पेरू के साथ अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क भी स्थापित किया था।

अमेरिकी ड्रग एन्फोर्समेंट एजेंसी (DEA) के अनुमान के अनुसार CJNG कार्टेल ड्रग तस्करी और संगठित अपराध गतिविधियों से हर साल लगभग 13.6 से 49.4 अरब डॉलर की अवैध कमाई करता था।

सैन्य शैली का आतंक नेटवर्क और हिंसक रणनीति

ड्रोन, रॉकेट लॉन्चर और सड़क नाकेबंदी से दहशत फैलाने का आरोप

खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक एल मेंचो का कार्टेल आधुनिक सैन्य तकनीक से लैस था। संगठन के पास ड्रोन, हेलिकॉप्टर गिराने में सक्षम रॉकेट लॉन्चर और भारी हथियार होने की आशंका जताई गई थी।

लगभग 50 प्रशिक्षित लड़ाकों का एक सशस्त्र समूह कई क्षेत्रों में स्थानीय पुलिस बलों को चुनौती देने की क्षमता रखता था। कार्टेल ने गिरफ्तारी के प्रयासों का जवाब हिंसा से देने की रणनीति अपनाई।

2020 में मेक्सिको सिटी के पुलिस प्रमुख पर हमले की घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी थी। हमलावर निर्माण मजदूरों का भेष बनाकर आए और बख्तरबंद वाहन पर ऑटोमैटिक हथियारों और ग्रेनेड से हमला किया था।

कार्टेल सदस्य अक्सर सुरक्षा बलों के अभियानों के दौरान बसों और ट्रकों को जलाकर सड़कों की नाकेबंदी कर देते थे। कोविड महामारी के दौरान संगठन ने कुछ क्षेत्रों में भोजन और आर्थिक सहायता बांटकर स्थानीय लोगों पर प्रभाव बढ़ाने की कोशिश भी की।

संयुक्त राज्य अमेरिका ने एल मेंचो को दुनिया के सबसे वांछित अपराधियों की सूची में शामिल किया था। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि फेंटानिल तस्करी और संगठित हिंसक नेटवर्क का विस्तार उत्तर और मध्य अमेरिका की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है।

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