बैंक अधिकारी बनकर ठगी करने वाला गिरोह पकड़ा, तीन गिरफ्तार

Team The420
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फर्जी बैंक अधिकारी बनकर इंश्योरेंस, क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने और केवाईसी अपडेट के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का साइबर पुलिस ने भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से आठ मोबाइल फोन, सात सिम कार्ड, पांच एटीएम कार्ड और 10 पासबुक बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान साउथ वेस्ट दिल्ली के कपासहेड़ा निवासी मोनू कुमार, मोहम्मद साजिद उर्फ गोलू और अंबेडकर कॉलोनी निवासी समीर आलम (23) के रूप में हुई है। तीनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

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बैंक अधिकारी बनकर करते थे कॉल

जांच में सामने आया कि आरोपी खुद को बैंक अधिकारी बताकर लोगों को कॉल करते थे और बीमा पॉलिसी, क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने या केवाईसी अपडेट का झांसा देते थे। इसके बाद वे पीड़ितों को एक एपीके फाइल डाउनलोड करने के लिए कहते थे, जिसे इंस्टॉल करते ही मोबाइल का रिमोट एक्सेस उनके पास चला जाता था।

इसके जरिए आरोपी ओटीपी, बैंकिंग ऐप और एसएमएस की जानकारी हासिल कर खातों से पैसे ट्रांसफर कर लेते थे। कई मामलों में पीड़ितों को ठगी का पता तब चलता था जब उनके खाते से रकम निकल चुकी होती थी।

राष्ट्रीय साइबर पोर्टल पर 15 शिकायतें

पुलिस के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर कम से कम 15 शिकायतें दर्ज हैं। अलग-अलग राज्यों के पीड़ितों को इसी तरीके से निशाना बनाया गया था। बरामद पासबुक और एटीएम कार्ड से यह भी संकेत मिला है कि गिरोह कई म्यूल अकाउंट के जरिए पैसे घुमाता था ताकि असली लाभार्थी तक पहुंचना मुश्किल हो।

तकनीकी साक्ष्य जुटा रही पुलिस

साइबर पुलिस अब जब्त मोबाइल फोन, सिम कार्ड और बैंक खातों के ट्रांजेक्शन की फॉरेंसिक जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि ठगी की रकम किन खातों में गई और गिरोह के अन्य सदस्य कहां सक्रिय हैं।

लोगों के लिए चेतावनी

अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी है कि बैंक कभी भी एपीके फाइल डाउनलोड करने के लिए नहीं कहता। अज्ञात लिंक, ऐप या स्क्रीन शेयरिंग से बचें और किसी को ओटीपी या बैंकिंग जानकारी साझा न करें।

पुलिस का कहना है कि गिरोह के नेटवर्क को खंगाला जा रहा है और आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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