तेलंगाना में बहुचर्चित ₹547 करोड़ के साइबर फ्रॉड मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए खम्मम पुलिस ने मुख्य आरोपी उदत्थनेनी विकास चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है। लंबे समय से फरार चल रहे विकास को 13 अन्य आरोपियों के साथ पकड़ा गया और न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह ऑनलाइन गेमिंग, बेटिंग, क्रिप्टोकरेंसी और शेयर ट्रेडिंग में ऊंचे मुनाफे का झांसा देकर देशभर के लोगों से ठगी कर रहा था।
मामले में शिकायत मिलने के बाद सथुपल्ली थाने में विकास चौधरी, उसकी पत्नी बोप्पना नागप्रिया और उनके सहयोगी अडापा राम वेंकट चरण चौधरी के खिलाफ केस दर्ज किया गया। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) (धोखाधड़ी), 319(2) (प्रतिरूपण द्वारा धोखाधड़ी), 336(3) (जालसाजी), 338 (कीमती प्रतिभूतियों की जालसाजी) तथा 3(5) (सामान्य आशय) और आईटी एक्ट की धारा 66-डी के तहत कार्रवाई की गई है।
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यह कार्रवाई पहले से दर्ज एक बड़े साइबर अपराध मामले की कड़ी मानी जा रही है। 24 दिसंबर को वीएम बंजार थाने में दर्ज केस में 24 लोगों को नामजद किया गया था, जिनमें से 18 को जनवरी में ही गिरफ्तार कर लिया गया था। ताजा गिरफ्तारी उसी नेटवर्क का विस्तार है।
पुलिस जांच में सामने आया कि विकास और नागप्रिया वर्ष 2020 से ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग गतिविधियों में सक्रिय थे। उन्होंने विदेश में बैठे साइबर अपराधियों से संपर्क स्थापित कर कॉल सेंटर के माध्यम से भारतीय नागरिकों को व्हाट्सऐप कॉल किए। उन्हें क्रिप्टो निवेश, शेयर बाजार ट्रेडिंग, रिवॉर्ड प्वाइंट्स और यहां तक कि मैट्रिमोनी साइट्स पर विशेष ऑफर का लालच दिया जाता था।
पीड़ितों को टेलीग्राम ग्रुप में जोड़कर नकली लिंक और क्यूआर कोड भेजे जाते थे। इन माध्यमों से बैंक खातों से रकम उड़ा ली जाती थी। जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह ने 22 ‘म्यूल अकाउंट्स’ का इस्तेमाल किया, जिनके जरिए ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर ट्रेल छिपाई जाती थी। चरण चौधरी ने पूछताछ में इन खातों की व्यवस्था कराने की बात कबूल की है। उसके बयान के आधार पर 12 और लोगों को गिरफ्तार किया गया। फिलहाल नागप्रिया समेत आठ आरोपी फरार हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, विकास चौधरी हैदराबाद में ‘एक्सट्रिका स्पेसेज’ नामक इंटीरियर डिजाइन कंपनी चलाता था और कथित तौर पर अवैध कमाई से आलीशान जीवनशैली जी रहा था। वह चार्टर्ड विमानों से यात्रा करता, पांच सितारा होटलों में ठहरता और हाई-प्रोफाइल संपर्क बनाए रखता था। सोशल मीडिया पर उसकी कुछ तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें वह राजनीतिक हस्तियों के साथ दिखाई देता है।
गौरतलब है कि तेलंगाना में हाल के वर्षों में साइबर अपराध के मामलों में तेजी आई है। राज्य पुलिस ने पहले भी बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जिनमें अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन सामने आए हैं। इस मामले में भी विदेशी लिंक की जांच की जा रही है और डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक पड़ताल जारी है।
पुलिस का कहना है कि विकास चौधरी अग्रिम जमानत हासिल करने की कोशिश में था, लेकिन राहत न मिलने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अब प्रवर्तन एजेंसियां मनी ट्रेल, संपत्तियों और संभावित निवेशों की जांच कर रही हैं।
अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि ऑनलाइन निवेश, गेमिंग या क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर मिलने वाले अवास्तविक मुनाफे के प्रस्तावों से सतर्क रहें। अज्ञात लिंक, क्यूआर कोड या टेलीग्राम ग्रुप में जुड़ने से पहले सत्यापन करें और संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर दें।
मामले की जांच जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी होगी।
