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Vodafone ने शुरू किया Number Verify 2.0 का वैश्विक रोलआउट, SMS OTP के बिना मोबाइल नंबर सत्यापन से ऑनलाइन धोखाधड़ी पर लगेगी रोक

Team The420
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जर्मनी, नीदरलैंड और यूनाइटेड किंगडम से शुरू हुई नई सेवा मोबाइल नेटवर्क आधारित SIM सत्यापन के जरिए उपयोगकर्ताओं की पहचान की पुष्टि करेगी। कंपनी का दावा है कि यह तकनीक फ़िशिंग, सोशल इंजीनियरिंग और OTP से जुड़े साइबर हमलों के जोखिम को कम करते हुए अधिक सुरक्षित और सहज प्रमाणीकरण उपलब्ध कराएगी।

नई दिल्ली/लंदन: वैश्विक दूरसंचार कंपनी Vodafone ने ऑनलाइन पहचान सत्यापन को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए Number Verify 2.0 सेवा का वैश्विक रोलआउट शुरू कर दिया है। पहले चरण में यह सेवा जर्मनी, नीदरलैंड और यूनाइटेड किंगडम में शुरू की गई है। कंपनी के अनुसार यह अगली पीढ़ी का मोबाइल नंबर सत्यापन समाधान पारंपरिक SMS आधारित वन-टाइम पासवर्ड (OTP) प्रणाली पर निर्भरता कम करेगा और मोबाइल नेटवर्क के माध्यम से उपयोगकर्ता की पहचान का सुरक्षित सत्यापन करेगा।

Vodafone के अनुसार Number Verify 2.0 व्यवसायों को किसी उपयोगकर्ता का मोबाइल नंबर सत्यापित करने का अधिक सुरक्षित, तेज और सहज तरीका उपलब्ध कराता है। यह तकनीक जांच करती है कि संबंधित मोबाइल नंबर वास्तव में उसी SIM कार्ड और डिवाइस से जुड़ा है या नहीं। यह प्रक्रिया मोबाइल डेटा और Wi-Fi दोनों नेटवर्क पर कार्य करती है तथा मोबाइल एप्लिकेशन और वेब प्लेटफॉर्म दोनों के लिए उपलब्ध है।

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कंपनी के अनुसार इस प्रणाली में उपयोगकर्ता की सहमति मिलने के बाद उसका मोबाइल नंबर सुरक्षित तरीके से संबंधित सेवा प्रदाता, जैसे बैंक, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म या अन्य डिजिटल सेवा प्रदाता, के साथ साझा किया जाता है। पूरी प्रक्रिया में उपयोगकर्ता को OTP दर्ज करने की आवश्यकता नहीं होती, जिससे सत्यापन अधिक तेज और सुविधाजनक बन जाता है।

Vodafone का कहना है कि वर्तमान डिजिटल पहचान प्रणाली की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि मोबाइल नंबर व्यापक रूप से पंजीकरण, लॉग-इन, खाता पुनर्प्राप्ति और वित्तीय लेनदेन की पुष्टि के लिए उपयोग किए जाते हैं, लेकिन उनका सत्यापन अभी भी मुख्य रूप से SMS OTP पर आधारित है। कंपनी के अनुसार OTP केवल यह पुष्टि करता है कि किसी मोबाइल नंबर पर भेजा गया कोड दर्ज किया गया है, लेकिन इससे यह प्रमाणित नहीं होता कि वास्तविक ग्राहक स्वयं प्रक्रिया पूरी कर रहा है या प्रमाणीकरण के दौरान कोई धोखाधड़ी नहीं हुई है।

कंपनी ने चेतावनी दी कि साइबर अपराधी फ़िशिंग, सोशल इंजीनियरिंग और Artificially Inflated Traffic (AIT) जैसी तकनीकों का उपयोग कर बड़ी संख्या में फर्जी OTP अनुरोध उत्पन्न करते हैं। इससे न केवल व्यवसायों की लागत बढ़ती है बल्कि ग्राहकों के साथ वित्तीय धोखाधड़ी का जोखिम भी बढ़ जाता है। Vodafone का दावा है कि Number Verify 2.0 इन जोखिमों को कम करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।

Vodafone में नेटवर्क API की निदेशक जोहाना वुड ने कहा कि पिछले एक दशक से SMS OTP डिजिटल प्रमाणीकरण का प्रमुख माध्यम रहा है, लेकिन वर्तमान साइबर खतरे पहले की तुलना में कहीं अधिक जटिल हो चुके हैं। उनके अनुसार Number Verify 2.0 डेवलपर्स और उद्यमों को मोबाइल नंबर सत्यापित करने का ऐसा समाधान उपलब्ध कराता है जो अधिक तेज, सुरक्षित और उपयोगकर्ता के लिए निर्बाध अनुभव प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि तीन देशों में एक साथ इसकी शुरुआत कंपनी के वैश्विक विस्तार की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम है।

कंपनी के अनुसार नई सेवा से बैंक, रिटेल कंपनियां, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और अन्य डिजिटल सेवा प्रदाताओं को कई लाभ मिलेंगे। इनमें उपयोगकर्ता ऑनबोर्डिंग और लॉग-इन प्रक्रिया के दौरान मोबाइल नंबर मैन्युअली दर्ज करने और OTP की प्रतीक्षा समाप्त होने से कन्वर्ज़न दर बढ़ना, मानव-पठनीय OTP समाप्त होने से फ़िशिंग और सोशल इंजीनियरिंग का जोखिम कम होना तथा अनावश्यक SMS लागत और असफल OTP प्रयासों में कमी शामिल है। फिलहाल यह सेवा चरणबद्ध तरीके से Android उपकरणों पर उपलब्ध कराई जा रही है।

प्रख्यात साइबर अपराध विशेषज्ञ एवं पूर्व IPS अधिकारी प्रो. त्रिवेणी सिंह ने कहा कि OTP आधारित प्रमाणीकरण लंबे समय से साइबर अपराधियों के निशाने पर रहा है और सिम स्वैप, फ़िशिंग, मैलवेयर तथा सोशल इंजीनियरिंग के माध्यम से इसे लगातार निशाना बनाया जाता रहा है। उनके अनुसार मोबाइल नेटवर्क आधारित पहचान सत्यापन जैसी तकनीकें डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं, लेकिन इन्हें बहु-स्तरीय प्रमाणीकरण, व्यवहार आधारित जोखिम विश्लेषण और मजबूत साइबर जागरूकता के साथ लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बैंक, फिनटेक कंपनियों, दूरसंचार सेवा प्रदाताओं और नियामक संस्थाओं के बीच रीयल-टाइम सहयोग भविष्य की डिजिटल वित्तीय सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक होगा।

Vodafone ने बताया कि Number Verify 2.0 CAMARA अंतरराष्ट्रीय मानक पर आधारित है, जिससे विभिन्न दूरसंचार ऑपरेटरों और देशों के बीच बेहतर इंटरऑपरेबिलिटी सुनिश्चित होगी। कंपनी का कहना है कि डेवलपर्स एक बार इस API को एकीकृत करने के बाद भविष्य में अन्य समर्थित बाजारों में भी इसे आसानी से लागू कर सकेंगे, क्योंकि वैश्विक स्तर पर इस तकनीक का विस्तार चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।

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