कोलकाता में कारोबारी Joy Kamdar और उनके भाई के खिलाफ संपत्ति प्रोजेक्ट में 25% मुनाफे के कथित वादे को लेकर नई FIR दर्ज की गई है।

25% मुनाफे का वादा, फिर संपत्ति विवाद में फंसे Joy Kamdar और भाई; नई FIR दर्ज

Team The420
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कोलकाता: पश्चिम बंगाल के कारोबारी Joy Kamdar और उनके भाई के खिलाफ संपत्ति से जुड़े कथित धोखाधड़ी के मामले में नई FIR दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि प्रस्तावित प्रोजेक्ट के लिए संपत्ति अधिग्रहण में सहयोग करने के बदले उसे कुल मुनाफे का 25 प्रतिशत हिस्सा देने का भरोसा दिया गया था। आरोप है कि इस आश्वासन के आधार पर शिकायतकर्ता ने संपत्ति से संबंधित प्रक्रिया में सहयोग किया, लेकिन बाद में उसे कथित तौर पर तय लाभ नहीं मिला। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपों की जांच शुरू कर दी है।

मामले में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि Joy Kamdar और उनके भाई ने प्रस्तावित परियोजना को लेकर उसके सामने कारोबारी लाभ का प्रस्ताव रखा था। उसे बताया गया था कि परियोजना के लिए संबंधित संपत्ति हासिल करने की प्रक्रिया में सहयोग करने पर भविष्य में होने वाले कुल मुनाफे का 25 प्रतिशत हिस्सा दिया जाएगा। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस प्रस्ताव ने उसे संपत्ति के अधिग्रहण से जुड़ी प्रक्रिया में शामिल होने के लिए तैयार किया। बाद में जब कथित तौर पर वादे के मुताबिक लाभ नहीं मिला, तो विवाद सामने आया और शिकायतकर्ता ने पुलिस का रुख किया।

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शिकायत में संपत्ति के अधिग्रहण, प्रस्तावित परियोजना और पक्षों के बीच हुए कथित कारोबारी समझौते से जुड़े पहलुओं को उठाया गया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि उसे आर्थिक लाभ का भरोसा देकर परियोजना से संबंधित गतिविधियों में सहयोग करने के लिए राजी किया गया था। हालांकि, बाद की परिस्थितियों में कथित समझौते के अनुसार उसे मुनाफे में हिस्सा नहीं मिला। इसके बाद उसने संबंधित लेनदेन और पूरे घटनाक्रम की जांच की मांग करते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस की जांच में अब यह महत्वपूर्ण होगा कि शिकायतकर्ता और आरोपियों के बीच किस तरह का समझौता हुआ था और 25 प्रतिशत मुनाफे की हिस्सेदारी का कथित वादा किन शर्तों पर किया गया था। जांच एजेंसी संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, समझौते, भुगतान से संबंधित रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन और पक्षों के बीच हुई बातचीत या अन्य संचार की पड़ताल कर सकती है। प्रस्तावित परियोजना की प्रकृति, संपत्ति के अधिग्रहण की प्रक्रिया और उसमें शामिल पक्षों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।

संपत्ति से जुड़े कारोबारी विवादों में दस्तावेजी साक्ष्य की अहम भूमिका होती है। इसलिए पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि शिकायतकर्ता ने किस आधार पर संपत्ति के अधिग्रहण में सहयोग किया और उसके बदले कथित तौर पर मुनाफे में हिस्सेदारी देने की क्या व्यवस्था तय हुई थी। यदि कोई लिखित समझौता, भुगतान संबंधी रिकॉर्ड या अन्य दस्तावेज मौजूद हैं, तो उनकी जांच आरोपों की पुष्टि या खंडन में महत्वपूर्ण हो सकती है। इसके साथ ही प्रस्तावित प्रोजेक्ट से संबंधित वित्तीय और कारोबारी रिकॉर्ड भी जांचे जा सकते हैं।

जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी होगा कि संपत्ति के अधिग्रहण और प्रस्तावित परियोजना के बीच वास्तविक कारोबारी संबंध क्या था। पुलिस यह भी देख सकती है कि परियोजना आगे बढ़ी या नहीं, उससे कोई आय या मुनाफा हुआ या नहीं और यदि हुआ तो उस रकम से संबंधित वित्तीय रिकॉर्ड क्या कहते हैं। शिकायतकर्ता को कथित 25 प्रतिशत हिस्सेदारी देने की शर्त वास्तविक कारोबारी समझौते का हिस्सा थी या नहीं, यह भी जांच के दौरान स्पष्ट किया जाना है।

नई FIR दर्ज होने के बाद मामले ने कानूनी रूप ले लिया है। हालांकि, प्राथमिकी में लगाए गए आरोप फिलहाल शिकायतकर्ता के दावों पर आधारित हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। आरोपियों की ओर से मामले में क्या जवाब दिया जाता है, यह भी आगे की कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। पुलिस उपलब्ध दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपों की सत्यता की जांच करेगी।

मामले की जांच आगे बढ़ने पर संपत्ति सौदे से जुड़े अन्य लोगों से पूछताछ और अतिरिक्त दस्तावेजों की जांच भी संभव है। यदि पुलिस को कथित धोखाधड़ी के आरोपों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं, तो कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल Joy Kamdar और उनके भाई के खिलाफ दर्ज नई FIR ने प्रस्तावित संपत्ति परियोजना और मुनाफे में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी के कथित वादे को जांच के केंद्र में ला दिया है।

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