वाराणसी में खनन प्रोजेक्ट में निवेश के नाम पर कारोबारी से ₹5.60 करोड़ की ठगी और अलग मामले में ATM कार्ड बदलकर ₹35 हजार निकालने का मामला सामने आया।

निवेश के नाम पर ₹5.60 करोड़ की ठगी: खनन प्रोजेक्ट का झांसा देकर कारोबारी से बड़ा खेल, एटीएम बदलकर भी उड़ाए पैसे

Team The420
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वाराणसी। शहर में निवेश और डिजिटल धोखाधड़ी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक कारोबारी से खनन उद्योग में भारी मुनाफे का झांसा देकर ₹5.60 करोड़ की ठगी कर ली गई। इसके साथ ही अलग घटना में एटीएम कार्ड बदलकर ₹35 हजार की निकासी का मामला भी दर्ज किया गया है, जिससे साइबर और वित्तीय धोखाधड़ी के बढ़ते खतरे उजागर हुए हैं।

पहले मामले में अगस्तकुंडा निवासी आशीष गुप्ता ने दशाश्वमेध थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, पिंडरा के नेहिया निवासी पवन कुमार सिंह ने खुद को खनन उद्योग से जुड़ा एक प्रभावशाली व्यवसायी बताकर उनसे संपर्क किया। आरोपी ने दावा किया कि उसकी आगामी खनन परियोजनाओं में निवेश करने पर 20 प्रतिशत वार्षिक रिटर्न मिलेगा। इतना ही नहीं, उसने खनन लाइसेंस दिलाने और उपकरण खरीद में भी साझेदारी का भरोसा दिलाया।

आरोपी ने अपने झांसे को मजबूत करने के लिए शुरुआत में कुछ छोटी रकम का रिटर्न भी दिया, जिससे पीड़ित का विश्वास और बढ़ गया। इसके बाद 29 अप्रैल 2023 से जुलाई 2024 के बीच आशीष गुप्ता ने अलग-अलग किस्तों में कुल ₹5.60 करोड़ निवेश कर दिए। जांच में सामने आया कि यह पूरा निवेश एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा था, जिसमें आरोपी ने दिखावटी कारोबारी पहचान बनाकर करोड़ों रुपये हड़प लिए।

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शिकायत के अनुसार, जब पीड़ित ने अपने निवेश की वास्तविक स्थिति और लाभ की मांग शुरू की, तो आरोपी ने अचानक संपर्क बंद कर दिया और मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया। इसके बाद वह शहर से फरार हो गया। इतना ही नहीं, पीड़ित को कथित तौर पर अन्य लोगों के माध्यम से धमकियां भी दी जा रही हैं, जिसमें जान से मारने की धमकी का आरोप शामिल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है।

इसी दौरान वाराणसी में एक अलग एटीएम फ्रॉड का मामला भी सामने आया है। न्यू कॉलोनी ककरमत्ता निवासी अशोक कुमार सिंह के साथ धोखाधड़ी करते हुए ठगों ने उनका एटीएम कार्ड बदलकर ₹35 हजार रुपये निकाल लिए। पीड़ित जब ककरमत्ता स्थित एटीएम से पैसे निकालने पहुंचे, तो वहां मौजूद कुछ लोगों ने बातों में उलझाकर कार्ड बदल दिया। कुछ ही देर में उनके खाते से रकम निकाल ली गई।

इस घटना के बाद भेलूपुर थाने में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, इस तरह के एटीएम फ्रॉड में अपराधी अक्सर भीड़भाड़ वाले एटीएम केंद्रों को निशाना बनाते हैं और लोगों को बातचीत में उलझाकर कार्ड बदल देते हैं। बाद में कार्ड का उपयोग कर तुरंत निकासी कर ली जाती है।

दोनों मामलों ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि वित्तीय धोखाधड़ी के तरीके लगातार बदल रहे हैं। एक ओर जहां बड़े निवेश के नाम पर संगठित ठगी की जा रही है, वहीं दूसरी ओर छोटे स्तर पर एटीएम फ्रॉड जैसे अपराध भी सक्रिय हैं।

पुलिस दोनों मामलों की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश में जुटी है कि क्या इस तरह के मामलों के पीछे कोई संगठित गिरोह काम कर रहा है। साथ ही, आम लोगों से अपील की गई है कि किसी भी निवेश प्रस्ताव की पूरी जांच-पड़ताल किए बिना पैसे न लगाएं और एटीएम उपयोग के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतें।

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