नई दिल्ली: अमेरिका में रह रहे विदेशी नागरिकों के लिए इमीग्रेशन प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण नियम में बदलाव होने जा रहा है। अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (USCIS) ने Form I-539 और Form I-765 के नए संस्करण लागू करने की घोषणा की है। यह बदलाव 15 सितंबर 2026 से प्रभावी होगा। खास तौर पर अमेरिका में रह रहे भारतीय छात्रों, एक्सचेंज विजिटर्स और अन्य गैर-आप्रवासी नागरिकों के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण है, क्योंकि इन फॉर्मों का इस्तेमाल स्टेटस बढ़ाने, स्टेटस बदलने और रोजगार की अनुमति हासिल करने जैसी प्रक्रियाओं में किया जाता है।
USCIS ने स्पष्ट किया है कि नए संस्करण लागू होने के बाद पुराने फॉर्म के लिए कोई ग्रेस पीरियड नहीं दिया जाएगा। यानी 15 सितंबर 2026 या उसके बाद यदि किसी आवेदक ने पुराने संस्करण का फॉर्म जमा किया, तो आवेदन अस्वीकार किया जा सकता है। इसलिए आवेदकों को आवेदन भेजने से पहले संबंधित फॉर्म के संस्करण और उसकी प्रभावी तारीख की जांच करना जरूरी होगा।
Form I-539 में बदलाव
Form I-539 का इस्तेमाल अमेरिका में मौजूद कुछ गैर-आप्रवासी नागरिक अपने अधिकृत प्रवास की अवधि बढ़ाने या एक गैर-आप्रवासी स्टेटस से दूसरे स्टेटस में बदलाव के लिए करते हैं। इसमें पात्र छात्र, एक्सचेंज विजिटर्स और कुछ अन्य गैर-आप्रवासी श्रेणियों के लोग शामिल हो सकते हैं।
15 सितंबर से पहले दाखिल किए जाने वाले आवेदन के लिए लागू संस्करण की तारीख का विशेष ध्यान रखना होगा, जबकि 15 सितंबर 2026 से नए संस्करण का इस्तेमाल करना अनिवार्य होगा। आवेदकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि आवेदन के साथ सही और वर्तमान फॉर्म ही भेजा गया है।
हालांकि, हर गैर-आप्रवासी आवेदक Form I-539 का इस्तेमाल नहीं कर सकता। यह फॉर्म खास वीजा श्रेणियों के लिए लागू होता है और आवेदन करने से पहले पात्रता की जांच आवश्यक है।
Form I-765 भी होगा अपडेट
दूसरा महत्वपूर्ण बदलाव Form I-765 से संबंधित है। यह फॉर्म Employment Authorization Document यानी EAD या वर्क परमिट के लिए इस्तेमाल किया जाता है। अमेरिका में काम करने की अनुमति के लिए पात्र विदेशी नागरिकों को इस फॉर्म के जरिए आवेदन करना पड़ता है।
15 सितंबर 2026 से Form I-765 का नया संस्करण इस्तेमाल करना होगा। इससे पहले आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को उस तारीख तक लागू पुराने संस्करण का उपयोग करना होगा। नए नियम के बाद पुराने फॉर्म पर आवेदन भेजने से बचना होगा, क्योंकि USCIS ऐसे आवेदन स्वीकार करने के बजाय उन्हें खारिज कर सकता है।
भारतीय आवेदकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण?
अमेरिका में बड़ी संख्या में भारतीय छात्र, पेशेवर, एक्सचेंज विजिटर्स और अन्य गैर-आप्रवासी नागरिक अलग-अलग इमीग्रेशन प्रक्रियाओं से गुजरते हैं। ऐसे लोगों के लिए फॉर्म की सही पहचान और उसका नवीनतम संस्करण इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है।
विशेष रूप से जिन लोगों का अमेरिका में रहने का अधिकृत समय समाप्त होने वाला है या जिन्हें रोजगार की अनुमति के लिए आवेदन करना है, उन्हें अंतिम समय का इंतजार नहीं करना चाहिए। आवेदन प्रक्रिया शुरू करने से पहले USCIS की आधिकारिक जानकारी के अनुसार सही फॉर्म और संस्करण की पुष्टि करना जरूरी होगा।
H-1B समेत कुछ श्रेणियों में I-539 नहीं
USCIS के नियमों में एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि सभी वर्क-वीजा धारक Form I-539 के जरिए स्टेटस एक्सटेंशन या बदलाव के लिए आवेदन नहीं करते। H-1B, L-1, O-1, P और TN जैसी कई रोजगार आधारित गैर-आप्रवासी श्रेणियों में संबंधित प्रक्रिया के लिए Form I-129 का इस्तेमाल किया जाता है।
इसलिए वीजा या इमीग्रेशन स्टेटस बढ़ाने वाले आवेदकों को केवल फॉर्म का नाम देखकर आवेदन नहीं करना चाहिए। गलत फॉर्म का चयन आवेदन प्रक्रिया में गंभीर समस्या पैदा कर सकता है।
15 सितंबर की समयसीमा को देखते हुए अमेरिका में रह रहे विदेशी नागरिकों, खासकर भारतीय छात्रों और अन्य गैर-आप्रवासियों को अपने आवेदन की श्रेणी, फॉर्म संस्करण और जमा करने की तारीख की सावधानीपूर्वक जांच करनी होगी। नए नियम का उद्देश्य इमीग्रेशन आवेदन प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाले फॉर्मों को अपडेट करना है, लेकिन आवेदकों के लिए सही संस्करण का इस्तेमाल करना अब पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो जाएगा।
