चंदौली: उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में एमएलसी पद दिलाने के नाम पर ₹17.22 लाख की कथित ठगी के मामले में पुलिस ने आरोपी चंद्रबहादुर मौर्य को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने महिला को एमएलसी पद दिलाने का भरोसा देकर कई चरणों में रकम ली। काफी समय बाद जब महिला ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी ने कथित तौर पर गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने पहले ही मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। सोमवार को पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
मामला अलीनगर थाना क्षेत्र के कैली गांव से जुड़ा है। गांव निवासी रीता चिरई ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया था कि भदोही जिले के पिपरी गांव निवासी चंद्रबहादुर मौर्य ने उन्हें एमएलसी पद दिलाने का भरोसा दिया था। आरोप है कि इसी आश्वासन के आधार पर आरोपी ने उनसे कुल ₹17 लाख 22 हजार रुपये ले लिए। महिला के मुताबिक, रकम देने के बावजूद न तो उन्हें पद दिलाया गया और न ही उनकी राशि वापस की गई।
शिकायत के अनुसार, जब रीता चिरई ने चंद्रबहादुर मौर्य से अपनी रकम वापस करने के लिए कहा तो आरोपी ने कथित तौर पर टालमटोल शुरू कर दी। बाद में पैसे की मांग करने पर गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया। इसके बाद महिला ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने उनकी तहरीर के आधार पर 7 दिसंबर 2025 को अलीनगर थाने में मुकदमा दर्ज किया था।
मुकदमे में धोखाधड़ी, रकम के गबन, गाली-गलौज और धमकी समेत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में आरोप लगाए गए थे। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने शिकायत में लगाए गए आरोपों से जुड़े दस्तावेज और अन्य तथ्यों को जुटाने की प्रक्रिया शुरू की। आरोपी की तलाश भी की जा रही थी।
पुलिस के मुताबिक, सोमवार सुबह आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की गई। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने सुबह करीब 8:05 बजे गंजीप्रसाद तिराहे के आगे जीटीआर पुल की बायीं पटरी के पास घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही आरोपी को पकड़ लिया गया। उसकी पहचान चंद्रबहादुर मौर्य, उम्र करीब 41 वर्ष, के रूप में हुई। पुलिस ने उसे मामले में वांछित आरोपी बताया है।
जांच एजेंसी अब आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि कथित तौर पर ली गई ₹17.22 लाख की रकम का इस्तेमाल कहां किया गया और क्या इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने महिला को एमएलसी पद दिलाने का भरोसा किस आधार पर दिया था और इस संबंध में कोई दस्तावेज, संदेश या अन्य साक्ष्य उपलब्ध हैं या नहीं। इसके अलावा लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा सकती है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में आगे की कार्रवाई विवेचना और पूछताछ के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को संबंधित कानूनी प्रक्रिया के तहत न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच जारी है।
मामले की कार्रवाई पुलिस टीम ने की और आरोपी को निर्धारित स्थान से गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि कहीं आरोपी ने इसी तरह किसी अन्य व्यक्ति को भी पद दिलाने का झांसा देकर रकम तो नहीं ली। यदि जांच में ऐसे तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित मामलों को भी जांच के दायरे में शामिल किया जाएगा।
