आगरा: रियल एस्टेट में निवेश कर दो साल में रकम दोगुनी करने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की कथित ठगी करने वाले गिरोह के दो और सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। कमला नगर थाना पुलिस ने मामले में नामजद युवराज सिंह और राहुल सोनी को कई दिनों की तलाश के बाद पकड़ा। पुलिस की जांच में अब तक करीब ₹27 करोड़ की कथित ठगी का सुराग मिला है। इनमें से लगभग ₹12 करोड़ की ठगी के पीड़ित कमला नगर पुलिस के सामने आ चुके हैं, जबकि राजस्थान के लोगों से भी ₹15 करोड़ से अधिक की रकम ठगे जाने की जानकारी पुलिस को मिली है।
मामले में पुलिस के अनुसार, आरोपित लोगों को ‘ABNL World’ नाम की कंपनी में निवेश करने के लिए तैयार करते थे। उन्हें बताया जाता था कि कंपनी रियल एस्टेट के कारोबार में पैसा लगाती है और निवेशकों को आकर्षक मुनाफा देती है। इसी के साथ यह भरोसा दिलाया जाता था कि निवेश की गई रकम दो साल में दोगुनी हो जाएगी। ज्यादा रिटर्न के लालच में कई लोगों ने अपनी जमा पूंजी कथित तौर पर कंपनी में लगा दी। आरोप है कि रकम लेने के बाद निवेशकों को न तो वादा किया गया लाभ मिला और न ही उनकी मूल रकम वापस की गई।
पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड सत्यप्रकाश तित्थल पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। कमला नगर निवासी सत्यप्रकाश तित्थल को टूंडला से गिरफ्तार करने के बाद जेल भेजा गया था। मामले में उसकी पत्नी के अलावा युवराज सिंह की पत्नी और राहुल सोनी की पत्नी को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू होने के बाद ये आरोपी भूमिगत हो गए और उनकी तलाश जारी है।
पैसों का हिसाब किसके पास?
जांच में सबसे बड़ा सवाल कथित तौर पर ठगी गई रकम के ठिकाने को लेकर है। पुलिस अभी तक यह पता नहीं लगा सकी है कि निवेशकों से जुटाई गई करोड़ों रुपये की रकम कहां रखी गई या किन संपत्तियों और खातों में लगाई गई। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कथित तौर पर यह बात सामने आई कि पूरे वित्तीय लेनदेन और रकम का हिसाब विशाल तित्थल के पास रहता था। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि ठगी की रकम कहां और किस तरह ठिकाने लगाई गई, इसकी जानकारी विशाल तित्थल ही दे सकता है।
जांच एजेंसी अब बैंक खातों, संपत्तियों, लेनदेन और आरोपियों से जुड़े अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि निवेश के नाम पर जुटाई गई रकम को किस माध्यम से दूसरे लोगों तक पहुंचाया गया और क्या इसे किसी संपत्ति या अन्य कारोबार में लगाया गया।
पीड़ितों को अब तक रकम वापसी का इंतजार
करोड़ों रुपये की ठगी सामने आने के बावजूद अभी तक पुलिस के हाथ एक रुपये की भी बरामदगी नहीं लगी है। इससे पीड़ितों की चिंता बढ़ी हुई है। कई लोगों ने अपनी जमा पूंजी इस उम्मीद में लगाई थी कि निर्धारित अवधि के बाद उन्हें दोगुनी रकम मिलेगी, लेकिन अब उन्हें मूल रकम वापस मिलने को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में पीड़ितों की संख्या और ठगी की कुल रकम आगे बढ़ सकती है। राजस्थान में भी बड़ी संख्या में लोगों को इसी तरीके से कथित तौर पर निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई है। इससे जांच का दायरा आगरा से बाहर दूसरे राज्यों तक बढ़ गया है।
गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास के अनुसार, मामले में आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ठगी की रकम से अर्जित की गई संपत्तियों का पता लगाकर उन्हें जब्त करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाएगी। इसके अलावा यह जांच की जा रही है कि आरोपियों ने कथित ठगी की रकम से जमीन, मकान, वाहन या अन्य संपत्तियां खरीदी हैं या नहीं। पुलिस का लक्ष्य गिरोह के पूरे नेटवर्क का पता लगाने के साथ रकम के अंतिम ठिकाने तक पहुंचना और कानूनी प्रक्रिया के तहत संपत्ति पर कार्रवाई करना है।
