दिल्ली पुलिस ने UPSC कोचिंग प्लेटफॉर्म से 2,400 से अधिक शैक्षणिक वीडियो चोरी कर टेलीग्राम चैनलों पर बेचने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया।

UPSC कोचिंग प्लेटफॉर्म से 2,400 यूट्यूब वीडियो की डिजिटल चोरी: दिल्ली पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार

Team The420
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संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी कराने वाले एक प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान के यूट्यूब प्लेटफॉर्म से 2,400 से अधिक शैक्षणिक वीडियो कथित रूप से चोरी करने के मामले में दिल्ली पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उत्तर प्रदेश, हरियाणा और झारखंड में समन्वित छापेमारी के बाद आरोपियों को पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपियों में एक बीटेक स्नातक और एक डिप्लोमा इंजीनियर भी शामिल हैं। पुलिस ने डिजिटल पाइरेसी में इस्तेमाल किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के कासगंज निवासी 21 वर्षीय युवराज, झारखंड निवासी 23 वर्षीय डिप्लोमा इंजीनियर निरंजन कुमार मंडल तथा 28 वर्षीय बीटेक इंजीनियर शुभम कुमार पांडेय के रूप में हुई है। निरंजन और शुभम फरीदाबाद स्थित एक निजी कंपनी में कार्यरत थे, जबकि युवराज प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था।

मामले की जांच तब शुरू हुई जब कोचिंग संस्थान के निदेशक सुनील कुमार ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया कि संस्थान के यूट्यूब चैनल पर 2,500 से अधिक पेड और फ्री शैक्षणिक वीडियो उपलब्ध थे, जिन्हें कथित रूप से अवैध तरीके से डाउनलोड कर टेलीग्राम चैनलों के माध्यम से बेचा जा रहा था।

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शिकायत मिलने के बाद साइबर पुलिस ने मामला दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इस पूरे नेटवर्क में इस्तेमाल की गई टेलीग्राम पहचान फर्जी थी। हालांकि विस्तृत डिजिटल विश्लेषण के आधार पर पुलिस मुख्य आरोपी युवराज तक पहुंची, जिसे अलीगढ़ में छापेमारी कर गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में युवराज ने कथित रूप से खुलासा किया कि उसने एक टेलीग्राम बॉट का उपयोग कर कोचिंग संस्थान का स्टडी मटेरियल और वीडियो निकाले। इसके बाद उसने कई टेलीग्राम अकाउंट बनाकर चोरी किया गया कंटेंट अपलोड किया। जो छात्र कोचिंग सामग्री प्राप्त करना चाहते थे, उनसे कथित रूप से पैसे लेकर उन्हें यह अवैध रूप से प्राप्त सामग्री उपलब्ध कराई जाती थी।

पुलिस के अनुसार, युवराज ने यह भी बताया कि उसने टेलीग्राम बॉट का एक्सेस इसे संचालित करने वाले एक अन्य व्यक्ति से खरीदा था। इसी जानकारी के आधार पर पुलिस ने एक मोबाइल नंबर को ट्रैक किया। मोबाइल रिचार्ज रिकॉर्ड और बैंक लेनदेन के विश्लेषण के बाद फरीदाबाद से निरंजन कुमार मंडल और शुभम कुमार पांडेय को गिरफ्तार किया गया।

प्रारंभिक जांच में आरोपियों के बैंक खातों में कम समय के भीतर लगभग ₹35 लाख के संदिग्ध लेनदेन का पता चला है। पुलिस का संदेह है कि आरोपी अपनी नौकरी और पढ़ाई के साथ-साथ अवैध रूप से कॉपीराइट सुरक्षित शैक्षणिक सामग्री बेचने का यह नेटवर्क भी चला रहे थे।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चार मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, चार सिम कार्ड तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं, जिनका इस्तेमाल कथित अपराध में किया गया था।

पुलिस ने आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है ताकि इस डिजिटल पाइरेसी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके, अवैध गतिविधियों के पूरे दायरे का पता लगाया जा सके और कॉपीराइट सुरक्षित शैक्षणिक सामग्री की अवैध बिक्री से अर्जित धन के प्रवाह की जांच की जा सके। मामले की जांच जारी है।

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