AICWA ने महाराष्ट्रभर में फिल्म सेट, स्टूडियो और शूटिंग लोकेशन पर औचक निरीक्षण की मांग की; stale food, unhygienic kitchens और unsafe food practices को लेकर जताई चिंता

गोरगांव फिल्म सिटी की कैंटीन पर FDA का शिकंजा, गंदगी मिलने के बाद लाइसेंस निलंबित

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By Roopa
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मुंबई: महाराष्ट्र के गोरगांव फिल्म सिटी में खाद्य सुरक्षा को लेकर कार्रवाई सामने आई है। महाराष्ट्र Food and Drug Administration (FDA) ने एक कैंटीन का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई कैंटीन में कथित तौर पर अस्वच्छ परिस्थितियां पाए जाने के बाद की गई। फिल्म उद्योग से जुड़े कर्मचारियों की सुरक्षा और भोजन की गुणवत्ता को लेकर All Indian Cine Workers Association (AICWA) की मांग के बाद FDA की टीम ने निरीक्षण किया था।

AICWA के अनुसार, फिल्म सिटी में काम करने वाले कर्मचारियों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन और पानी की गुणवत्ता को लेकर लगातार चिंता जताई जा रही थी। संगठन ने फिल्म सेट, स्टूडियो और शूटिंग लोकेशन पर अचानक निरीक्षण किए जाने की मांग की थी। इसके बाद गोरगांव फिल्म सिटी स्थित एक कैंटीन का निरीक्षण किया गया, जहां कथित तौर पर स्वच्छता मानकों का पालन नहीं पाया गया। इसके बाद संबंधित कैंटीन का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया।

खाद्य सुरक्षा से जुड़े इस मामले ने फिल्म उद्योग में काम करने वाले बड़ी संख्या में कर्मचारियों के स्वास्थ्य को लेकर सवाल खड़े किए हैं। शूटिंग के दौरान कलाकारों के अलावा तकनीकी कर्मचारी, स्पॉट स्टाफ, कैमराकर्मी, मेकअप आर्टिस्ट, लाइटिंग टीम और अन्य कर्मचारी लंबे समय तक सेट पर मौजूद रहते हैं। ऐसे में कैंटीन और Catering Services से मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता सीधे उनके स्वास्थ्य और कार्यक्षमता से जुड़ी होती है।

AICWA ने कहा कि बासी भोजन, गंदे रसोईघर और असुरक्षित खाद्य प्रक्रियाओं से जुड़ी शिकायतें गंभीर चिंता का विषय हैं। संगठन का कहना है कि किसी भी Production House या शूटिंग व्यवस्था में काम करने वाले कर्मचारी को भोजन की खराब गुणवत्ता के कारण अपने स्वास्थ्य से समझौता नहीं करना चाहिए। संगठन ने खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की स्थिति में सख्त कार्रवाई की मांग की है।

संगठन ने महाराष्ट्र के सभी प्रमुख Film Studios, Film City परिसर और Indoor तथा Outdoor Shooting Locations में व्यापक निरीक्षण कराने की मांग भी उठाई है। उसका तर्क है कि केवल एक कैंटीन तक कार्रवाई सीमित रहने के बजाय पूरे उद्योग में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जानी चाहिए। विशेष रूप से उन स्थानों पर जांच जरूरी बताई गई है जहां रोजाना बड़ी संख्या में कर्मचारी और कलाकार भोजन करते हैं।

FDA की कार्रवाई के बाद अब अन्य कैंटीन और Food and Beverage Providers की व्यवस्थाएं भी जांच के दायरे में आने की संभावना है। निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों के भंडारण, रसोई की स्वच्छता, पानी की गुणवत्ता, भोजन तैयार करने की प्रक्रिया और खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन की जांच की जा सकती है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ लाइसेंस निलंबन या रद्द करने जैसी कार्रवाई संभव है।

AICWA ने गंभीर उल्लंघन की स्थिति में संबंधित Production Houses, Producers, Channels, Caterers और अन्य जिम्मेदार पक्षों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी मांग की है। संगठन के मुताबिक, जहां आपराधिक उल्लंघन सामने आए, वहां FIR दर्ज करने की प्रक्रिया भी अपनाई जानी चाहिए। हालांकि, किसी भी संस्था या व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई जांच में सामने आए तथ्यों और लागू कानूनों के आधार पर ही की जाएगी।

यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब महाराष्ट्र में Food and Beverage Providers, Restaurants, Public Canteens और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ निरीक्षण और लाइसेंस संबंधी कार्रवाई तेज होने की बात सामने आई है। गोरगांव फिल्म सिटी की कैंटीन पर हुई कार्रवाई से फिल्म उद्योग में Food Safety Compliance को लेकर निगरानी बढ़ने के संकेत मिले हैं।

फिलहाल संबंधित कैंटीन का लाइसेंस निलंबित किया गया है। आगे की कार्रवाई निरीक्षण के निष्कर्षों और खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत उपलब्ध साक्ष्यों पर निर्भर करेगी। फिल्म उद्योग में काम करने वाले लाखों लोगों के स्वास्थ्य को देखते हुए AICWA ने राज्यभर में नियमित और औचक निरीक्षण की मांग दोहराई है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों की सेहत से समझौता करने वाले खाद्य सुरक्षा उल्लंघनों के खिलाफ Zero Tolerance की नीति अपनाई जानी चाहिए।

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