कर्नाटक के उडुपी जिले में शेयर निवेश के नाम पर दोगुना रिटर्न का झांसा देकर ₹30.9 लाख की कथित ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने तीन महिलाओं समेत चार लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि संदिग्धों ने खुद को एक विदेशी निवेश कंपनी का प्रतिनिधि बताकर पीड़िता और अन्य लोगों से बड़ी रकम निवेश करवाई और बाद में कार्यालय बंद कर फरार हो गए।
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता के घर 19 जून को चारों आरोपी पहुंचे थे। उन्होंने दावा किया कि उनकी कंपनी का कार्यालय मालपे क्षेत्र में संचालित होता है और कंपनी शेयर मार्केट में निवेश कर निवेशकों को आकर्षक मुनाफा दिलाती है। आरोपियों ने यह भी कहा कि निवेश की गई राशि कम समय में दोगुनी हो जाएगी।
शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने यह भी दावा किया कि उनकी कंपनी विदेशी है और एकमुश्त निवेश करने पर राशि डॉलर आधारित निवेश योजना में परिवर्तित कर उनके द्वारा प्रबंधित की जाएगी। ऊंचे मुनाफे और सुरक्षित निवेश के दावों पर भरोसा करते हुए शिकायतकर्ता ने स्वयं के अलावा अपने परिवार के सदस्यों और अन्य परिचितों की ओर से भी धनराशि निवेश कर दी।
जांच के अनुसार, आरोपियों ने इस तरह कुल ₹30.9 लाख एकत्र किए। कुछ समय बाद जब निवेशकों ने अपनी राशि और कथित लाभ वापस मांगा तो आरोपियों ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। इसके बाद उनका कार्यालय बंद मिला और सभी आरोपी फरार हो गए।
धोखाधड़ी का एहसास होने पर पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर मालपे पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2), 318(4) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों की पहचान, उनके बैंक खातों, वित्तीय लेनदेन और कथित निवेश कंपनी की वास्तविकता की जांच कर रही है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या इसी तरह की निवेश योजनाओं के जरिए अन्य लोगों को भी निशाना बनाया गया था। पुलिस का मानना है कि मामले में और पीड़ित सामने आ सकते हैं तथा आरोपियों का नेटवर्क कई क्षेत्रों तक फैला हो सकता है।
Future Crime Research Foundation का कहना है कि निवेश से जुड़ी धोखाधड़ी के मामलों में अपराधी अक्सर कम समय में दोगुना या अत्यधिक रिटर्न, विदेशी निवेश और सुरक्षित मुनाफे जैसे दावों का सहारा लेकर लोगों का विश्वास जीतते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी निवेश योजना में धन लगाने से पहले संबंधित कंपनी का पंजीकरण, नियामकीय स्वीकृति और निवेश प्लेटफॉर्म की वैधता की स्वतंत्र रूप से जांच करना आवश्यक है।
फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है और मामले के सभी वित्तीय पहलुओं की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और यदि अन्य पीड़ित सामने आते हैं तो उनकी शिकायतों को भी जांच में शामिल किया जाएगा।
