कर्नाटक के उडुपी जिले में हिरियाडका पुलिस ने लगभग ₹23 लाख की कथित वित्तीय हेराफेरी के मामले में एक दंपती को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने पेरदूर पद्म कमला संजीविनी ग्राम पंचायत स्तरीय महासंघ और उससे जुड़े कई स्वयं सहायता समूहों की धनराशि का गबन किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महासंघ की पूर्व मुख्य बही-लेखाकार सुगंधी और उनके पति संतोष के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, सुगंधी ने वर्ष 2023 से 2025 के बीच मुख्य बही-लेखाकार के रूप में कार्य करते हुए कथित रूप से वित्तीय अनियमितताओं को अंजाम दिया। जांच में आरोप है कि विभिन्न स्वयं सहायता समूहों द्वारा जमा कराई गई ऋण पुनर्भुगतान राशि को उन्होंने महासंघ के रिकॉर्ड में दर्ज तो किया, लेकिन उसे आधिकारिक बैंक खाते में जमा नहीं कराया और कथित रूप से निजी उपयोग में ले लिया।
जांच एजेंसियों का यह भी आरोप है कि सुगंधी ने महासंघ की अध्यक्ष और सचिव के फर्जी हस्ताक्षर कर नकली चेकों के माध्यम से बैंक खातों से धन निकाला। आरोप है कि ऑडिट और कार्यकारिणी समिति के निरीक्षण के दौरान कथित गड़बड़ियों को छिपाने के लिए सदस्यों के नाम पर फर्जी ऋण खाते और रिकॉर्ड भी तैयार किए गए।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दंपती ने उन पर किए गए विश्वास का दुरुपयोग करते हुए लगभग ₹23 लाख की राशि का कथित गबन किया।
मामले में हिरियाडका पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में गठित पुलिस टीम ने 6 जुलाई को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि आरोपियों ने महासंघ के कई सदस्यों के हस्ताक्षरों की कथित जालसाजी की और फर्जी दस्तावेज तैयार कर कथित धोखाधड़ी को अंजाम दिया। मामले में वित्तीय लेनदेन, दस्तावेजों और अन्य संभावित पहलुओं की विस्तृत जांच जारी है।
