पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की धुरी माने जाने वाले स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को सीधे निशाने पर ला खड़ा किया है। अहम ठिकानों पर हमलों के बाद ईरान ने बहरीन स्थित एक अमेरिकी सैन्य अड्डे को ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाने का दावा किया है और चेतावनी दी है कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजरना अब “मौत के समान” होगा। इस बयान के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता गहरा गई है।
ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड से जुड़े ब्रिगेडियर जनरल इब्राहिम जब्बारी ने सख्त शब्दों में कहा कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज “बंद” है और इस मार्ग से गुजरने की कोशिश करने वाले किसी भी पोत को आग के हवाले कर दिया जाएगा। यह जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ता है और दुनिया भर में कच्चे तेल की आपूर्ति का सबसे अहम मार्ग माना जाता है। प्रतिदिन करीब 1.98 करोड़ बैरल तेल इसी रास्ते से गुजरता है। ताजा हालात के बीच दोनों छोर पर 700 से अधिक तेल टैंकरों के फंसे होने की खबर है।
बहरीन में अमेरिकी बेस पर हमले का दावा
ईरान ने कहा है कि उसने बहरीन स्थित शेख इसा बेस को 20 ड्रोन और तीन मिसाइलों से निशाना बनाया, जिससे भारी नुकसान हुआ। ईरान का दावा है कि हमले में एक फ्यूल टैंकर भी धू-धूकर जल उठा। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरवानी ने कहा कि उनका देश अपनी रक्षा के लिए “पूरी ताकत” से कार्रवाई करने को प्रतिबद्ध है।
दूसरी ओर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि जवाबी कार्रवाई में ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के कमांड ढांचे को निशाना बनाया गया है। बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम से जुड़े ठिकानों पर लड़ाकू विमानों और बी-1 बॉम्बर से हमले किए जाने की जानकारी दी गई है।
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खाड़ी देशों में बढ़ते हमले
तनाव के बीच ईरान ने सऊदी अरब स्थित अमेरिकी दूतावास को ड्रोन से निशाना बनाने की कोशिश की। रियाद में दो ड्रोन हमलों से मामूली नुकसान की सूचना है। इसके अलावा यूएई में स्थित अमेरिकी अमेजन डेटा सेंटरों, कतर और सऊदी अरब के ऊर्जा संयंत्रों तथा पोतों को भी निशाना बनाए जाने के दावे सामने आए हैं, जिससे तेल और गैस आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है।
ओमान के प्रमुख वाणिज्यिक बंदरगाह दुक्म पर भी ड्रोन हमले की खबर है। तीन दिनों में यह दूसरा हमला बताया जा रहा है। एक तेल टैंकर को नुकसान पहुंचा है, हालांकि किसी जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है।
12 खाड़ी देशों से अमेरिकी नागरिकों को लौटने की सलाह
संघर्ष के बीच अमेरिका ने 12 खाड़ी देशों से गैर-आपातकालीन कर्मियों और उनके परिवारों को लौटने की सलाह दी है। यूएई, बहरीन, इराक, जॉर्डन, कुवैत और कतर समेत कई देशों में रह रहे नागरिकों से सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है। साथ ही मिस्र, लेबनान, वेस्ट बैंक, गाजा, सीरिया और यमन में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को भी एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।
जंग की चपेट में भारतीय नाविक
भारत के जहाजरानी महानिदेशालय ने जानकारी दी है कि फारस की खाड़ी, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज और ओमान की खाड़ी के आसपास हुए हमलों में एक पोत पर सवार तीन भारतीयों की मौत की सूचना है। जंग के बीच फंसे भारतीय नाविकों और कर्मियों को सुरक्षित निकालने के प्रयास तेज किए गए हैं। इसके लिए एक क्विक रिस्पॉन्स टीम गठित की गई है, जो संबंधित देशों के संपर्क में है।
लेबनान और बेरुत में हवाई हमले
संघर्ष का दायरा लेबनान तक फैल चुका है। इजरायली सेना ने ईरान समर्थित समूह हिज्बुल्ला के ठिकानों को निशाना बनाकर लेबनान और बेरुत में हवाई हमले किए, जिनमें 52 लोगों के मारे जाने की खबर है। वहीं ईरान के दक्षिणी हिस्से में स्थित एक एयरबेस पर अमेरिकी और इजरायली हमले में 13 ईरानी सैनिकों की मौत की सूचना है।
पश्चिम एशिया में भड़की यह जंग अब केवल क्षेत्रीय संघर्ष नहीं रह गई है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री व्यापार के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर बढ़ता तनाव आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजारों, कूटनीति और सुरक्षा समीकरणों को गहराई से प्रभावित कर सकता है।
