केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) से जुड़े कथित ₹4,097 करोड़ के बैंक धोखाधड़ी मामले में अपनी पहली चार्जशीट मुंबई की विशेष CBI अदालत में दाखिल कर दी है। आरोप पत्र में कुल सात आरोपियों को नामजद किया गया है, जिनमें रिलायंस समूह की दो कंपनियां और RCFL के पांच पूर्व वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
CBI के अनुसार, यह मामला इस वर्ष की शुरुआत में बैंक ऑफ महाराष्ट्र और अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की शिकायतों के आधार पर दर्ज किया गया था। ये सभी बैंक उस ऋण कंसोर्टियम का हिस्सा थे, जिसने RCFL को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई थी। जांच एजेंसी का आरोप है कि इस कथित धोखाधड़ी के कारण 13 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कंसोर्टियम को लगभग ₹4,097 करोड़ का नुकसान हुआ।
दाखिल चार्जशीट में Reliance Infrastructure Ltd. और Reliance Home Finance Limited (RHFL) को आरोपी बनाया गया है। इनके अलावा RCFL के पांच पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों के नाम भी आरोप पत्र में शामिल किए गए हैं। इनमें पूर्व निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) देवांग प्रवीण मोदी, पूर्व निदेशक रवींद्र सोमयाजुला राव, पूर्व निदेशक धनंजय भगवानप्रसाद तिवारी, पूर्व एग्जीक्यूटिव रिस्क ऑफिसर राजेश कृष्णमूर्ति तथा पूर्व मुख्य जोखिम अधिकारी (Chief Risk Officer) लव चतुर्वेदी शामिल हैं।
जांच एजेंसी का आरोप है कि ऋण वितरण और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन में कथित अनियमितताओं के कारण बैंकों को भारी वित्तीय नुकसान हुआ। CBI इस मामले में धन के उपयोग, ऋण स्वीकृति प्रक्रिया और अन्य संबंधित वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है।
यह चार्जशीट मामले की जांच का पहला महत्वपूर्ण चरण मानी जा रही है। एजेंसी आगे भी मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच जारी रखे हुए है।
मामले की सुनवाई अब मुंबई स्थित विशेष CBI अदालत में होगी, जहां आरोप पत्र और जांच एजेंसी द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया संचालित की जाएगी। फिलहाल आरोप पत्र दाखिल किया गया है और आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायालय में सुनवाई तथा उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही होगा।
