“₹85 से ₹2,450 तक पहुंची कीमत, फिर अचानक धराशायी; मैनिपुलेशन के शक में फंसा प्रोजेक्ट, निवेशकों की पूंजी साफ”

“28 गुना उछाल के बाद 95% क्रैश: RaveDAO टोकन ने मिनटों में बनाया और मिटाया करोड़ों का खेल”

Roopa
By Roopa
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नई दिल्ली। क्रिप्टोकरेंसी बाजार में एक बार फिर तेज उतार-चढ़ाव ने निवेशकों को झटका दिया है। RaveDAO नाम का एक डिजिटल टोकन कुछ ही घंटों में आसमान छूकर फिर धराशायी हो गया। यह टोकन पहले करीब ₹85 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था, लेकिन अचानक इसमें तेज उछाल आया और कीमत बढ़कर ₹2,450 तक पहुंच गई। यानी महज कुछ समय में लगभग 28 गुना रिटर्न ने निवेशकों को आकर्षित किया।

हालांकि, यह तेजी ज्यादा देर तक टिक नहीं सकी। कीमत में अचानक 95% की गिरावट दर्ज हुई और टोकन फिर से लगभग शुरुआती स्तर के करीब आ गया। इस तेज गिरावट ने उन निवेशकों को भारी नुकसान में डाल दिया, जिन्होंने तेजी देखकर ऊंचे स्तर पर एंट्री ली थी।

तेजी ने खींचे निवेशक, गिरावट ने किया खाली हाथ

मार्केट में तेजी के दौरान कई छोटे और रिटेल निवेशकों ने तेजी का फायदा उठाने के लिए इस टोकन में पैसा लगाया। अचानक आई इस रैली ने सोशल मीडिया और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स पर भी हलचल मचा दी। कई ट्रेडर्स ने इसे “मल्टीबैगर” मानकर बड़ी रकम निवेश कर दी।

लेकिन कुछ ही समय बाद जब कीमत गिरनी शुरू हुई, तो भारी बिकवाली का दबाव बन गया। देखते ही देखते कीमत में 90% से ज्यादा गिरावट आ गई और निवेशकों की पूंजी लगभग खत्म हो गई। आंकड़ों के मुताबिक, इस क्रैश के दौरान करीब ₹32 करोड़ से ज्यादा की लॉन्ग पोजीशन खत्म हो गईं।

मैनिपुलेशन के आरोपों से बढ़ा शक

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की अचानक तेजी और फिर तेज गिरावट अक्सर बाजार में मैनिपुलेशन की ओर इशारा करती है। जब किसी टोकन की कीमत बिना किसी ठोस खबर, प्रोजेक्ट अपडेट या फंडामेंटल बदलाव के तेजी से बढ़ती है, तो उसके पीछे कृत्रिम मांग पैदा करने की आशंका रहती है।

क्रिप्टो बाजार में रेगुलेशन अपेक्षाकृत कमजोर होने के कारण ऐसे मामलों में बड़े वॉलेट्स या व्हेल्स द्वारा कीमतों को ऊपर-नीचे करना आसान हो जाता है। इस मामले में भी कुछ एक्सचेंजों और वॉलेट्स पर संदिग्ध ट्रांजेक्शन देखे जाने की बात सामने आई है, जिसने निवेशकों के बीच भरोसा कमजोर किया।

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टीम ने आरोपों को किया खारिज

वहीं, RaveDAO की टीम ने इन आरोपों को सिरे से नकार दिया है। प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों का कहना है कि वे किसी भी तरह की कीमतों में हेरफेर में शामिल नहीं हैं। टीम के अनुसार, कुछ लॉक किए गए टोकन को बेचकर प्रोजेक्ट के डेवलपमेंट और मार्केटिंग के लिए फंड जुटाया जा रहा था।

हालांकि, बाजार में भरोसा एक बार टूटने के बाद वापस लाना आसान नहीं होता। निवेशकों ने जोखिम देखते हुए तेजी से अपनी होल्डिंग्स बेचनी शुरू कर दी, जिससे कीमत और तेजी से गिरती चली गई।

क्रिप्टो बाजार का जोखिम फिर उजागर

यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि क्रिप्टो बाजार में निवेश कितना जोखिम भरा हो सकता है। पारंपरिक शेयर बाजार की तुलना में यहां नियम-कानून कम सख्त हैं और कई प्रोजेक्ट्स की पारदर्शिता भी सीमित होती है। ऐसे में निवेशकों के लिए सही जानकारी और जोखिम का आकलन करना बेहद जरूरी हो जाता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी टोकन में निवेश करने से पहले उसकी टीम, टेक्नोलॉजी, उपयोगिता और मार्केट ट्रेंड का गहराई से विश्लेषण करना चाहिए। केवल तेजी देखकर निवेश करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है।

निवेशकों के लिए सबक

RaveDAO का यह उतार-चढ़ाव क्रिप्टो निवेशकों के लिए एक बड़ा सबक बनकर सामने आया है। तेजी के लालच में बिना रिसर्च के निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है।

बाजार के जानकारों की सलाह है कि निवेश करते समय हमेशा “हाई रिटर्न के साथ हाई रिस्क” के सिद्धांत को ध्यान में रखें और अपनी कुल पूंजी का सीमित हिस्सा ही ऐसे हाई-वोलैटिलिटी एसेट्स में लगाएं।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि क्रिप्टो बाजार में रातों-रात अमीर बनने का सपना जितना आकर्षक लगता है, उतना ही खतरनाक भी हो सकता है।

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