रानी चन्नम्मा विश्वविद्यालय में कर्मचारियों के PF और NPS अंशदान से जुड़ी ₹32 लाख से अधिक की कथित वित्तीय अनियमितता के मामले में तीन अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है।

रानी चन्नम्मा विश्वविद्यालय में ₹32 लाख से अधिक की कथित वित्तीय अनियमितता, तीन अधिकारी गिरफ्तार

Team The420
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बेलगावी। कर्नाटक के बेलगावी स्थित रानी चन्नम्मा विश्वविद्यालय में कर्मचारियों के भविष्य निधि (पीएफ) और राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) अंशदान से जुड़ी ₹32 लाख से अधिक की कथित वित्तीय अनियमितता के मामले में पुलिस ने विश्वविद्यालय के तीन अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में सहायक कुलसचिव एच.एम. मुरिगेश, प्रथम श्रेणी सहायक संदीप बुर्ली और महेश वीरेश वाली शामिल हैं। पुलिस मामले में एक अन्य आरोपी रामू हंचिनाल की तलाश कर रही है।

यह कार्रवाई विश्वविद्यालय की ओर से आंतरिक जांच के बाद दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि समेकित वेतन व्यवस्था के तहत नियुक्त कर्मचारियों के वेतन से पीएफ के लिए काटी गई रकम उनके संबंधित खातों में जमा नहीं की गई। इसके बजाय कथित रूप से इस राशि को आरोपियों के निजी बैंक खातों और एनपीएस खातों से जुड़े खातों में स्थानांतरित किया गया।

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शिकायत के अनुसार, विश्वविद्यालय में कर्मचारियों के वेतन से उनके अंशदान के तौर पर 10 प्रतिशत राशि काटी जाती थी। इसके बराबर 10 प्रतिशत योगदान विश्वविद्यालय की ओर से किया जाना था। आरोप है कि निर्धारित अंशदान से अधिक की कुछ रकम भी आरोपियों से जुड़े खातों में कथित रूप से भेजी गई।

भत्तों और आयकर भुगतान में भी अनियमितता का आरोप

मामले में केवल पीएफ और एनपीएस अंशदान तक ही आरोप सीमित नहीं हैं। शिकायत में विभिन्न भत्तों से जुड़े लेनदेन और आयकर भुगतान में भी कथित अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है। इन लेनदेन के कारण विश्वविद्यालय और उसके कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान होने का आरोप लगाया गया है।

विश्वविद्यालय के अधिकारियों की शिकायत पर 8 सितंबर को काकती थाने में मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद पुलिस ने वित्तीय रिकॉर्ड, दस्तावेजों और बैंक लेनदेन की जांच शुरू की। जांच के दौरान अधिकारियों ने कथित अनियमितताओं से जुड़े वित्तीय लेनदेन और संबंधित खातों की जानकारी जुटाई।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए तीनों अधिकारियों को हुब्बली के पास वरूर इलाके से पकड़ा गया। उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

वित्तीय रिकॉर्ड की जांच जारी

पुलिस आयुक्त प्रकाश निकम ने बताया कि जांच के दौरान आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पर्याप्त साक्ष्य जुटाए गए थे। पुलिस अब विश्वविद्यालय के वित्तीय रिकॉर्ड, कर्मचारियों के वेतन से संबंधित दस्तावेज, पीएफ और एनपीएस खातों तथा बैंक लेनदेन की जांच कर रही है। इसका उद्देश्य कथित वित्तीय अनियमितता की पूरी रकम और इसमें शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाना है।

जांच एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कर्मचारियों के वेतन से काटी गई रकम किस प्रक्रिया के तहत संबंधित खातों में जमा होनी थी और कथित तौर पर किस स्तर पर रकम का रास्ता बदला गया। इसके अलावा भत्तों और आयकर भुगतान से जुड़े लेनदेन की भी पड़ताल की जा रही है।

मामले में आरोपी बनाए गए रामू हंचिनाल के बारे में पुलिस सूत्रों ने बताया कि वह फिलहाल बागलकोट विश्वविद्यालय में कार्यरत है। पुलिस उसकी भूमिका की जांच करने के साथ ही उसका पता लगाने और उसे गिरफ्तार करने के प्रयास कर रही है।

पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और वित्तीय दस्तावेजों तथा लेनदेन की विस्तृत पड़ताल के बाद कथित गड़बड़ी की वास्तविक सीमा और सभी संबंधित लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

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