रायपुर: छत्तीसगढ़ के रायपुर में बैंक खाते से बिना जानकारी ₹14.97 लाख निकालने के मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मध्य प्रदेश के बालाघाट निवासी योगेश येड़े (27) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, ठगी की रकम उसके खाते में ट्रांसफर की गई थी, जिसे बाद में बैंक शाखा से Cash के रूप में निकाला गया। इस मामले में Axis Bank के तत्कालीन Deputy Manager कुलदीप सिंह बिसेन को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपियों ने ऐसे बैंक खाते को निशाना बनाया, जिसमें लंबे समय से बहुत कम लेनदेन हो रहा था। इसके बाद कथित तौर पर Fake Customer Form का इस्तेमाल कर खाते से जुड़े Registered Mobile Number को बदलवाया गया। Mobile Number बदलने के बाद Mobile Banking की Transaction Limit बढ़ाई गई और खाते में जमा Fixed Deposit (FD) को तोड़कर रकम दूसरे खाते में Transfer कर दी गई।
Fake Form से बदला Registered Mobile Number
पुलिस के मुताबिक, पीड़ित के बैंक खाते से उसकी जानकारी और अनुमति के बिना कुल ₹14,97,451 निकाले गए। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पहले खाते से जुड़ी जानकारी हासिल की और फिर कथित तौर पर फर्जी Customer Form के जरिए बैंक रिकॉर्ड में Registered Mobile Number बदलवा दिया।
Mobile Number बदलने के बाद खाते से जुड़े Banking Alerts और Digital Banking Access पर आरोपियों का नियंत्रण हो गया। इसके बाद Mobile Banking के माध्यम से Transaction Limit बढ़ाई गई। जांच के अनुसार, खाते में मौजूद FD को समय से पहले तोड़ा गया और उससे प्राप्त रकम को दूसरे Bank Account में Transfer कर दिया गया।
FD की रकम ‘Indian Sales’ खाते में भेजी
जांच में सामने आया कि FD से निकली रकम योगेश येड़े के नाम से संचालित ‘Indian Sales’ नामक खाते में Transfer की गई थी। इसके बाद कथित तौर पर पंडरी स्थित Axis Bank Branch से Self Cheque के जरिए रकम Cash में निकाल ली गई।
पुलिस ने Bank Transactions और Account Records की जांच के दौरान इस Financial Trail को ट्रेस किया। रिकॉर्ड से ठगी की रकम के योगेश के खाते में पहुंचने और वहां से Cash निकाले जाने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया।
आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक आदेश पर Central Jail Raipur भेज दिया गया। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य संदिग्धों और बैंकिंग प्रक्रिया में उनकी संभावित भूमिका की जांच कर रही है।
Banking Process का गलत इस्तेमाल बना ठगी का जरिया
Cybercrime मामलों में अपराधी केवल OTP या Phishing Links के जरिए ही नहीं, बल्कि Banking Process में मौजूद कमजोर कड़ियों का भी फायदा उठा सकते हैं। किसी कम इस्तेमाल होने वाले खाते का Mobile Number बदलना, Transaction Limit बढ़ाना और फिर FD या Savings की रकम Transfer करना इसी तरह के Financial Fraud का हिस्सा हो सकता है।
Renowned cyber crime expert and former IPS officer Prof. Triveni Singh के अनुसार, बैंक खाते से जुड़ा Mobile Number Digital Banking Security का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने खुद Mobile Number बदलने का अनुरोध नहीं किया है और फिर भी ऐसा Alert मिलता है, तो इसे गंभीर संकेत मानकर तुरंत बैंक से संपर्क करना चाहिए।
Prof. Triveni Singh के मुताबिक, लंबे समय से कम इस्तेमाल होने वाले Bank Accounts की नियमित निगरानी भी जरूरी है। ग्राहकों को Account Statement, Registered Mobile Number, FD Details और Banking Alerts की समय-समय पर जांच करनी चाहिए। किसी भी अनधिकृत बदलाव को नजरअंदाज करने से ठगों को खाते में मौजूद रकम तक पहुंच बनाने का मौका मिल सकता है।
Mobile Number Change Alert को नजरअंदाज न करें
अगर बैंक खाते से जुड़ा Mobile Number बदलने का SMS या Email मिले और ग्राहक ने ऐसा कोई अनुरोध नहीं किया है, तो तुरंत बैंक की आधिकारिक Branch या Customer Care से संपर्क करना चाहिए। OTP, ATM PIN, UPI PIN, Internet Banking Password या अन्य Banking Credentials किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने चाहिए।
इसके अलावा, लंबे समय से खाते में लेनदेन नहीं हुआ हो तो भी Statement और FD Details की नियमित जांच जरूरी है। खाते में किसी अनजान Transaction या संदिग्ध बदलाव की जानकारी मिलने पर तुरंत बैंक को सूचित करना चाहिए और संबंधित Cybercrime Authorities के पास शिकायत दर्ज करानी चाहिए।
अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ और Banking Records के आधार पर कथित Fraud Network की अन्य कड़ियों का पता लगाने में जुटी है। जांच में यह स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है कि Mobile Number बदलने, FD तोड़ने, रकम Transfer करने और Cash निकालने की पूरी प्रक्रिया में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
पुलिस Digital Evidence, Account Records और Financial Transactions की मदद से पूरे Money Trail को खंगाल रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
