गाजियाबाद: बीमा पॉलिसी Refund के नाम पर साइबर ठगी करने वाले कथित गिरोह का गाजियाबाद Cyber Crime Police ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने गाजियाबाद समेत तीन राज्यों में अलग-अलग लोगों को निशाना बनाकर करीब ₹23.37 लाख की ठगी की। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल किए गए तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस ने यह कार्रवाई गाजियाबाद में करीब ₹11 लाख की साइबर ठगी के मामले की जांच के दौरान की। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुनील कुमार, निवासी अलीगढ़ और वर्तमान में बादलपुर, गौतमबुद्धनगर निवासी, तथा आशीष शर्मा, निवासी फरीदाबाद, हरियाणा के रूप में हुई है। दोनों को कोतवाली क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
Insurance Company का कर्मचारी बनकर करते थे कॉल
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे नोएडा के सेक्टर-62 स्थित एक Insurance Policy Broking Company में Calling का काम करते थे। आरोप है कि इस दौरान उन्हें ग्राहकों से संबंधित बीमा डेटा मिलता था।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने इसी जानकारी का कथित तौर पर दुरुपयोग किया। वे ग्राहकों को फोन कर खुद को संबंधित Insurance Company का कर्मचारी या Agent बताते थे। इसके बाद Policy Refund, बंद पॉलिसी की रकम वापस कराने या पॉलिसी से जुड़ी राशि दिलाने का झांसा देकर पीड़ितों को भरोसे में लिया जाता था।
जांच में सामने आया कि आरोपी अपनी वास्तविक पहचान छिपाने के लिए कथित तौर पर अलग-अलग नामों का इस्तेमाल करते थे। सुनील कुमार कथित तौर पर ‘केके पांडेय’ और आशीष शर्मा ‘पवन पटेल’ नाम से Insurance Agent बनकर लोगों से बातचीत करता था।
Fake ID Card भेजकर जीतते थे भरोसा
पुलिस के अनुसार, कथित गिरोह का एक प्रमुख तरीका पीड़ितों का भरोसा जीतना था। इसके लिए आरोपी इंटरनेट से Insurance Company के कर्मचारियों के Fake Identity Cards डाउनलोड करते और उन्हें WhatsApp के जरिए पीड़ितों को भेजते थे।
इससे पीड़ितों को यह विश्वास दिलाने की कोशिश की जाती थी कि सामने वाला व्यक्ति वास्तव में Insurance Company से जुड़ा हुआ है। इसके बाद Refund की प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर उनसे अलग-अलग तरह के Tax, Processing Fee और अन्य Charges मांगे जाते थे।
पुलिस का आरोप है कि पीड़ितों से जमा कराई गई रकम सीधे आरोपियों के खातों में नहीं, बल्कि Mule Bank Accounts में ट्रांसफर कराई जाती थी। इसके बाद रकम को कथित नेटवर्क में जुड़े अन्य खातों में भेजा जाता था।
तीन राज्यों में ठगी का खुलासा
Cyber Crime Police के अनुसार, अब तक की जांच में तीन अलग-अलग मामलों में कुल ₹23.37 लाख की कथित ठगी सामने आई है। इनमें गाजियाबाद के एक मामले में करीब ₹11 लाख, महाराष्ट्र के डोंबिवली निवासी सतीश विनायक नाके से करीब ₹9.87 लाख और तेलंगाना के हैदराबाद निवासी बृजेश मौर्य से करीब ₹2.50 लाख की ठगी का पता चला है।
पुलिस अब इन मामलों में इस्तेमाल किए गए Bank Accounts, Mobile Numbers और Digital Communications की जांच कर रही है। इससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ठगी की रकम किस-किस खाते में पहुंची और बाद में उसे किन माध्यमों से आगे ट्रांसफर किया गया।
WhatsApp Chats से खुलेगी ठगी की पूरी कड़ी
पुलिस आरोपियों के WhatsApp Chats, Mobile Phones और अन्य Digital Evidence की जांच कर रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि आरोपियों को ग्राहकों का Insurance Data कहां से मिला और इस जानकारी का इस्तेमाल कितने लोगों को निशाना बनाने के लिए किया गया।
जांचकर्ता यह भी पता लगाने में जुटे हैं कि कथित नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं और क्या इसी तरीके से दूसरे राज्यों में भी लोगों से ठगी की गई। पुलिस को संदेह है कि आरोपियों ने Policy Refund के नाम पर कई अन्य लोगों को भी निशाना बनाया हो सकता है।
फिलहाल पुलिस Financial Transactions और Digital Evidence के आधार पर कथित नेटवर्क की अन्य कड़ियां जोड़ने में जुटी है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर की जाएगी।
