उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने प्रयागराज के राजकीय आईटीआई नैनी में संगठित परीक्षा धांधली नेटवर्क का किया खुलासा; 19 आरोपियों पर केस, ₹5.10 लाख नकद, कंप्यूटर, मोबाइल और परीक्षा दस्तावेज बरामद, 500 से अधिक परीक्षाओं में फर्जीवाड़े की आशंका

आईटीआई ऑनलाइन परीक्षा घोटाले का भंडाफोड़: प्रधानाचार्य समेत 11 गिरफ्तार, सॉल्वर गैंग के जरिए अभ्यर्थियों को पास कराने का आरोप

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By Roopa
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प्रयागराज: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने प्रयागराज के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), नैनी में ऑनलाइन परीक्षा के दौरान सॉल्वर बैठाकर अभ्यर्थियों को पास कराने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान संस्थान के प्रधानाचार्य, परीक्षा प्रभारी, चार अनुदेशकों और पांच कथित सॉल्वरों समेत कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में कुल 19 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। जांच एजेंसियों का दावा है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को अवैध तरीके से परीक्षा पास कराने का काम कर रहा था।

एसटीएफ के अनुसार, गिरोह ऑनलाइन परीक्षाओं में अभ्यर्थियों की जगह प्रशिक्षित सॉल्वर बैठाकर परीक्षा दिलाता था। आरोप है कि प्रत्येक अभ्यर्थी से लगभग ₹4,000 लेकर सौदा तय किया जाता था। इसके बाद संबंधित अभ्यर्थी के प्रवेश पत्र की प्रति सॉल्वर को उपलब्ध कराई जाती थी और परीक्षा केंद्र के भीतर अलग कंप्यूटर लैब में बैठाकर अभ्यर्थी की जन्मतिथि सहित अन्य विवरण के आधार पर लॉगिन कराया जाता था। प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया कि प्रत्येक परीक्षा के बदले सॉल्वर को लगभग ₹500 का भुगतान किया जाता था।

एसटीएफ को कई दिनों से सूचना मिल रही थी कि 11 जुलाई से 8 अगस्त तक आयोजित अखिल भारतीय व्यावसायिक परीक्षा के दौरान संस्थान में बड़े पैमाने पर सामूहिक नकल और सॉल्वर गैंग सक्रिय है। इनपुट के सत्यापन के बाद एसटीएफ ने योजनाबद्ध तरीके से बुधवार को तीसरी पाली की परीक्षा के दौरान संस्थान परिसर स्थित कौशल विकास भवन में छापा मारा। कार्रवाई के दौरान कई लोग संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पाए गए, जिसके बाद मौके से आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

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तलाशी के दौरान एसटीएफ ने ₹5.10 लाख नकद, पांच कंप्यूटर, छह एंड्रॉयड मोबाइल फोन और परीक्षा से संबंधित 67 दस्तावेज बरामद किए। इसके अतिरिक्त अन्य स्थानों से आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, एक पेन ड्राइव तथा ₹16,370 नकद भी जब्त किए गए। बरामद डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच कर नेटवर्क के संचालन, अभ्यर्थियों की पहचान और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल की जा रही है।

जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि कथित परीक्षा धांधली पिछले कई वर्षों से संचालित हो रही थी। एसटीएफ को आशंका है कि अब तक 500 से अधिक अभ्यर्थियों की परीक्षाएं इसी तरीके से सॉल्वरों के माध्यम से दिलाई गई होंगी। एजेंसी अब पूर्व में आयोजित परीक्षाओं के रिकॉर्ड, कंप्यूटर लॉग, सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल डेटा और अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का मिलान कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का दायरा स्पष्ट किया जा सके।

गिरफ्तार आरोपियों में प्रधानाचार्य अशोक कुमार, परीक्षा प्रभारी रवि प्रकाश, अनुदेशक फूल प्रकाश, धीरज कुमार शर्मा, राजेश कुमार और राजकुमार मौर्य के अलावा कथित सॉल्वर शिवम कुमार, जय सिंह, जितेंद्र पटेल, दिलीप कुमार पटेल तथा रणविजय सिंह शामिल हैं। वहीं, इस मामले में आठ अन्य आरोपी अभी फरार बताए गए हैं। इनमें अनुदेशक भोलनाथ, धीरंजन कुमार, संतोष कुमार सोनी तथा अभ्यर्थी फैजान, रमन मिश्रा, धनपत, सचिन पटेल और धीरेंद्र कुमार के नाम शामिल हैं। पुलिस और एसटीएफ की टीमें उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं।

नैनी थाने में एसटीएफ के उप निरीक्षक की तहरीर पर कुल 19 आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगा रही हैं कि क्या यह नेटवर्क अन्य परीक्षा केंद्रों तक भी फैला हुआ था और इसमें बाहरी एजेंटों या तकनीकी सहयोगियों की भूमिका थी। बरामद बैंकिंग रिकॉर्ड, डिजिटल उपकरणों और वित्तीय लेनदेन की जांच के आधार पर कथित धन के प्रवाह, अन्य लाभार्थियों और संभावित सहयोगियों की पहचान की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी, जबकि सभी आरोप न्यायिक परीक्षण के अधीन हैं।

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