नई दिल्ली: राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने देशभर में चलाए गए एक सप्ताह के विशेष अभियान के दौरान अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान में करीब ₹14 करोड़ मूल्य का तस्करी कर लाया गया सोना जब्त किया गया है। इसके अलावा भारी मात्रा में नशीले पदार्थ और लाल चंदन भी बरामद किए गए हैं। कार्रवाई के दौरान पांच विदेशी नागरिकों समेत कुल 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
वित्त मंत्रालय ने शनिवार को जारी बयान में बताया कि डीआरआई ने अलग-अलग राज्यों में संगठित तस्करी गिरोहों के खिलाफ यह अभियान चलाया। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर की गई छापेमारी और जांच कार्रवाई में 9.5 किलोग्राम सोना बरामद किया गया। अधिकारियों के अनुसार, बरामद सोना अवैध तरीके से देश में लाया गया था और इसे अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के जरिए भारत में पहुंचाया गया था।
डीआरआई की इस कार्रवाई को देश में सक्रिय अवैध तस्करी नेटवर्क पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है। जांच एजेंसी लंबे समय से ऐसे गिरोहों पर नजर रख रही थी, जो विदेशी रास्तों से सोना, मादक पदार्थ और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं की तस्करी कर भारतीय बाजार में पहुंचाने का प्रयास करते हैं। इस अभियान के दौरान मिले सुरागों के आधार पर कई राज्यों में एक साथ कार्रवाई की गई।
जांच के दौरान सामने आया कि तस्करी नेटवर्क अलग-अलग स्तरों पर काम कर रहा था। इसमें विदेशों से सामान पहुंचाने वाले लोग, स्थानीय संपर्क और बाजार में इसकी खपत करने वाले लोग शामिल होने की आशंका है। डीआरआई अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की संरचना, फंडिंग और इसमें शामिल अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, इस अभियान में डीआरआई की कई क्षेत्रीय इकाइयों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। मुंबई, दिल्ली, वाराणसी और तमिलनाडु की डीआरआई टीमों ने अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की सहायता भी ली गई। विभिन्न एजेंसियों के समन्वय से चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य तस्करी के संगठित नेटवर्क को कमजोर करना था।
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अधिकारियों ने बताया कि सोने की तस्करी के साथ-साथ अन्य अवैध गतिविधियों से जुड़े मामलों की भी जांच की जा रही है। कार्रवाई में नशीले पदार्थों की बरामदगी यह संकेत देती है कि कुछ गिरोह एक से अधिक प्रकार की तस्करी गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि बरामद सामान कहां से लाया गया और इसे किन स्थानों पर पहुंचाया जाना था।
इस कार्रवाई में पांच विदेशी नागरिकों की गिरफ्तारी भी हुई है। एजेंसियां उनके यात्रा रिकॉर्ड, संपर्कों और भारत में मौजूद नेटवर्क की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित तस्करी गिरोहों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
सोने की तस्करी देश की अर्थव्यवस्था और वैध व्यापार व्यवस्था को प्रभावित करती है। अवैध तरीके से लाए गए सोने से सरकार को राजस्व नुकसान होता है और इसके जरिए कई अन्य गैरकानूनी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है। इसी को देखते हुए डीआरआई समय-समय पर बड़े अभियान चलाकर ऐसे नेटवर्क को खत्म करने की कोशिश करती रही है।
डीआरआई की ताजा कार्रवाई को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एजेंसी अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि जांच आगे बढ़ने के साथ तस्करी नेटवर्क से जुड़े और लोगों की पहचान हो सकती है और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
