साइबर विशेषज्ञों ने Pikashow जैसे APK-based streaming apps को लेकर चेतावनी दी है, जो users के devices में malware डालकर data और banking details चुरा सकते हैं।

फ्री मूवी के लालच में बड़ा खतरा: Pikashow ऐप से डेटा चोरी और मालवेयर का अलर्ट

Team The420
5 Min Read

नई दिल्ली/बेलगावी। मुफ्त में फिल्में, वेब सीरीज, लाइव टीवी और स्पोर्ट्स देखने का लालच अब भारी पड़ सकता है। लोकप्रिय स्ट्रीमिंग ऐप Pikashow को लेकर साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने गंभीर चेतावनी जारी की है। उनका कहना है कि यह ऐप न केवल गैरकानूनी कंटेंट उपलब्ध कराता है, बल्कि यूजर्स के मोबाइल डिवाइस में मालवेयर घुसाकर उनकी निजी और वित्तीय जानकारी भी खतरे में डाल सकता है।

साइबर सुरक्षा से जुड़ी कंपनियों के अनुसार, इस ऐप की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है, खासकर उन यूजर्स के बीच जो OTT प्लेटफॉर्म के महंगे सब्सक्रिप्शन से बचना चाहते हैं। लेकिन यही “फ्री कंटेंट” का लालच साइबर अपराधियों के लिए एक बड़ा जाल बन चुका है। विशेषज्ञों का कहना है कि Pikashow जैसे ऐप्स यूजर्स के डेटा तक अनधिकृत पहुंच बनाकर बैंकिंग डिटेल्स, OTP, और पर्सनल फाइल्स तक चुरा सकते हैं।

Google Play Store पर नहीं, APK के जरिए इंस्टॉल—यहीं से शुरू होता है खतरा

Pikashow ऐप Google Play Store या Apple App Store जैसे आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध नहीं है। इसे डाउनलोड करने के लिए यूजर्स को थर्ड-पार्टी वेबसाइट्स से APK फाइल इंस्टॉल करनी पड़ती है। यही प्रक्रिया सबसे बड़ा सुरक्षा जोखिम बनती है, क्योंकि इसमें किसी भी प्रकार का आधिकारिक सुरक्षा परीक्षण शामिल नहीं होता।

FCRF Returns With CDPO, Its Premier Data Protection Certification for Privacy Professionals

साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक, APK फाइल्स के जरिए इंस्टॉल किए गए ऐप्स में छिपा हुआ मालवेयर यूजर की जानकारी चुपचाप एक्सेस कर सकता है। कई मामलों में यह ऐप्स बैकग्राउंड में चलकर कीस्ट्रोक्स रिकॉर्ड करते हैं, स्क्रीन एक्टिविटी ट्रैक करते हैं और बैंकिंग ऐप्स की जानकारी तक निकाल लेते हैं।

सोशल मीडिया के जरिए फैलाया जा रहा नेटवर्क

रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर भी Pikashow को प्रमोट करने के लिए संगठित तरीके से अकाउंट्स का नेटवर्क बनाया गया है। ये अकाउंट्स यूजर्स को डाउनलोड लिंक शेयर करते हैं और ऐप को “सेफ” बताकर ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की कोशिश करते हैं।

विशेषज्ञों का दावा है कि यह एक संगठित साइबर अभियान हो सकता है, जिसका उद्देश्य भारतीय यूजर्स को टारगेट करना है। ऐसे नेटवर्क यूजर्स के भरोसे का फायदा उठाकर उन्हें खतरनाक लिंक पर क्लिक करने के लिए प्रेरित करते हैं।

कानूनी जोखिम भी कम नहीं

सिर्फ साइबर खतरा ही नहीं, बल्कि Pikashow जैसे ऐप्स का इस्तेमाल भारतीय कानून के तहत भी अपराध की श्रेणी में आ सकता है। कॉपीराइट कानूनों के अनुसार, पायरेटेड कंटेंट देखना और डाउनलोड करना गैरकानूनी है। ऐसे में यूजर्स को न केवल डेटा चोरी बल्कि कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ सकता है।

क्या करें यूजर्स?—विशेषज्ञों की सलाह

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने यूजर्स के लिए कुछ जरूरी सावधानियां बताई हैं:

  • केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म जैसे Google Play Store या Apple App Store से ही ऐप डाउनलोड करें
  • अगर Pikashow या इसी तरह का ऐप इंस्टॉल है, तो तुरंत अनइंस्टॉल करें
  • बैंकिंग और UPI पासवर्ड तुरंत बदलें
  • मोबाइल में एंटीवायरस और सिक्योरिटी अपडेट्स रखें
  • किसी भी संदिग्ध लिंक या डाउनलोड से बचें

प्रसिद्ध साइबर क्राइम विशेषज्ञ और पूर्व IPS अधिकारी Prof. Triveni Singh कहते हैं,

“साइबर अपराधी अब ‘फ्री सर्विस’ और ‘एंटरटेनमेंट’ का लालच देकर यूजर्स को जाल में फंसा रहे हैं। यह सोशल इंजीनियरिंग का नया रूप है, जहां यूजर खुद ही अपने डिवाइस को खतरे में डाल देता है। ऐसे मामलों में यूजर्स को बेहद सतर्क रहने और केवल भरोसेमंद प्लेटफॉर्म का ही इस्तेमाल करने की जरूरत है।”

साइबर ठगी का बढ़ता खतरा—सतर्क रहना जरूरी

भारत में तेजी से बढ़ते डिजिटल उपयोग के बीच साइबर अपराध भी तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में Pikashow जैसे ऐप्स केवल एक उदाहरण हैं कि किस तरह छोटी सी लापरवाही बड़े नुकसान का कारण बन सकती है।

अगर किसी यूजर को संदेह है कि उसका मोबाइल या डेटा खतरे में है, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें या आधिकारिक पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। विशेषज्ञों का साफ कहना है—“फ्री में मिलने वाली हर चीज सुरक्षित नहीं होती, खासकर इंटरनेट की दुनिया में।”

हमसे जुड़ें

Share This Article