हैदराबाद पुलिस आयुक्त वी.सी. सज्जनार ने कहा कि साइबर ठगी से शहर में रोजाना करीब ₹1 करोड़ का नुकसान हो रहा है।

आइसक्रीम फ्रेंचाइजी और ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर ₹29.24 लाख की साइबर ठगी, नोएडा में दो मामले दर्ज

Team The420
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उत्तर प्रदेश के नोएडा में साइबर ठगों ने आइसक्रीम फ्रेंचाइजी दिलाने और ऑनलाइन ट्रेडिंग में भारी मुनाफा दिलाने का झांसा देकर दो लोगों से कुल ₹29.24 लाख की कथित ठगी कर ली। दोनों पीड़ितों की शिकायत पर साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, ई-मेल आईडी और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

पुलिस के अनुसार, ग्रेटर नोएडा निवासी सुशीला पोद्दार ने शिकायत में बताया कि उन्हें ई-मेल के माध्यम से एक व्यक्ति ने संपर्क किया, जिसने स्वयं को एक प्रतिष्ठित आइसक्रीम कंपनी का प्रतिनिधि बताया। आरोपी ने दावा किया कि ग्रेटर नोएडा के अल्फा-2 क्षेत्र में कंपनी की फ्रेंचाइजी उपलब्ध है और निवेश के बाद शीघ्र ही कारोबार शुरू करा दिया जाएगा।

शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने प्रोसेसिंग फीस, मशीनों की खरीद, प्लांट स्थापना तथा अन्य औपचारिकताओं का हवाला देकर अलग-अलग किश्तों में कुल ₹15.74 लाख अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। पीड़िता का कहना है कि उन्हें 15 अप्रैल 2025 तक मशीनें लगाने और प्लांट स्थापित करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन तय समय पर कोई भी व्यक्ति नहीं पहुंचा। बाद में जिन मोबाइल नंबरों और ई-मेल आईडी से संपर्क किया जा रहा था, वे भी बंद हो गए।

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एक अन्य मामले में चिपियाना बुजुर्ग निवासी दशरथ ने पुलिस को बताया कि उन्हें ऑनलाइन ट्रेडिंग के माध्यम से कम समय में अधिक लाभ कमाने का लालच दिया गया। शिकायत के अनुसार, शुरुआत में सीमित निवेश के बाद आरोपियों ने लगातार अधिक धन लगाने का दबाव बनाया। झांसे में आकर उन्होंने विभिन्न माध्यमों से कुल ₹13.50 लाख ट्रांसफर कर दिए।

पीड़ित ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने निवेश की गई राशि निकालने का प्रयास किया तो आरोपी पहले बहाने बनाते रहे और बाद में पूरी तरह संपर्क समाप्त कर दिया। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों मामलों में बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, ई-मेल आईडी, वित्तीय लेनदेन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है। धन के प्रवाह का विश्लेषण कर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि रकम किन खातों में स्थानांतरित की गई और उसके बाद उसका उपयोग किस प्रकार किया गया।

Algoritha Security के एक शोधकर्ता ने कहा कि साइबर अपराधी अक्सर प्रतिष्ठित कंपनियों की फ्रेंचाइजी, निवेश योजनाओं या ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का नाम लेकर लोगों को अधिक लाभ का लालच देते हैं। उन्होंने सलाह दी कि किसी भी फ्रेंचाइजी या निवेश प्रस्ताव पर धन भेजने से पहले संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट और कार्यालय से स्वतंत्र रूप से सत्यापन करें। केवल ई-मेल, फोन कॉल या सोशल मीडिया संदेश के आधार पर बड़ी रकम ट्रांसफर न करें तथा असामान्य या गारंटीड मुनाफे के दावों से सतर्क रहें।

पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है। उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों, बैंकिंग रिकॉर्ड और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध निवेश या फ्रेंचाइजी प्रस्ताव की पुष्टि किए बिना धनराशि स्थानांतरित न करें और साइबर ठगी की आशंका होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या संबंधित साइबर पुलिस से संपर्क करें।

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