“महिला कर्मचारी की शिकायत से खुला कथित रैकेट, 9 FIR दर्ज; बाहरी फंडिंग और संगठित नेटवर्क की भी जांच”

“कॉर्पोरेट सेक्टर में हड़कंप: टीसीएस नासिक यूनिट में उत्पीड़न और धर्मांतरण के आरोप, 8 गिरफ्तार; SIT जांच तेज”

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By Roopa
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नासिक। महाराष्ट्र के नासिक स्थित एक निजी कॉर्पोरेट यूनिट से जुड़े कथित उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के मामले ने पूरे देश में हलचल मचा दी है। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की एक बीपीओ यूनिट में कार्यरत कर्मचारियों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जांच तेज कर दी है। अब तक कुल नौ एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक महिला आरोपी फरार बताई जा रही है।

मामले की शुरुआत एक 23 वर्षीय महिला कर्मचारी की शिकायत से हुई, जिसने आरोप लगाया कि उसे कार्यस्थल पर मानसिक प्रताड़ना, यौन उत्पीड़न और धार्मिक दबाव का सामना करना पड़ा। शिकायत के बाद पुलिस ने अन्य कर्मचारियों से संपर्क किया, जिसके बाद एक के बाद एक कई पीड़ित सामने आए। कुछ ही दिनों में कुल नौ शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें आठ महिलाएं और एक पुरुष कर्मचारी शामिल हैं।

प्रारंभिक जांच में आरोप सामने आए हैं कि कुछ वरिष्ठ कर्मचारियों ने एक संगठित तरीके से कमजोर आर्थिक और मानसिक स्थिति वाले कर्मचारियों को निशाना बनाया। आरोप है कि इन कर्मचारियों को मानसिक रूप से प्रभावित करने के बाद उन पर जीवनशैली और धार्मिक मान्यताओं में बदलाव का दबाव बनाया जाता था। पुलिस के अनुसार, कुछ व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए भी आंतरिक बातचीत और गतिविधियों का समन्वय किया जाता था, जिससे यह मामला और गंभीर हो गया है।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि कथित तौर पर सात पुरुष कर्मचारियों ने मिलकर एक संगठित समूह की तरह काम किया। आरोप है कि यह समूह चयनित कर्मचारियों को टारगेट कर धीरे-धीरे उन पर प्रभाव डालता था। शिकायतों में यह भी कहा गया है कि कई बार शिकायतों को कंपनी के आंतरिक स्तर पर दबाने की कोशिश की गई, जिससे पीड़ितों को न्याय मिलने में देरी हुई।

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मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। जांच के दौरान कई डिजिटल साक्ष्य, चैट रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि कुछ बाहरी फंडिंग लिंक की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, इसलिए बैंक खातों की गहन जांच की जा रही है।

उधर, कंपनी प्रबंधन ने सभी आरोपियों को तत्काल निलंबित कर दिया है और आंतरिक जांच शुरू कर दी है। कंपनी की ओर से कहा गया है कि यदि किसी भी कर्मचारी की संलिप्तता सिद्ध होती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही स्वतंत्र एजेंसियों की मदद से भी जांच कराई जा रही है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद नासिक और आसपास के क्षेत्रों में कर्मचारियों के बीच चिंता का माहौल है। कई कर्मचारियों ने कहा कि वे अब कार्यस्थल की सुरक्षा और आंतरिक शिकायत प्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। कुछ कर्मचारियों ने यह भी मांग की है कि कॉर्पोरेट संस्थानों में आंतरिक शिकायत निवारण प्रणाली को और मजबूत किया जाए ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

पुलिस का कहना है कि अब तक की जांच में कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस पूरे मामले में किसी बड़े नेटवर्क या बाहरी संगठन की भूमिका शामिल है।

फिलहाल फरार आरोपी की तलाश जारी है और पुलिस टीम विभिन्न ठिकानों पर दबिश दे रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मामले की हर कड़ी को जोड़ा जा रहा है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। जांच के अंतिम निष्कर्ष के बाद विस्तृत रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

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