“अघोरी अनुष्ठान, झूठे ‘आत्मा-प्रवेश’ के दावे और शराब-पैसों की जबरन मांग; एंटी-सुपरस्टिशन एक्ट के तहत केस दर्ज”

“जिम ट्रेनर से ‘फर्जी बाबा’ तक: मुंबई में मोंटी बाबा गिरफ्तार, ठगी और वसूली का बड़ा खुलासा”

Roopa
By Roopa
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मुंबई। अंधविश्वास और आस्था के दुरुपयोग का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां मुंबई पुलिस ने पूर्व जिम ट्रेनर रहे रिदम पंचाल को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने “मोंटी बाबा” नाम से खुद को एक आध्यात्मिक गुरु बताकर लोगों को झांसे में लिया और तथाकथित अघोरी अनुष्ठानों व झूठे उपचारों के जरिए उनसे ठगी और वसूली की।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी मुंबई के मालाड (ईस्ट) इलाके में एक खाली प्लॉट से अपना कथित ‘दरबार’ चलाता था, जहां हर गुरुवार और शनिवार को देर रात तक कार्यक्रम आयोजित किए जाते थे। इन बैठकों में वह दावा करता था कि उस पर देवी का ‘आत्मा-प्रवेश’ होता है और इसी बहाने वह नाटकीय अनुष्ठानों के जरिए लोगों को डर और आस्था के जाल में फंसाता था।

जांच में सामने आया है कि रिदम पंचाल लोगों से केवल पैसे ही नहीं, बल्कि शराब, सिगरेट, मुर्गा और बकरी के जिगर जैसे अजीबो-गरीब सामान की भी मांग करता था। वह इन चीजों को अपने “आध्यात्मिक अनुष्ठान” का जरूरी हिस्सा बताकर पेश करता था, जबकि पुलिस का मानना है कि यह सब लोगों से पैसे और सामान ऐंठने की एक सुनियोजित रणनीति थी।

मूल रूप से एक जिम ट्रेनर रहे आरोपी का किसी भी प्रकार का आध्यात्मिक या धार्मिक पृष्ठभूमि से कोई संबंध नहीं पाया गया है। पुलिस के अनुसार, उसने धीरे-धीरे एक फर्जी ‘चमत्कारी बाबा’ की छवि तैयार की और ऐसे लोगों को निशाना बनाया जो व्यक्तिगत, आर्थिक या स्वास्थ्य समस्याओं से परेशान थे। कुछ मामलों में उसने यह भी दावा किया कि वह बांझपन जैसी समस्याओं का समाधान कर सकता है और ‘बुरी आत्माओं’ को दूर कर सकता है।

यह मामला तब सामने आया जब कई पीड़ितों ने पुलिस और संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने पैसे देने या मांगी गई वस्तुएं देने से इनकार किया, तो उन्हें धमकाया गया और डराया गया। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क में कुछ अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं, जो पीड़ितों से संपर्क या वसूली में मदद करते थे।

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जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, यह स्पष्ट हुआ कि यह कोई एकल घटना नहीं बल्कि एक पैटर्न आधारित ठगी का मामला है। आरोपी डर, अंधविश्वास और नाटकीय अनुष्ठानों के जरिए लोगों पर मानसिक नियंत्रण बनाकर उनसे लगातार वसूली करता था।

डिंडोशी पुलिस ने रिदम पंचाल के खिलाफ एंटी-सुपरस्टिशन एंड ब्लैक मैजिक एक्ट सहित धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी की धाराओं में मामला दर्ज किया है। उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश किए जाने की प्रक्रिया जारी है।

अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि पूरा सेटअप एक ‘स्पिरिचुअल हीलिंग सेंटर’ के रूप में दिखाया गया था, जबकि असल में यह एक वित्तीय शोषण का नेटवर्क था। आरोपी नाटकीय अनुष्ठान, देर रात की बैठकें और ‘देवी के आने’ जैसे दावों के जरिए लोगों का विश्वास जीतता था।

पुलिस अब वित्तीय लेन-देन, मोबाइल डेटा और संबंधित लोगों के संपर्कों की जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क और इसकी वास्तविक सीमा का पता लगाया जा सके। अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि जांच के दौरान और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि ऐसे मामले दिखाते हैं कि कैसे अंधविश्वास का इस्तेमाल लोगों को ठगने के लिए किया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि जांच यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इस गिरोह में और लोग भी शामिल थे।

इस घटना ने एक बार फिर समाज में फर्जी बाबाओं और अंधविश्वास आधारित धोखाधड़ी के खिलाफ जागरूकता की जरूरत को उजागर किया है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी व्यक्ति से सतर्क रहें जो चमत्कारी शक्तियों का दावा करता है।

पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि घटनास्थल से मिले सामान और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच जारी है, और आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां या नए खुलासे संभव हैं।

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