कानपुर में मैट्रिमोनियल पोर्टल पर शादी का झांसा देकर युवती से तीन बैंक खाते खुलवाने और संदिग्ध लेनदेन कराने का मामला सामने आया है।

शादी के नाम पर ₹1.30 लाख की ठगी: मिर्जापुर में ‘लुटेरी दुल्हन’ गिरोह का भंडाफोड़, पांच आरोपी गिरफ्तार

Team The420
3 Min Read

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में शादी के नाम पर कथित ठगी करने वाले एक ‘लुटेरी दुल्हन’ गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह ने राजस्थान के दो युवकों को शादी का झांसा देकर मिर्जापुर बुलाया और विवाह की रस्में पूरी कराने के बाद ₹1.30 लाख लेकर फरार हो गया। मामले में दो कथित दुल्हनों समेत कई अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

पुलिस के अनुसार, राजस्थान के कोटपुतली-बहरोड़ निवासी पुष्पेंद्र ने 29 जून को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनकी बुआ के दो बेटों की शादी कराने के लिए राजस्थान के सीकर निवासी राजेंद्र कुमार यादव ने उन्हें मिर्जापुर के लोहंदी कला गांव बुलाया था। 28 जून को गांव के एक हनुमान मंदिर में शादी की रस्में कराई गईं।

शिकायत के मुताबिक, शादी के दौरान लड़की पक्ष की मांग पर पुष्पेंद्र ने ऑनलाइन माध्यम से ₹1.30 लाख का भुगतान किया। आरोप है कि विवाह की रस्में पूरी होने के बाद विदाई के समय दोनों कथित दुल्हनें अपने साथ आए अन्य साथियों के साथ मौके से फरार हो गईं। पीड़ितों का आरोप है कि जाते समय आरोपियों ने उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी।

FCRF Launches Certified AI-Powered SOC Analyst Program to Train the Next Generation of Cyber Defence Professionals

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और लोहंदी कला गांव में कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लवकुश यादव, गुड़िया यादव, राधा कोल, दीपक पाल और राजेंद्र कुमार यादव के रूप में हुई है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में इन मोबाइल फोन में कई युवतियों की तस्वीरें मिली हैं। पुलिस को संदेह है कि इन तस्वीरों का इस्तेमाल संभावित पीड़ितों को शादी का झांसा देने के लिए किया जाता था।

प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि गिरोह मुख्य रूप से राजस्थान के युवकों को निशाना बनाता था। आरोप है कि पहले युवकों को लड़कियों की तस्वीरें भेजी जाती थीं। तस्वीर पसंद आने पर शादी की तारीख और स्थान तय किया जाता था। इसके बाद मंदिर या अन्य स्थान पर शादी की रस्में कराकर लड़की पक्ष के नाम पर धन लिया जाता था और अवसर मिलते ही कथित दुल्हनें अपने साथियों के साथ फरार हो जाती थीं।

पुलिस अब फरार दोनों कथित दुल्हनों और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में दबिश दे रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि गिरोह ने इसी तरह की वारदातें अन्य राज्यों में भी अंजाम दी हैं या नहीं। मामले की जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया तथा आगे की जांच के आधार पर होगी।

हमसे जुड़ें

Share This Article