अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनी Microsoft Corporation और उसके कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ निवेशकों की ओर से सिक्योरिटीज फ्रॉड का क्लास एक्शन मुकदमा दायर किया गया है। मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि कंपनी ने अपने AI चैटबॉट Copilot और क्लाउड कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म Azure से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण जानकारियों के बारे में निवेशकों को कथित रूप से भ्रामक संकेत दिए, जिससे कंपनी के शेयर मूल्य में तेज गिरावट आने के बाद निवेशकों को नुकसान हुआ।
यह मुकदमा अमेरिका के वेस्टर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ वॉशिंगटन की संघीय जिला अदालत में दायर किया गया है। वादी पक्ष का दावा है कि माइक्रोसॉफ्ट ने संबंधित अवधि के दौरान Copilot की क्षमताओं और उसके व्यापक उपयोग को लेकर सकारात्मक दावे किए, जिससे Azure के राजस्व वृद्धि को लेकर निवेशकों की अपेक्षाएं बढ़ीं।
मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि वास्तविकता में Copilot कथित रूप से कई कार्यात्मक समस्याओं से जूझ रहा था, जिसके कारण उपयोगकर्ताओं की संख्या प्रभावित हुई और Azure के विकास पर भी असर पड़ा। वादियों का कहना है कि इन कथित समस्याओं की जानकारी समय पर सार्वजनिक नहीं की गई।
मुकदमे के अनुसार, 28 जनवरी 2026 को माइक्रोसॉफ्ट ने वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही के वित्तीय परिणाम घोषित किए, जिनमें Azure की वृद्धि अपेक्षा से धीमी रहने की जानकारी दी गई। इसी दौरान कंपनी ने यह भी बताया कि Microsoft 365 Copilot के प्रीमियम ग्राहकों की संख्या लगभग 1.5 करोड़ थी, जो बाजार विश्लेषकों के अनुमान से कम बताई गई। इसके बाद कंपनी के शेयर मूल्य में एक कारोबारी दिन में लगभग 10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
मुकदमे में आगे दावा किया गया है कि बाद में प्रकाशित एक मीडिया रिपोर्ट में Copilot से जुड़ी कथित कार्यात्मक चुनौतियों, ब्रांड पोजिशनिंग और इंटरऑपरेबिलिटी संबंधी समस्याओं का उल्लेख किया गया, जिससे उत्पाद की बाजार हिस्सेदारी पर असर पड़ने की बात कही गई।
यह मुकदमा अमेरिकी सिक्योरिटीज एक्सचेंज एक्ट, 1934 की संबंधित धाराओं के तहत दायर किया गया है। मामले में पात्र निवेशकों को 11 अगस्त 2026 तक अदालत से लीड प्लेंटिफ (मुख्य वादी) नियुक्त किए जाने के लिए आवेदन करने का अवसर दिया गया है।
फिलहाल यह मामला न्यायालय में लंबित है। मुकदमे में लगाए गए आरोप वादी पक्ष के दावे हैं और इन पर अभी अदालत द्वारा कोई अंतिम निर्णय नहीं दिया गया है। माइक्रोसॉफ्ट अथवा उसके अधिकारियों की किसी भी कानूनी जिम्मेदारी का निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।
