अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनी Microsoft का लगभग 7.3 अरब डॉलर (करीब ₹62,000 करोड़) की लागत से विकसित किया गया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डेटा सेंटर एक नए कानूनी विवाद में घिर गया है। अमेरिका के विस्कॉन्सिन राज्य के माउंट प्लेजेंट और उससे सटे स्टरटेवेंट क्षेत्र के कई निवासियों ने कंपनी के खिलाफ सामूहिक (Class Action) मुकदमा दायर किया है। उनका आरोप है कि डेटा सेंटर से चौबीसों घंटे निकलने वाला तेज यांत्रिक शोर उनके स्वास्थ्य, नींद और जीवन की गुणवत्ता को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है।
यह डेटा सेंटर वर्ष 2026 की शुरुआत में Microsoft के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सत्य नडेला द्वारा दुनिया के सबसे शक्तिशाली AI डेटा सेंटरों में से एक बताया गया था। कंपनी के अनुसार, इस परिसर में लाखों AI प्रोसेसिंग कार्यों के लिए बड़ी संख्या में उच्च क्षमता वाले चिप्स एकीकृत किए गए हैं।
हालांकि स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस अत्याधुनिक परियोजना ने उनके लिए लगातार ध्वनि प्रदूषण की समस्या पैदा कर दी है। मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि डेटा सेंटर में लगे डीजल जनरेटर, हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग (HVAC) सिस्टम, कूलिंग टावर, एयर हैंडलिंग यूनिट और कंडेंसर फैन लगातार अत्यधिक शोर उत्पन्न करते हैं। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि Microsoft ने पर्याप्त ध्वनि अवरोधक (Acoustic Barriers) या अन्य शोर नियंत्रण उपाय नहीं अपनाए।
मुकदमे में शामिल एक निवासी एमी सिम्बालनिक ने स्थानीय मीडिया को बताया कि उनके क्षेत्र में दिन-रात लगातार ऐसा शोर सुनाई देता है, मानो पास में कोई मालगाड़ी का इंजन लगातार चालू हो। उन्होंने कहा कि शुरुआत में लोगों को शोर का स्रोत समझ नहीं आया, लेकिन बाद में पता चला कि यह Microsoft के डेटा सेंटर से आ रहा है।
स्थानीय निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि डेटा सेंटर के निर्माण के दौरान लगभग दो वर्षों तक सुबह से देर शाम तक भारी निर्माण कार्य चलता रहा और अब निर्माण पूरा होने के बाद चौबीसों घंटे मशीनों की गूंज बनी रहती है। कुछ लोगों का कहना है कि लगातार शोर के कारण उनकी नींद प्रभावित हो रही है और घरों में सामान्य जीवन व्यतीत करना कठिन हो गया है।
Microsoft ने मुकदमे की पुष्टि करते हुए कहा है कि कंपनी उन सभी समुदायों में एक जिम्मेदार और अच्छा पड़ोसी बनने के लिए प्रतिबद्ध है, जहां वह अपने डेटा सेंटर स्थापित करती है। कंपनी के अनुसार, शोर संबंधी शिकायतें मिलने के बाद उसने तकनीकी परीक्षण कराए और ध्वनि कम करने के लिए कई सुधारात्मक उपाय लागू किए।
Microsoft ने अपने आधिकारिक ब्लॉग में बताया कि अप्रैल के दौरान कूलिंग फैन की उच्च गति से उत्पन्न होने वाली टोनल हमिंग साउंड की पहचान की गई थी, जिसके बाद आवश्यक तकनीकी बदलाव किए गए। कंपनी का दावा है कि स्वतंत्र निगरानी और स्थानीय निवासियों से प्राप्त प्रतिक्रिया के आधार पर अधिकांश शोर संबंधी समस्या का समाधान कर दिया गया है।
माउंट प्लेजेंट प्रशासन के अधिकारियों ने भी कहा है कि अप्रैल में सुधारात्मक उपाय लागू होने के बाद उन्हें नई शिकायतें प्राप्त नहीं हुई हैं। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में कोई नई शिकायत मिलती है तो उसका परीक्षण किया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इसके बावजूद शिकायतकर्ताओं का कहना है कि समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। मुकदमा 1 जुलाई 2026 को दायर किया गया, जिससे संकेत मिलता है कि कई निवासी अब भी स्थिति से संतुष्ट नहीं हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि AI और क्लाउड कंप्यूटिंग के विस्तार के साथ दुनिया भर में बड़े डेटा सेंटरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इन परियोजनाओं के साथ ऊर्जा खपत, जल उपयोग और ध्वनि प्रदूषण जैसे पर्यावरणीय एवं सामाजिक मुद्दे भी प्रमुख होते जा रहे हैं। Microsoft की माउंट प्लेजेंट क्षेत्र में भविष्य में 15 डेटा सेंटर विकसित करने की योजना भी स्थानीय समुदायों की चिंताओं को और बढ़ा रही है।
यह मामला केवल एक स्थानीय विवाद नहीं माना जा रहा, बल्कि तेजी से बढ़ते AI इंफ्रास्ट्रक्चर और स्थानीय समुदायों के अधिकारों के बीच संतुलन स्थापित करने की वैश्विक चुनौती का भी महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर उभर रहा है।
