हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में ₹20.35 लाख की कथित ठगी का मामला सामने आया है, जहां एक स्थानीय व्यापारी को दवाओं और सर्जिकल आइटम के सरकारी टेंडर दिलाने के नाम पर दिल्ली के तीन लोगों ने कथित रूप से धोखा दिया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सदर थाना में दर्ज शिकायत के अनुसार, पीड़ित राजेश कुमार मंडी के सौलीखड्ड क्षेत्र के निवासी हैं और दवा व सर्जिकल आइटम का होलसेल कारोबार करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि फरवरी 2025 में उनकी मुलाकात अरुण कुमार नामक व्यक्ति से कराई गई, जिसने बाद में उन्हें अजय कौशिक से मिलवाया और दावा किया कि वे सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल के जरिए टेंडर दिला सकते हैं।
आरोप है कि दोनों ने पीड़ित को आश्वासन दिया कि उन्हें अस्पताल फर्नीचर और अन्य सामग्री की सप्लाई का सरकारी ऑर्डर दिलाया जाएगा। भरोसा दिलाने के बाद पीड़ित ने फरवरी 2025 में करीब ₹20 लाख की राशि आरोपियों से जुड़े दो फर्मों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी।
हालांकि भुगतान के बावजूद कोई भी सरकारी टेंडर या सप्लाई ऑर्डर जारी नहीं हुआ। जब पीड़ित ने इस बारे में पूछताछ की, तो आरोपियों ने कथित रूप से फर्जी ई-मेल और जाली दस्तावेज भेजकर उन्हें गुमराह किया और प्रक्रिया जारी होने का झांसा देते रहे।
पुलिस के अनुसार, एक अन्य आरोपी जगदीप सिंह ने भी कथित तौर पर सरकारी ऑर्डर दिलाने के नाम पर ₹35,000 अतिरिक्त लिए, लेकिन कोई भी काम पूरा नहीं हुआ। धीरे-धीरे पीड़ित को एहसास हुआ कि उनके साथ ठगी हुई है, जिसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब बैंक लेनदेन, कॉल रिकॉर्ड, ई-मेल और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क और पैसों के लेनदेन का पता लगाया जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि जांच शुरुआती चरण में है और डिजिटल व दस्तावेजी सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह मामला उन बढ़ते ठगी मामलों में से एक है, जिसमें आरोपी सरकारी टेंडर और जेम पोर्टल के जरिए बड़े ऑर्डर दिलाने का झांसा देकर व्यापारियों से पैसे वसूल रहे हैं।
