बैंकॉक/वियनतियाने: लाओस की पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन ठगी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तरी लाओस के एक होटल पर छापेमारी में पांच जापानी नागरिकों सहित कुल 51 लोगों को हिरासत में लिया है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह होटल कथित तौर पर संगठित साइबर ठगी गिरोह का संचालन केंद्र था, जहां से ताइवान के लोगों को ऑनलाइन खरीदारी के नाम पर निशाना बनाया जा रहा था। अधिकारियों ने छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में डिजिटल उपकरण भी बरामद किए हैं और पूरे नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय संबंधों की जांच शुरू कर दी है।
स्थानीय मीडिया के अनुसार, यह कार्रवाई 22 जुलाई को शियांगखुआंग (Xiengkhouang) प्रांत स्थित एक होटल में की गई। पुलिस ने मौके से 60 कंप्यूटर, 76 मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए। जांच एजेंसियों का मानना है कि इन्हीं उपकरणों का उपयोग ऑनलाइन ठगी, पीड़ितों से संपर्क स्थापित करने और वित्तीय लेनदेन को संचालित करने के लिए किया जा रहा था। बरामद उपकरणों की डिजिटल फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि गिरोह की कार्यप्रणाली, विदेशी संपर्कों और संभावित पीड़ितों की पहचान की जा सके।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह ताइवान के नागरिकों को फर्नीचर, घरेलू उपकरण और अन्य उपभोक्ता वस्तुओं की ऑनलाइन बिक्री का झांसा देता था। कथित तौर पर सोशल मीडिया, मैसेजिंग प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन विज्ञापनों के माध्यम से ग्राहकों को आकर्षित किया जाता था। भुगतान प्राप्त होने के बाद या तो सामान भेजा ही नहीं जाता था या फिर पीड़ितों से विभिन्न बहानों से अतिरिक्त धन की मांग की जाती थी। अधिकारियों का मानना है कि यह एक सुनियोजित अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन धोखाधड़ी नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।
पुलिस का कहना है कि हिरासत में लिए गए लोगों की राष्ट्रीयता, भूमिकाओं और आपसी संबंधों की विस्तृत जांच की जा रही है। पांच जापानी नागरिकों की मौजूदगी ने इस मामले को और गंभीर बना दिया है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या संदिग्ध विभिन्न देशों में सक्रिय अन्य साइबर अपराध सिंडिकेट से जुड़े हुए थे और क्या इस नेटवर्क के संचालन के लिए अलग-अलग देशों में डिजिटल ढांचे का उपयोग किया जा रहा था।
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यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब लाओस में सीमा पार संचालित साइबर ठगी गिरोहों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। जून 2026 में भी लाओस की पुलिस ने एक अलग ऑनलाइन धोखाधड़ी गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कुछ जापानी नागरिकों को हिरासत में लिया था। हाल के महीनों में दक्षिण-पूर्व एशिया के कई देशों ने अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध सिंडिकेट, कॉल सेंटर आधारित ठगी और ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी के खिलाफ संयुक्त अभियान तेज किए हैं।
प्रख्यात साइबर अपराध विशेषज्ञ एवं पूर्व IPS अधिकारी प्रो. त्रिवेणी सिंह का कहना है कि सीमा पार संचालित ऑनलाइन ठगी गिरोह अब होटल, किराए की इमारतों और बंद परिसरों को अस्थायी ऑपरेशन सेंटर के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। उनके अनुसार, ऐसे नेटवर्क विभिन्न देशों के नागरिकों को रोजगार, ऑनलाइन खरीदारी, निवेश और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के नाम पर निशाना बनाते हैं तथा डिजिटल भुगतान प्रणालियों और एन्क्रिप्टेड संचार माध्यमों का उपयोग कर अपनी पहचान छिपाने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों से निपटने के लिए विभिन्न देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच रियल-टाइम सूचना साझा करना और संयुक्त जांच अत्यंत आवश्यक है।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि उपभोक्ताओं को किसी भी अनजान वेबसाइट, सोशल मीडिया विज्ञापन या अत्यधिक आकर्षक ऑनलाइन ऑफर पर बिना सत्यापन के भरोसा नहीं करना चाहिए। खरीदारी से पहले विक्रेता की विश्वसनीयता, वेबसाइट की प्रामाणिकता और भुगतान के सुरक्षित माध्यमों की जांच करना आवश्यक है। संदिग्ध लेनदेन की स्थिति में तत्काल संबंधित बैंक और स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सूचना देनी चाहिए।
फिलहाल लाओस की पुलिस जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों, संचार रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से दक्षिण-पूर्व एशिया में सक्रिय एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। जांच आगे बढ़ने के साथ अन्य संदिग्धों की पहचान, अतिरिक्त गिरफ्तारियां और विभिन्न देशों की जांच एजेंसियों के साथ समन्वित कार्रवाई की भी संभावना जताई जा रही है।
