ऑनलाइन चैट के जरिए ₹50 लाख की ठगी, फर्जी कंपनियों के खातों से एक हफ्ते में ₹2.5 करोड़ का अवैध ट्रांजैक्शन

केरल में साइबर ठगी पर बड़ा प्रहार: ‘ऑपरेशन Cy-Hunt 2.0’ में 165 गिरफ्तार, 455 मामले दर्ज

Team The420
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केरल पुलिस ने साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के खिलाफ चलाए गए एक व्यापक अभियान में बड़ी कार्रवाई करते हुए 165 लोगों को गिरफ्तार किया है और 455 मामले दर्ज किए हैं। राज्यभर में एक साथ चलाए गए विशेष अभियान ‘ऑपरेशन Cy-Hunt 2.0’ के तहत 5 मार्च को सभी पुलिस थानों की सीमा में छापेमारी की गई। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान साइबर अपराध की जड़ माने जाने वाले वित्तीय नेटवर्क को कमजोर करने की रणनीति का हिस्सा था।

अभियान का दायरा और जब्ती

पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, इस अभियान के दौरान 1168 स्थानों पर छापे मारे गए और 306 इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जब्त किया गया। कार्रवाई मुख्य रूप से उन संदिग्ध व्यक्तियों के खिलाफ की गई जो धोखाधड़ी से प्राप्त धन को चेक, एटीएम निकासी या म्यूल बैंक खातों के माध्यम से निकालने में मदद कर रहे थे।

जांच एजेंसियों का मानना है कि साइबर ठगी के बड़े गिरोहों की आर्थिक संरचना ऐसे मध्यस्थ नेटवर्क पर निर्भर करती है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस विशेष अभियान का उद्देश्य केवल मामलों की प्रतिक्रिया देना नहीं बल्कि साइबर अपराध के पारिस्थितिकी तंत्र को व्यवस्थित रूप से कमजोर करना भी था।

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विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया

जांच में सामने आया कि ठगी के बाद धन को तेजी से कई खातों में स्थानांतरित किया जाता है ताकि असली स्रोत का पता लगाना मुश्किल हो जाए। म्यूल बैंक खाते और निकासी सहयोगी इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस कार्रवाई पर टिप्पणी करते हुए प्रतिष्ठित साइबर अपराध विशेषज्ञ एवं पूर्व आईपीएस अधिकारी प्रो. त्रिवेणी सिंह ने कहा, “साइबर ठगी करने वाले गिरोह अक्सर तकनीकी और सामाजिक इंजीनियरिंग दोनों का इस्तेमाल करते हैं।”

म्यूल अकाउंट नेटवर्क को तोड़ना आधुनिक साइबर कानून प्रवर्तन का सबसे प्रभावी तरीका माना जा रहा है। वित्तीय चैनलों पर सीधा प्रहार करने से अपराध नेटवर्क की संचालन क्षमता कमजोर होती है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अभियान के दौरान जिन व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आई है, उनसे जुड़े मामलों की विस्तृत जांच की जा रही है।

जन जागरूकता और सुरक्षा सलाह

अभियान के साथ-साथ पुलिस ने आम जनता को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने की भी सलाह दी है। नागरिकों से कहा गया है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को बैंक विवरण, ओटीपी, पासवर्ड, पिन या सीवीवी जैसी जानकारी साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचने और कार्य-आधारित ऑनलाइन निवेश या वर्क-फ्रॉम-होम ऑफर के प्रति सतर्क रहने की अपील की गई है।

साइबर सुरक्षा बढ़ाने के लिए मजबूत और अलग-अलग पासवर्ड का उपयोग करने तथा दो-स्तरीय प्रमाणीकरण (2FA) सक्रिय करने की सलाह दी गई है। पुलिस ने यह भी कहा है कि किसी भी संदिग्ध साइबर घटना की स्थिति में नागरिक राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क कर सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार ‘ऑपरेशन Cy-Hunt 2.0’ ने साइबर वित्तीय अपराधों की पहचान, रोकथाम और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत किया है।

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