कराची। ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान के कई हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन भड़क उठे। सबसे गंभीर स्थिति कराची में देखने को मिली, जहां प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने अमेरिकी कॉन्सुलेट कराची के बाहर जमकर तोड़फोड़ की और सुरक्षा बलों के साथ झड़प हुई। इस हिंसा में नौ लोगों की मौत हो गई और आठ अन्य घायल बताए जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन ने हालात को नियंत्रण में रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं।
प्रदर्शन के दौरान भीड़ अचानक उग्र हो गई और कॉन्सुलेट परिसर की ओर बढ़ने लगी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कुछ लोगों को अमेरिकी कॉन्सुलेट का मुख्य गेट तोड़ते हुए देखा गया। भीड़ ने प्रवेश द्वार के पास स्थित सुरक्षा कक्ष की खिड़कियों को भी नुकसान पहुंचाया। कुछ रिपोर्ट में गोलीबारी की जानकारी भी सामने आई है, हालांकि सुरक्षा अधिकारियों ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
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कराची पुलिस की रिपोर्ट: 9 मौतें, कई घायल
कराची पुलिस के अधिकारी डॉक्टर समी सैयद ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान नौ लोगों की मौत हुई है और कई लोग घायल हुए हैं। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। पुलिस का कहना है कि हिंसा में शामिल संदिग्ध लोगों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रदर्शन का आयोजन कथित तौर पर राजनीतिक और धार्मिक संगठन मजलिस-ए-वहदत मुस्लिमीन के समर्थकों द्वारा किया गया। संगठन के प्रवक्ता ने कहा कि लोग खामेनेई की मौत के बाद सार्वजनिक विरोध दर्ज कराने के लिए अमेरिकी कॉन्सुलेट के बाहर एकत्र हुए थे। प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि कॉन्सुलेट परिसर के अंदर से प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की गई, हालांकि सुरक्षा एजेंसियों ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है।
गिलगित-बाल्टिस्तान में UN कार्यालय पर हमला
पाकिस्तान के गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र में भी तनाव की खबरें सामने आई हैं। वहां स्थित संयुक्त राष्ट्र कार्यालय – गिलगित-बाल्टिस्तान को प्रदर्शनकारियों ने आग के हवाले कर दिया। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने सरकारी और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। हालात को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है और संवेदनशील इलाकों में गश्त तेज कर दी गई है।
सरकारी अधिकारियों ने नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा। सोशल मीडिया पर भड़काऊ संदेश और अफवाह फैलाने वालों पर भी नजर रखी जा रही है।
विशेषज्ञों की राय: भू-राजनीतिक तनाव बढ़ेगा
क्षेत्रीय सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि खामेनेई की मौत के बाद पश्चिम एशिया में शक्ति संतुलन को लेकर तनाव बढ़ सकता है। पाकिस्तान में हुई हिंसा को व्यापक भू-राजनीतिक स्थिति से भी जोड़ा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि धार्मिक भावनाओं और अंतरराष्ट्रीय राजनीति के मिश्रण से ऐसी घटनाओं का जोखिम बढ़ जाता है।
पुलिस और प्रशासन ने संवेदनशील शहरों में निगरानी बढ़ा दी है और प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत सुरक्षा एजेंसियों को दें।
फिलहाल कराची और आसपास के क्षेत्रों में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है। प्रशासन का कहना है कि हिंसा में शामिल सभी लोगों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय किए जाएंगे।
