कानपुर: शहर के बिरहाना रोड निवासी बुजुर्ग कारोबारी और एमडीआर डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक राकेश कुमार गुप्ता ने प्रॉपर्टी डेवलपमेंट के नाम पर ₹32.25 लाख की कथित धोखाधड़ी के आरोप में पिता-पुत्र समेत पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि चकेरी क्षेत्र की एक जमीन को विकसित करने के नाम पर उनसे ₹20 लाख का निवेश कराया गया, लेकिन बाद में संबंधित जमीन को दूसरे व्यक्ति को बेच दिया गया। आरोप है कि रकम वापस मांगने पर उनके साथ गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी दी गई।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब जमीन से जुड़े दस्तावेज, निवेश की रकम, कथित बिक्री और दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते की जांच कर रही है।
2019 में जमीन विकसित करने का प्रस्ताव
राकेश कुमार के मुताबिक, वर्ष 2019 में उनके पूर्व परिचित अखिलेश उत्तम और अनूप सिंह ने उनसे संपर्क किया था। दोनों ने खुद को मेसर्स राघव लिंकर्स और मेसर्स कानपुर होम बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा बताते हुए चकेरी क्षेत्र की एक जमीन को विकसित करने का प्रस्ताव दिया।
शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने इस प्रोजेक्ट में ₹20 लाख निवेश करने के लिए कहा। राकेश कुमार ने प्रस्ताव पर भरोसा करते हुए रकम दी। इसमें ₹5 लाख नकद दिए गए, जबकि ₹15 लाख का चेक प्रेम नारायण सिंह के नाम पर लिया गया।
शिकायतकर्ता का कहना है कि निवेश को सुरक्षित दिखाने और भरोसा कायम रखने के लिए जमीन के मालिक के साथ 25 नवंबर 2019 को एक पंजीकृत इकरारनामा भी कराया गया था। आरोप है कि इसी प्रक्रिया के दौरान अखिलेश उत्तम ने बिना कोई रकम लगाए जमीन में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल कर ली।
किस्तों में लौटाए सिर्फ ₹7.75 लाख
राकेश कुमार के अनुसार, निवेश की पूरी रकम उन्हें वापस नहीं मिली। राघव लिंकर्स की ओर से वर्ष 2021 में तीन अलग-अलग किस्तों में कुल ₹2.75 लाख लौटाए गए।
इसके बाद कानपुर होम बिल्डर्स की ओर से 27 जून 2024 को ₹5 लाख का भुगतान किया गया। इस तरह शिकायतकर्ता के मुताबिक उन्हें कुल ₹7.75 लाख ही वापस मिले, जबकि शेष रकम को लेकर विवाद बना रहा।
इसी दौरान उन्हें कथित तौर पर पता चला कि जिस जमीन को विकसित करने के नाम पर उनसे निवेश कराया गया था, उसे पहले ही दूसरे व्यक्ति को बेच दिया गया था।
₹23.45 लाख में जमीन बेचने का आरोप
शिकायत में राकेश कुमार ने आरोप लगाया कि अखिलेश उत्तम, अनूप सिंह और प्रेम नारायण सिंह ने 26 अगस्त 2021 को संबंधित जमीन को जनशक्ति डेवलपर के पार्टनर महेंद्र प्रसाद यादव को ₹23.45 लाख में बेच दिया।
आरोप है कि इस बिक्री में अखिलेश उत्तम और अनूप सिंह गवाह भी बने। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस दौरान उनके साथ 25 नवंबर 2019 को किया गया पुराना पंजीकृत इकरारनामा भी निरस्त नहीं कराया गया था।
यही बिंदु अब पुलिस की जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जांच में यह देखा जाएगा कि जमीन की बिक्री के समय पहले से मौजूद इकरारनामा की स्थिति क्या थी और संबंधित पक्षों को इसकी जानकारी थी या नहीं।
पैसे मांगने पहुंचे तो धमकी का आरोप
राकेश कुमार के मुताबिक, 27 अगस्त 2024 को वह लालबंगला स्थित कार्यालय में अपने बकाया पैसे मांगने पहुंचे थे। आरोप है कि वहां अखिलेश उत्तम और साहिल उत्तम ने उनके साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी।
शिकायतकर्ता ने कुल ₹12.25 लाख मूलधन और ₹20 लाख मुनाफे समेत ₹32.25 लाख की रकम हड़पने का आरोप लगाया है। पुलिस अब यह भी जांच करेगी कि कथित निवेश के तहत वास्तविक रूप से कितनी रकम दी गई, कितनी वापस हुई और बाकी रकम पर विवाद किस आधार पर हुआ।
जमीन और भुगतान रिकॉर्ड की जांच
पुलिस मामले में बैंक खातों, चेक, भुगतान रसीदों, पंजीकृत इकरारनामे और जमीन की बिक्री से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर सकती है। इसके अलावा यह भी देखा जाएगा कि जमीन का वास्तविक स्वामित्व किसके पास था और उसे विकसित करने के लिए आरोपियों को क्या अधिकार प्राप्त थे।
कोतवाली प्रभारी के अनुसार, शिकायत के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच की जा रही है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद आरोपों की पुष्टि और प्रत्येक आरोपी की भूमिका स्पष्ट होगी। फिलहाल मामला दर्ज होने के बाद जमीन की बिक्री, निवेश की रकम और कथित धमकी से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
