कानपुर पुलिस ने कथित ₹3,200 करोड़ के अवैध वित्तीय लेन-देन से जुड़े बहुचर्चित मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए ₹25,000 के इनामी आरोपी फैज को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, फैज पिछले लगभग पांच महीनों से फरार चल रहा था। वह इस मामले के कथित मुख्य आरोपी महफूज उर्फ पप्पू छुरी का बेटा है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में महफूज समेत छह आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।
पुलिस के अनुसार, इस कथित वित्तीय नेटवर्क का खुलासा 16 फरवरी को श्याम नगर चौकी के पास हुई ₹24 लाख की लूट की जांच के दौरान हुआ। जांच में सामने आया कि मोटरसाइकिल सवार चार बदमाशों ने यशोदा नगर निवासी वासिद और अरशद से नकदी लूटी थी। बाद में पुलिस को पता चला कि दोनों कथित रूप से जाजमऊ निवासी महफूज अली उर्फ पप्पू छुरी के लिए कार्य करते थे।
जांच का दायरा बढ़ने पर पुलिस ने महफूज की वित्तीय गतिविधियों और बैंक खातों की विस्तृत पड़ताल की। पुलिस का दावा है कि पिछले ढाई वर्षों के दौरान लगभग ₹1,600 करोड़ के कथित अवैध वित्तीय लेन-देन का पता चला, जबकि पूरे नेटवर्क का कुल कारोबार लगभग ₹3,200 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि इस कथित गतिविधि से सरकार को ₹400 करोड़ से अधिक के राजस्व का नुकसान हुआ।
मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने महफूज और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि, पुलिस के अनुसार फैज लगातार फरार था। जांचकर्ताओं का आरोप है कि वह इस कथित अवैध वित्तीय नेटवर्क के संचालन और प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था।
पुलिस ने बताया कि हाल ही में सर्विलांस और खुफिया सूचनाओं के आधार पर फैज के नेपाल में होने की जानकारी मिली थी। जांचकर्ताओं को संदेह है कि महफूज और फैज कथित हवाला से जुड़ी धनराशि के लेन-देन अथवा उसे छिपाने के उद्देश्य से नेपाल गए थे। इसके बाद पुलिस ने लगातार उसकी गतिविधियों पर निगरानी बनाए रखी।
मंगलवार को मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाकर फैज को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने इस गिरफ्तारी को जांच के लिए महत्वपूर्ण सफलता बताया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी लंबे समय से गिरफ्तारी से बचता रहा था, लेकिन तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर उसे पकड़ लिया गया।
जांच एजेंसियां अब बैंक खातों, वित्तीय रिकॉर्ड, दस्तावेजों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही हैं ताकि कथित नेटवर्क की पूरी संरचना, अन्य संभावित लाभार्थियों तथा इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका का पता लगाया जा सके।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों, जांच के निष्कर्षों और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।
