वॉशिंगटन। अमेरिका में सार्वजनिक धन के कथित दुरुपयोग और कल्याणकारी योजनाओं में बड़े पैमाने पर हुई धोखाधड़ी को लेकर एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने मिनेसोटा के गवर्नर Tim Walz और राज्य के अटॉर्नी जनरल Keith Ellison के खिलाफ संघीय जांच की मांग करते हुए अमेरिकी न्याय विभाग से आपराधिक जांच शुरू करने का आग्रह किया है। आरोप है कि राज्य प्रशासन ने वर्षों तक चल रही कथित धोखाधड़ी को रोकने में पर्याप्त कार्रवाई नहीं की।
विवाद की शुरुआत रिपब्लिकन बहुमत वाली अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की ओवरसाइट कमेटी की एक विस्तृत रिपोर्ट से हुई है। 205 पृष्ठों की इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मिनेसोटा के अधिकारियों को सामाजिक सेवा कार्यक्रमों में कथित वित्तीय अनियमितताओं और धोखाधड़ी की जानकारी थी, लेकिन इसके बावजूद समय पर प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। रिपोर्ट के अनुसार, इससे सार्वजनिक धन का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग संभव हुआ।
रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य एजेंसियों के पास संदिग्ध संस्थाओं को भुगतान रोकने या निलंबित करने का अधिकार था, लेकिन कई मामलों में ऐसा नहीं किया गया। समिति का आरोप है कि अधिकारियों ने संभावित कानूनी विवादों और भेदभाव के आरोपों की आशंका के चलते कार्रवाई करने में देरी की, जिससे कथित रूप से संदिग्ध संगठनों को सरकारी धन मिलता रहा।
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि यदि किसी सरकारी अधिकारी ने धोखाधड़ी को नजरअंदाज किया, शपथ के तहत गलत जानकारी दी या शिकायतकर्ताओं को प्रताड़ित किया, तो उसे कानून के दायरे में लाया जाना चाहिए। उन्होंने न्याय विभाग के फ्रॉड डिवीजन से मामले की जांच करने का अनुरोध किया है।
इस विवाद के केंद्र में कोविड-19 महामारी के दौरान सामने आया चर्चित “फीडिंग आवर फ्यूचर” (Feeding Our Future) मामला है। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस गैर-लाभकारी संगठन से जुड़े लोगों ने बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने के नाम पर झूठे दावे प्रस्तुत किए और सरकारी फंड प्राप्त किए। बाद में आरोप लगा कि बड़ी मात्रा में धनराशि सार्वजनिक कल्याण के बजाय निजी लाभ और आलीशान जीवनशैली पर खर्च की गई।
संघीय जांचकर्ताओं के अनुसार, इस कथित घोटाले का आकार लगभग 25 करोड़ अमेरिकी डॉलर था। वर्तमान विनिमय दर के आधार पर यह राशि लगभग ₹2,140 करोड़ के बराबर बैठती है। मामले में कई लोगों को दोषी ठहराया जा चुका है और प्रमुख आरोपियों को लंबी कारावास सजाएं भी मिली हैं।
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हालांकि, कीथ एलिसन ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि उनके कार्यालय ने कभी भी धोखाधड़ी संबंधी शिकायतों की अनदेखी नहीं की और यह पूरा मामला राजनीतिक उद्देश्य से उठाया जा रहा है। एलिसन का कहना है कि राज्य और संघीय एजेंसियां पहले से ही इन मामलों की जांच कर रही हैं तथा अनेक अभियोजन कार्यवाही सफलतापूर्वक पूरी की जा चुकी हैं।
गवर्नर टिम वॉल्ज के कार्यालय ने भी आरोपों को निराधार बताया है। उनके प्रतिनिधियों का कहना है कि राज्य प्रशासन ने धोखाधड़ी रोकने के लिए कई सुधारात्मक कदम उठाए हैं और ओवरसाइट कमेटी की रिपोर्ट वास्तविक तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत करती है। वॉल्ज पहले भी कांग्रेस के समक्ष गवाही देते हुए राज्य सरकार की कार्रवाई का बचाव कर चुके हैं।
इस बीच डेमोक्रेट सांसदों ने एक अलग प्रतिवेदन जारी कर रिपब्लिकनों पर राजनीतिक लाभ के लिए पुराने मामलों को दोबारा उछालने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जिन मामलों का उल्लेख रिपोर्ट में किया गया है, उनमें पहले से जांच और अभियोजन चल चुके हैं तथा वरिष्ठ राज्य अधिकारियों को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद केवल मिनेसोटा तक सीमित नहीं है, बल्कि महामारी के दौरान शुरू की गई बड़ी सरकारी सहायता योजनाओं की निगरानी और जवाबदेही से जुड़े व्यापक प्रश्न भी उठाता है। कोविड काल में आपातकालीन राहत कार्यक्रमों के तहत अरबों डॉलर खर्च किए गए थे और कई राज्यों में धन के दुरुपयोग के आरोप सामने आए थे।
फिलहाल अमेरिकी न्याय विभाग ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह औपचारिक आपराधिक जांच शुरू करेगा या नहीं। लेकिन उपराष्ट्रपति की ओर से की गई यह मांग आने वाले महीनों में अमेरिकी राजनीति का एक महत्वपूर्ण मुद्दा बनी रह सकती है। मामले ने सार्वजनिक धन की निगरानी, सरकारी जवाबदेही और राजनीतिक ध्रुवीकरण पर नई बहस छेड़ दी है, जिसके दूरगामी प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।
