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हैदराबाद में साइबर फ्रॉड पर बड़ी कार्रवाई: नौकरी और ‘डिजिटल अरेस्ट’ ठगी मामले में दो आरोपी गिरफ्तार

Team The420
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हैदराबाद। साइबर अपराधों पर कार्रवाई करते हुए मलकाजगिरी साइबर क्राइम पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये मामले नौकरी के नाम पर ठगी और “डिजिटल अरेस्ट” स्कैम से जुड़े हैं। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी साइबर ठगों के नेटवर्क में म्यूल अकाउंट होल्डर के रूप में काम कर रहे थे, जिनके बैंक खातों का इस्तेमाल अवैध लेन-देन के लिए किया जा रहा था।

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान Murra Harinath Reddy (हैदराबाद निवासी) और Chikati Sandeep (एनटीआर जिला, आंध्र प्रदेश) के रूप में की है।

जांच में सामने आया है कि ये दोनों आरोपी ऐसे संगठित साइबर नेटवर्क का हिस्सा थे, जो देशभर में फैले हुए हैं और कई लेयर में बैंक खातों तथा बिचौलियों के जरिए ठगी की रकम को घुमाते हैं ताकि पैसे की असली ट्रैकिंग मुश्किल हो सके।

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पहले मामले में पीड़ित को एक फर्जी “बिजनेस स्पेशलिस्ट” नौकरी का ऑफर दिया गया था, जिसमें सालाना ₹12 लाख सैलरी का वादा किया गया। आरोपियों ने प्रोसेसिंग और वेरिफिकेशन फीस के नाम पर पीड़ित से अलग-अलग ट्रांजैक्शन में ₹3.15 लाख वसूल लिए। बाद में न तो कोई जॉब ऑफर लेटर मिला और न ही पैसा वापस किया गया।

दूसरे मामले में आरोपी “डिजिटल अरेस्ट” स्कैम से जुड़े पाए गए। इसमें ठगों ने खुद को CBI अधिकारी बताकर पीड़ित पर ₹485 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस में शामिल होने का झूठा आरोप लगाया। डर और दबाव बनाकर पीड़ित से बैंक डिटेल्स साझा करवाई गईं और कथित “कोर्ट ऑर्डर वेरिफिकेशन” के नाम पर पैसे ट्रांसफर कराए गए।

इस केस में पीड़ित ने कुल ₹71.25 लाख ट्रांसफर किए, जिसमें ₹17.10 लाख उनके अपने खाते से और ₹54.15 लाख उनकी पत्नी के खाते से भेजे गए। बाद में जांच के दौरान ₹19.51 लाख की आंशिक राशि कोर्ट के आदेश के बाद पीड़ितों को वापस कर दी गई।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों गिरफ्तार आरोपी सीधे ठगी करने वाले मास्टरमाइंड नहीं हैं, बल्कि ऐसे नेटवर्क को सपोर्ट कर रहे थे, जो अवैध धन को बैंक खातों के जरिए आगे-पीछे घुमाकर उसे छिपाने का काम करता है।

फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और मुख्य आरोपियों तथा अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड गैंग की पहचान करने की कोशिश जारी है।

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