ग्रेटर नोएडा की बीटा-2 कोतवाली पुलिस ने एक कथित अंतरराज्यीय सिंथेटिक ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए एक नाइजीरियाई नागरिक समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से 143 ग्राम क्रिस्टल एमडीएमए (सिंथेटिक ड्रग) बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब ₹14 लाख बताई जा रही है। इसके अलावा एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू, एक स्कूटी और ₹17,500 नकद भी जब्त किए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अरुण कसाना, अतुल सिंह और चिदुबेम स्टेनली के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, चिदुबेम स्टेनली नाइजीरिया का नागरिक है और कथित तौर पर बिना वैध दस्तावेजों के भारत में रह रहा था। इस संबंध में आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है।
पुलिस जांच के अनुसार, यह गिरोह पिछले लगभग छह महीनों से सक्रिय था और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से नोएडा, ग्रेटर नोएडा तथा दिल्ली-एनसीआर के अन्य क्षेत्रों में कथित रूप से एमडीएमए की आपूर्ति कर रहा था। जांचकर्ताओं का आरोप है कि गिरोह मुख्य रूप से स्कूल और कॉलेज के छात्रों को निशाना बनाकर सिंथेटिक ड्रग्स की बिक्री करता था।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को सेक्टर चाई-4 स्थित जनता फ्लैट सोसाइटी के पीछे सर्विस रोड के पास से गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान अरुण कसाना के पास से 35 ग्राम एमडीएमए, एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू और ₹17,500 नकद बरामद किए गए। अतुल सिंह के कब्जे से 38 ग्राम एमडीएमए मिली, जबकि चिदुबेम स्टेनली के पास से 70 ग्राम एमडीएमए बरामद की गई, जो सबसे बड़ी बरामदगी है।
प्रारंभिक जांच में पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ड्रग्स की आपूर्ति कहां से की जाती थी, इसका नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ था और इसमें अन्य कौन-कौन लोग शामिल थे। बरामद मोबाइल फोन, डिजिटल उपकरणों और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है ताकि पूरे सप्लाई नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के विरुद्ध संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा। साथ ही ड्रग्स तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क की पहचान करने और फरार सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है।
