वीजा 2020 में समाप्त होने के बावजूद बदल ली पहचान; फर्जी दस्तावेजों से सिम कार्ड लेने और स्थानीय नेटवर्क की मदद लेने की आशंका, सुरक्षा एजेंसियां खंगाल रहीं छह वर्षों की गतिविधियां

छह साल से अवैध रूप से भारत में रह रहा था चीनी नागरिक गिरफ्तार: फर्जी आधार-पैन बनवाकर चला रहा था कंस्ट्रक्शन कंपनी, जासूसी समेत कई पहलुओं की जांच

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By Roopa
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ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में बीटा-2 कोतवाली पुलिस ने एक चीनी नागरिक को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर पिछले छह वर्षों से वीजा अवधि समाप्त होने के बावजूद भारत में अवैध रूप से रह रहा था। जांच में आरोप है कि उसने अपनी वास्तविक पहचान छिपाने के लिए फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य भारतीय पहचान दस्तावेज तैयार कराए तथा उन्हीं के आधार पर मोबाइल सिम कार्ड भी हासिल किए। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। अब सुरक्षा एजेंसियां उसकी गतिविधियों, वित्तीय लेनदेन, स्थानीय संपर्कों और संभावित राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी पहलुओं की गहन जांच कर रही हैं।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान चीन के नागरिक शियामाओ के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि उसका भारतीय वीजा 25 जून 2020 को समाप्त हो गया था, लेकिन इसके बावजूद उसने भारत नहीं छोड़ा। आरोप है कि उसने अवैध रूप से देश में रहना जारी रखा और पहचान छिपाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि उसने इतने लंबे समय तक कानून प्रवर्तन एजेंसियों की नजर से बचकर कैसे निवास किया।

जांच में सामने आया है कि आरोपी ने कथित तौर पर फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज तैयार करवाए थे। इन्हीं दस्तावेजों का उपयोग कर मोबाइल सिम कार्ड खरीदे गए, जिनका इस्तेमाल उसके संचार और अन्य गतिविधियों में होने की आशंका है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कराने में किन स्थानीय व्यक्तियों या संगठित नेटवर्क ने उसकी सहायता की और क्या इस मामले में दस्तावेज जालसाजी का बड़ा गिरोह सक्रिय है।

पूछताछ के दौरान यह भी जानकारी मिली कि आरोपी ने पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर की रहने वाली एक महिला से विवाह किया था। दंपति की एक लगभग तीन वर्ष की बेटी भी है। जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी अपनी पत्नी के नाम पर एक कंस्ट्रक्शन कंपनी का संचालन कर रहा था। अब कंपनी के पंजीकरण, बैंक खातों, वित्तीय लेनदेन, कर रिकॉर्ड और व्यावसायिक गतिविधियों की भी विस्तृत जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कंपनी का उपयोग केवल व्यवसाय के लिए किया जा रहा था या किसी अन्य उद्देश्य के लिए।

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पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां आरोपी के पिछले छह वर्षों के सभी संपर्कों, यात्रा विवरण, बैंक खातों, मोबाइल रिकॉर्ड, डिजिटल उपकरणों और वित्तीय लेनदेन का विश्लेषण कर रही हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या उसके किसी विदेशी नागरिक, कारोबारी संस्था या अन्य संदिग्ध नेटवर्क से संबंध थे। अधिकारियों ने इस संभावना से भी इनकार नहीं किया है कि जांच के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। हालांकि अब तक जासूसी संबंधी किसी आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और जांच जारी है।

इसी बीच ग्रेटर नोएडा के यमुना सिटी स्थित 22डी सोसाइटी में विदेशी किरायेदारों के पुलिस सत्यापन को लेकर विवाद का मामला भी सामने आया। जानकारी के अनुसार, मुख्य प्रवेश द्वार पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने विदेशी किरायेदारों से पहचान पत्र और सत्यापन संबंधी दस्तावेज मांगे, लेकिन कथित तौर पर उन्होंने दस्तावेज दिखाने से इनकार कर दिया, जिसके बाद परिसर में विवाद और हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई। घटना के बाद रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) ने मकान मालिकों से अपील की है कि बिना पुलिस सत्यापन के किसी भी विदेशी नागरिक को फ्लैट किराए पर न दिया जाए।

प्रसिद्ध साइबर अपराध विशेषज्ञ एवं पूर्व आईपीएस अधिकारी प्रो. त्रिवेणी सिंह ने कहा कि फर्जी पहचान दस्तावेज तैयार कर लंबे समय तक किसी विदेशी नागरिक का देश में रहना केवल आव्रजन नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से भी गंभीर विषय हो सकता है। उन्होंने कहा कि आधार, पैन, सिम कार्ड और बैंक खातों के सत्यापन की प्रक्रिया को और मजबूत बनाने की आवश्यकता है ताकि फर्जी पहचान का दुरुपयोग रोका जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि विदेशी नागरिकों के पुलिस सत्यापन, डिजिटल रिकॉर्ड के समन्वय और स्थानीय स्तर पर सतर्कता बढ़ाकर इस प्रकार के मामलों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की बहुआयामी जांच कर रही है और आरोपी से पूछताछ के आधार पर अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।

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