नई दिल्ली: FutureCrime Summit 2026 का तीसरा संस्करण 6 और 7 अगस्त को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित होगा। दो दिवसीय इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देश और विदेश के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, रक्षा विशेषज्ञ, साइबर सुरक्षा पेशेवर, डिजिटल फोरेंसिक विशेषज्ञ, नीति निर्माता, न्यायपालिका के प्रतिनिधि, सरकारी अधिकारी, शोधकर्ता, विधि विशेषज्ञ और प्रौद्योगिकी उद्योग के अग्रणी प्रतिनिधि एक मंच पर जुटेंगे। सम्मेलन का उद्देश्य साइबर अपराध, राष्ट्रीय डिजिटल सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), साइबर युद्ध, डिजिटल फोरेंसिक, वित्तीय धोखाधड़ी, क्रिप्टोकरेंसी अपराध, गोपनीयता, साइबर कानून और भविष्य की पुलिसिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श करते हुए उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए साझा रणनीति तैयार करना है।
आयोजकों के अनुसार, सम्मेलन का कार्यक्रम मुख्य सभागार और इनोवेशन हॉल में समानांतर रूप से आयोजित किया जाएगा। इसमें उच्चस्तरीय नीतिगत चर्चाओं के साथ तकनीकी कार्यशालाएं, लाइव डेमो, व्यावहारिक प्रशिक्षण, साइबर सुरक्षा अभ्यास और विशेषज्ञ पैनल चर्चा आयोजित होंगी। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों, जांच एजेंसियों, सरकारी अधिकारियों, रक्षा कर्मियों और फोरेंसिक विशेषज्ञों को नवीनतम तकनीकों और तेजी से बदलते साइबर खतरों से निपटने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल उपलब्ध कराना है।
सम्मेलन का शुभारंभ 6 अगस्त को “Future Crime, National Security & Policy Roadmap: Building India’s Resilient Digital Future” विषयक उद्घाटन सत्र से होगा। उद्घाटन सत्र में लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पंत, डॉ. संजय बहल, डॉ. अमित शर्मा, एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा और डॉ. गुलशन राय सहित कई वरिष्ठ विशेषज्ञ भाग लेंगे। इस दौरान भारत की साइबर सुरक्षा नीति, राष्ट्रीय डिजिटल लचीलापन, महत्वपूर्ण अवसंरचना की सुरक्षा, डिजिटल शासन और भविष्य की नीतिगत प्राथमिकताओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
पहले दिन का प्रमुख आकर्षण एआई आधारित साइबर अपराध और बदलते खतरे के परिदृश्य पर आयोजित विशेष पैनल होगा। इसमें डॉ. पवन दुग्गल, मेजर जनरल डॉ. बिपिन बक्शी, मेघा खेतरपाल, मिनी रानी शर्मा और सोमन दास सहित विशेषज्ञ भाग लेंगे। चर्चा के दौरान एआई आधारित साइबर हमलों, डीपफेक, स्वचालित वित्तीय धोखाधड़ी, डिजिटल साक्ष्य विश्लेषण, मशीन लर्निंग आधारित अपराधों तथा कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा एआई के प्रभावी उपयोग पर विचार साझा किए जाएंगे।
Registration Begins for FutureCrime Summit 2026, India’s Largest Cybercrime Conference
सम्मेलन में महत्वपूर्ण अवसंरचना की सुरक्षा, साइबर रेजिलिएंस, डिजिटल भुगतान सुरक्षा, वित्तीय धोखाधड़ी की रोकथाम, क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े अपराध, एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग (AML) इंटेलिजेंस, प्रेडिक्टिव पुलिसिंग, ओपन सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT), डार्क वेब जांच और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) तथा सीईआरटी-इन (CERT-In) के नियामकीय अनुपालन पर भी विशेष तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे। डिजिटल फोरेंसिक और घटना प्रतिक्रिया प्रणाली में एआई की बढ़ती भूमिका पर भी विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे।
इनोवेशन हॉल का प्रमुख आकर्षण गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) द्वारा आयोजित AI-Powered Policing and Investigation Workshop होगी। 6 अगस्त को सुबह 11 बजे आयोजित इस कार्यशाला का संचालन रुशी मेहता और आई4सी की टीम करेगी। इसमें एआई आधारित पुलिसिंग, साइबर अपराध जांच, डिजिटल साक्ष्य विश्लेषण और भविष्य की कानून प्रवर्तन प्रणाली में उन्नत तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त एआई आधारित साइबर रेजिलिएंस, साइबर सुरक्षा प्रयोगशालाओं की स्थापना, एआई संचालित सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर (SOC) और एआई युग के उभरते साइबर अपराधों पर भी विशेष सत्र होंगे।
सम्मेलन के दूसरे दिन साइबर युद्ध, भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और राष्ट्रीय सुरक्षा पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। “The New Theatre of Conflict: Cyber Warfare, Geopolitical Rivalries and National Security” विषयक सत्र में पूर्व खुफिया ब्यूरो निदेशक राजीव जैन, पूर्व रेलवे सुरक्षा बल महानिदेशक अरुण कुमार, मेजर जनरल डॉ. संदीप शर्मा, मेजर जनरल डॉ. राजन कोछर, डॉ. आलोक विजयंत और एयर वाइस मार्शल डॉ. देवेश वात्सा भाग लेंगे। इस दौरान साइबर संघर्ष, सीमा-पार डिजिटल हमलों, राष्ट्रीय सुरक्षा, रणनीतिक प्रतिस्पर्धा और बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य पर चर्चा होगी।
इसके बाद “Beyond Encryption: Quantum-Safe Security and Future Tech-Crimes” विषयक सत्र में न्यायमूर्ति तलवंत सिंह, प्रो. अमित दुबे, डॉ. अमित कुमार चौहान, डॉ. पी.के. खोसला और बालाजी कप्सीकर क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम-प्रतिरोधी एन्क्रिप्शन, भविष्य की साइबर सुरक्षा चुनौतियों और नई तकनीक आधारित अपराधों पर अपने विचार रखेंगे। सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय सहयोग, डिजिटल शांति और उभरते साइबर खतरों से निपटने के लिए वैश्विक साझेदारी पर भी विचार-विमर्श होगा।
दूसरे दिन बाल सुरक्षा, साइबर स्टॉकिंग, ऑनलाइन पीड़ित संरक्षण, चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मैटेरियल (CSAM), डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) ढांचे के तहत जिम्मेदार एआई गवर्नेंस, क्लाउड फोरेंसिक, ड्रोन फोरेंसिक, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), वाहन फोरेंसिक और लोकेशन आधारित डिजिटल साक्ष्यों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। इनोवेशन हॉल में लाइव साइबर रेंज अभ्यास, साइबर कमांड एवं प्रतिक्रिया अभ्यास, मोबाइल और साइबर फोरेंसिक प्रदर्शन, थ्रेट इंटेलिजेंस कार्यशालाएं, एआई आधारित सिक्योरिटी ऑपरेशन, अगली पीढ़ी के जांच उपकरण, डेटा फिड्यूशियरी जवाबदेही और नए साइबर कानूनों पर व्यावहारिक सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। आयोजकों का कहना है कि FutureCrime Summit 2026 का उद्देश्य पुलिस, रक्षा संगठनों, जांच एजेंसियों, न्यायपालिका, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और प्रौद्योगिकी कंपनियों के बीच सहयोग को मजबूत करते हुए एआई आधारित धोखाधड़ी, साइबर युद्ध, वित्तीय अपराध और उभरते डिजिटल खतरों से निपटने के लिए देश की संस्थागत क्षमता को और सुदृढ़ बनाना है।
