तीन लग्जरी क्रूज बनाने का सौदा, एडवांस और अतिरिक्त भुगतान के बावजूद सालों तक नहीं हुई डिलीवरी; कई आरोपियों पर लंका थाने में मुकदमा दर्ज

“क्रूज निर्माण के नाम पर ₹4 करोड़ की कथित ठगी: वाराणसी के कारोबारी की शिकायत पर केरल की कंपनी के खिलाफ केस”

Roopa
By Roopa
5 Min Read

वाराणसी। गंगा नदी में क्रूज संचालन से जुड़े एक कारोबारी के साथ करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। क्रूज निर्माण के नाम पर ₹4 करोड़ से अधिक की रकम लेने के बावजूद तय समय पर डिलीवरी न देने के आरोप में लंका थाने में केरल स्थित एक निजी कंपनी और उससे जुड़े कई व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।

मामले के अनुसार, रविदास घाट निवासी विवेक मालवीय, जो “अलकनंदा क्रूजलाइन लिमिटेड” का संचालन करते हैं, ने गंगा में पर्यटन गतिविधियों को विस्तार देने के उद्देश्य से तीन आधुनिक क्रूज तैयार कराने की योजना बनाई थी। इसके तहत 1 अगस्त 2022 को कोच्ची (केरल) स्थित एक प्राइवेट कंपनी को औपचारिक रूप से ऑर्डर दिया गया। इस डील की कुल लागत ₹5.06 करोड़ तय की गई थी।

ऑर्डर की पुष्टि के लिए 2 अगस्त 2022 को ₹1 करोड़ 52 लाख 80 हजार की एडवांस राशि कंपनी को ट्रांसफर की गई। समझौते के तहत दो क्रूज सात महीने के भीतर, यानी 2 मार्च 2023 तक तैयार कर सौंपे जाने थे, जबकि तीसरे क्रूज की डिलीवरी भी तय समयसीमा में होनी थी। कारोबारी को उम्मीद थी कि इन नए क्रूज के जरिए गंगा में पर्यटन कारोबार को नई गति मिलेगी।

हालांकि, शिकायत में आरोप लगाया गया है कि निर्धारित समयसीमा बीत जाने के बावजूद कंपनी ने एक भी क्रूज तैयार नहीं किया। जब भी निर्माण कार्य की प्रगति को लेकर संपर्क किया गया, तो अलग-अलग कारणों का हवाला देते हुए अतिरिक्त धनराशि की मांग की जाती रही। आरोप है कि भरोसा दिलाकर चरणबद्ध तरीके से लगातार भुगतान लिया गया, लेकिन परियोजना में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई।

FutureCrime Summit 2026: Registrations to Open Soon for India’s Biggest Cybercrime Conference

शिकायत के मुताबिक, कंपनी ने अयोध्या में अस्थायी शिपयार्ड स्थापित करने के नाम पर ₹20 लाख अतिरिक्त लिए। इसके अलावा अन्य तकनीकी, निर्माण और संचालन से जुड़े खर्चों का हवाला देकर कई किश्तों में रकम ट्रांसफर कराई गई। 27 दिसंबर 2023 तक कुल ₹4 करोड़ 3 लाख 72 हजार 90 रुपये कंपनी को दिए जा चुके थे। इसके बावजूद न तो कोई क्रूज तैयार हुआ और न ही भुगतान की गई राशि वापस की गई।

कारोबारी का कहना है कि समय बीतने के साथ जब परियोजना की स्थिति स्पष्ट नहीं हुई, तो संदेह गहराने लगा। कई बार संपर्क करने के बावजूद कंपनी की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने कानूनी कार्रवाई का सहारा लेते हुए लंका थाने में मुकदमा दर्ज कराया।

दर्ज एफआईआर में कंपनी के निदेशक संदिथ थनदाशेरी और रमिथा मधु समेत कई अन्य व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा संतोष कुमार कृष्णन, अजय कुमार सी., श्याम टीएस, जोम मैथ्यू, कार्तिक जीआर, एलबी जय और जीतू हरिदास के नाम भी शिकायत में शामिल हैं। सभी पर धोखाधड़ी और विश्वासघात से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

मामले की जांच के दौरान पुलिस अब बैंक ट्रांजैक्शन, अनुबंध से जुड़े दस्तावेज और दोनों पक्षों के बीच हुए ईमेल व अन्य संचार माध्यमों की समीक्षा कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि लेनदेन किन शर्तों पर हुआ और किन परिस्थितियों में अतिरिक्त भुगतान लिया गया। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि कहीं यह मामला सुनियोजित तरीके से की गई धोखाधड़ी का हिस्सा तो नहीं, जिसमें पहले भरोसा कायम कर बड़ी रकम हासिल की जाती है।

फिलहाल, पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और सभी आरोपियों की भूमिका की विस्तार से जांच की जा रही है।

हमसे जुड़ें

Share This Article