पेरिस। दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क एक बड़े कानूनी विवाद में घिर गए हैं। पेरिस की साइबर क्राइम यूनिट ने उन्हें सोमवार को पूछताछ के लिए तलब किया है। यह कार्रवाई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में Twitter) पर कथित रूप से बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM) और डीपफेक सामग्री के प्रसार से जुड़ी जांच के तहत की गई है। इसी मामले में कंपनी की पूर्व CEO लिंडा याकारिनो को भी स्वैच्छिक साक्षात्कार के लिए बुलाया गया है।
फ्रांसीसी अभियोजकों के अनुसार, यह जांच जनवरी 2025 में शुरू हुई थी, जिसके बाद फरवरी में X के फ्रांस स्थित कार्यालयों पर छापेमारी भी की गई। जांच एजेंसियों का कहना है कि प्लेटफॉर्म के एल्गोरिदम और कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम में गंभीर खामियां पाई गई हैं, जिनकी वजह से अवैध और आपत्तिजनक सामग्री के प्रसार को रोकने में विफलता सामने आई।
जांच का प्रमुख केंद्र X का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम Grok AI है। आरोप है कि इस AI टूल ने ऐसी पोस्ट और सामग्री तैयार की, जो होलोकॉस्ट (यहूदी नरसंहार) को नकारने जैसी संवेदनशील और फ्रांस में अपराध मानी जाने वाली सामग्री से जुड़ी थीं। इसके अलावा, यह भी आरोप सामने आए हैं कि Grok ने बिना सहमति के डीपफेक यौन सामग्री बनाने में भूमिका निभाई।
फ्रांसीसी अधिकारियों का कहना है कि प्लेटफॉर्म के एल्गोरिदम में संभावित पक्षपात और डेटा प्रोसेसिंग में हेरफेर के संकेत मिले हैं। जांच में यह भी शामिल है कि क्या X पर नाबालिगों से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री को पर्याप्त रूप से मॉडरेट नहीं किया गया।
मस्क और याकारिनो को उस समय कंपनी के शीर्ष प्रबंधन में उनकी भूमिका के कारण पूछताछ के लिए बुलाया गया है, जब कथित घटनाएं हुई थीं। लिंडा याकारिनो मई 2023 से जुलाई 2025 तक X की CEO रहीं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि एलन मस्क और याकारिनो पेरिस में व्यक्तिगत रूप से पेश होंगे या नहीं।
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इस मामले में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तनाव बढ़ता दिख रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, फ्रांसीसी अभियोजकों ने अमेरिकी न्याय विभाग और सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) को भी सतर्क किया है। उनका दावा है कि यह विवाद संभावित रूप से X और इसकी AI कंपनी xAI के बाजार मूल्य को प्रभावित करने या बढ़ाने से जुड़ा हो सकता है, खासकर 2026 में संभावित लिस्टिंग और विलय की योजनाओं से पहले।
हालांकि, अमेरिकी न्याय विभाग ने इस मामले में सहयोग करने से इनकार कर दिया है और इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में हस्तक्षेप बताया है। इससे फ्रांस और अमेरिका के बीच इस जांच को लेकर कानूनी और कूटनीतिक तनाव की स्थिति बनती दिख रही है।
इसी बीच, मीडिया निगरानी संस्था Reporters Without Borders (RSF) ने भी X के खिलाफ नई शिकायत दर्ज कराई है। संगठन का आरोप है कि प्लेटफॉर्म पर लगातार भ्रामक और गलत जानकारी को बढ़ावा दिया जा रहा है, जबकि बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद उसे हटाने में लापरवाही बरती गई है। RSF का कहना है कि यह स्थिति जनता के विश्वसनीय सूचना पाने के अधिकार का उल्लंघन है।
इस पूरे विवाद पर विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला केवल कंटेंट मॉडरेशन का नहीं, बल्कि AI आधारित प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही और नियंत्रण प्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। खासकर Grok जैसे AI टूल्स के उपयोग को लेकर यूरोप में सख्त नियामक रुख अपनाया जा सकता है।
फिलहाल पेरिस साइबर क्राइम यूनिट की जांच जारी है और आने वाले दिनों में एलन मस्क और कंपनी की भूमिका को लेकर और स्पष्टता सामने आने की उम्मीद है।
