नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में नशे के कारोबार और संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा संयुक्त अभियान चलाया है। ‘ऑपरेशन कवच 14.0’ के तहत 48 घंटे में दिल्ली के सभी 15 पुलिस जिलों, क्राइम ब्रांच और स्पेशल सेल की 1474 टीमों ने एक साथ 4035 स्थानों पर छापेमारी कर ड्रग्स माफिया पर बड़ा शिकंजा कसा है। इस अभियान में 255 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया है और 212 एनडीपीएस एक्ट के मामले दर्ज किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल छोटे तस्करों को पकड़ना नहीं बल्कि पूरे ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क को खत्म करना है। इसी रणनीति के तहत तकनीकी निगरानी, खुफिया इनपुट और मुखबिर तंत्र के आधार पर एक साथ कई स्तरों पर कार्रवाई की गई।
अभियान के दौरान बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किए गए, जिनमें 237.466 किलोग्राम गांजा, 5.184 किलोग्राम ओजी गांजा, 1.096 किलोग्राम हेरोइन, 159.8 ग्राम कोकीन, 101.1 ग्राम एमडीएमए, 186 ग्राम मेथामफेटामाइन, 366.48 ग्राम चरस, 2640 बुप्रेनॉर्फिन टैबलेट और 287 फेनिरामाइन इंजेक्शन शामिल हैं। इसके साथ ही 23.27 लाख रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं।
ड्रग्स के अलावा पुलिस ने हथियारों और अन्य अपराधों से जुड़े मामलों में भी बड़ी कार्रवाई की है। आर्म्स एक्ट के तहत 315 मामलों में 329 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 96 पिस्टल व देसी कट्टे, 147 जिंदा कारतूस तथा 242 चाकू बरामद किए गए। आबकारी अधिनियम के तहत 398 मामलों में 405 लोगों को गिरफ्तार कर बड़ी मात्रा में अवैध शराब भी जब्त की गई।
अभियान के दौरान वाहन चोरी और फरार अपराधियों पर भी शिकंजा कसा गया। 55 वाहन चोरों को गिरफ्तार कर 60 चोरी के वाहन बरामद किए गए, जबकि 49 घोषित अपराधियों को भी पुलिस ने पकड़ लिया। इसके अलावा 49 अन्य मामलों में भी कार्रवाई की गई है।
दिल्ली पुलिस ने इस दौरान 208 संवेदनशील हॉटस्पॉट की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखी। 1429 स्थानों पर कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन चलाया गया और 5977 हिस्ट्रीशीटरों का सत्यापन किया गया। साथ ही 60,806 लोगों की जांच की गई और 1900 व्यक्तियों के खिलाफ एहतियाती कार्रवाई की गई। 161 विदेशी नागरिकों का सत्यापन कर 21 के खिलाफ निर्वासन की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान के दौरान कई बड़े ड्रग्स मॉड्यूल का भी भंडाफोड़ हुआ है, जो राजधानी में सप्लाई चेन को संचालित कर रहे थे। जांच एजेंसियां अब इन नेटवर्क के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक को ट्रेस कर रही हैं ताकि पूरे सिंडिकेट को खत्म किया जा सके।
स्पेशल सीपी (क्राइम ब्रांच) एच.जी.एस. ढालीवाल ने कहा कि ‘ऑपरेशन कवच’ का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे की लत से बचाना और ड्रग्स माफिया की आर्थिक कमर तोड़ना है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस जीरो टॉलरेंस नीति के तहत ऐसे अभियानों को आगे भी जारी रखेगी और फोकस केवल गिरफ्तारी नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क को समाप्त करने पर रहेगा।
पुलिस का कहना है कि राजधानी को नशा मुक्त बनाने के लिए यह अभियान एक महत्वपूर्ण कदम है और आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
