नई दिल्ली। चीन में 30 साल पुरानी दोस्ती का भरोसा एक बड़े प्रॉपर्टी फ्रॉड में बदल गया। एक स्थानीय अदालत ने एक व्यक्ति को दूसरे के खाली फ्लैट को अपना बताकर एक दंपति से 7 लाख युआन (करीब ₹97 लाख) की ठगी करने के मामले में 10 वर्ष 3 महीने की जेल और 1 लाख युआन (करीब ₹13.8 लाख) के जुर्माने की सजा सुनाई है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, आरोपी की पहचान केवल उसके उपनाम सन से हुई है। उसने खुद को शंघाई स्थित एक खाली फ्लैट का मालिक बताकर दंपति को संपत्ति बेचने का झांसा दिया। कई महीनों तक यह धोखाधड़ी सामने नहीं आई और मामला तब उजागर हुआ जब फ्लैट का वास्तविक मालिक वहां पहुंचा और पाया कि उसके फ्लैट के ताले बदले जा चुके हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, सन पहले शंघाई में दो खुदरा दुकानें चलाता था, लेकिन बाद में उसका कारोबार बंद हो गया। वह पहले भी धोखाधड़ी के एक मामले में जेल जा चुका था। वर्ष 2017 में रिहा होने के बाद उसने लगभग 30 वर्षों से परिचित एक विवाहित दंपति से फिर संपर्क स्थापित किया।
आर्थिक रूप से अधिक सक्षम नहीं होने के बावजूद दंपति वर्षों तक उसकी मदद करता रहा। उन्होंने उसे आर्थिक सहायता, भोजन और अन्य सहयोग भी दिया। धीरे-धीरे सन ने खुद को संपन्न व्यक्ति के रूप में पेश किया और दावा किया कि उसके पास कई संपत्तियां हैं तथा स्थानीय प्रशासनिक तंत्र से जुड़े प्रभावशाली लोगों से उसके संबंध हैं। दंपति ने उसके दावों पर भरोसा कर लिया।
वर्ष 2023 में जब दंपति ने उससे किफायती मकान दिलाने में मदद मांगी, तब सन ने दावा किया कि वह अपने संपर्कों के जरिए रियायती दर पर मकान उपलब्ध करा सकता है। इसके बाद उसने बुकिंग राशि, प्रोसेसिंग शुल्क और अन्य खर्चों के नाम पर किस्तों में पैसे लेना शुरू कर दिया। उसने भरोसा दिलाया कि यह पूरी राशि अंतिम खरीद मूल्य में समायोजित कर दी जाएगी।
वर्ष 2025 में सन ने दंपति को बताया कि उसने उनके लिए पुनर्वास योजना के तहत एक फ्लैट तय करा दिया है और सौदा पूरा करने के लिए अतिरिक्त 4 लाख युआन (करीब ₹55.5 लाख) की मांग की।
जांच में सामने आया कि जिस फ्लैट का सौदा किया गया था, वह सन का था ही नहीं। उसने एक ऐसे खाली फ्लैट को निशाना बनाया था, जो कई महीनों से खाली पड़ा था। आरोप है कि उसने एक ताला बनाने वाले को बुलाकर झूठा दावा किया कि उसकी चाबियां खो गई हैं और बिना किसी स्वामित्व दस्तावेज के फ्लैट का ताला बदलवा दिया।
इसके बाद उसने दंपति को नया ताला और चाबियां सौंप दीं तथा एक फर्जी बिक्री समझौते पर हस्ताक्षर कर पूरे सौदे को वैध दिखाने की कोशिश की।
यह फर्जीवाड़ा मई 2025 में सामने आया, जब फ्लैट के वास्तविक मालिक, जिसकी पहचान वांग उपनाम से हुई, एक संभावित किरायेदार के साथ फ्लैट पर पहुंचे। उनकी चाबी ताले में नहीं लगी। बाद में सीसीटीवी फुटेज की जांच में ताला बदले जाने की पुष्टि हुई, जिसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
जांच एजेंसियों ने आरोपी तक पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सन ने स्वीकार किया कि दंपति से प्राप्त अधिकांश रकम वह अपने पुराने कर्ज चुकाने और निजी खर्चों में इस्तेमाल कर चुका था।
हालांकि दंपति ने फ्लैट की अंतिम किस्त का भुगतान अभी नहीं किया था, लेकिन तब तक उनकी कुल आर्थिक क्षति 7 लाख युआन यानी लगभग ₹97 लाख तक पहुंच चुकी थी।
स्थानीय अदालत ने आरोपी को धोखाधड़ी का दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष 3 महीने की कैद और 1 लाख युआन के जुर्माने की सजा सुनाई। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि फ्लैट का ताला बदलने वाले ताला बनाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई की गई है या नहीं।
यह मामला इस बात का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है कि वर्षों पुराना व्यक्तिगत भरोसा भी संगठित संपत्ति धोखाधड़ी का माध्यम बन सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी संपत्ति का सौदा करने से पहले स्वामित्व संबंधी दस्तावेजों और कानूनी रिकॉर्ड का स्वतंत्र रूप से सत्यापन करना बेहद आवश्यक है।
