देहरादून: उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा से पहले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान शुरू किया है। यह कार्रवाई खासतौर पर उन ठगों के खिलाफ की जा रही है जो केदारनाथ धाम सहित अन्य धार्मिक स्थलों के नाम पर फर्जी वेबसाइट, फेसबुक पेज और इंस्टाग्राम अकाउंट बनाकर हेलिकॉप्टर टिकट बुकिंग और यात्रा सेवाओं के नाम पर लोगों से ठगी कर रहे हैं।
STF के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि साइबर अपराधी हर साल चारधाम यात्रा के दौरान सक्रिय हो जाते हैं और श्रद्धालुओं को निशाना बनाते हैं। फर्जी सोशल मीडिया विज्ञापनों और नकली वेबसाइटों के जरिए लोगों को आकर्षित कर उनसे पैसे ठग लिए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि इस तरह की धोखाधड़ी को रोकने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर एक विशेष सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और एक्शन टीम बनाई गई है, जो लगातार डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निगरानी रख रही है।
FCRF Returns With CDPO, Its Premier Data Protection Certification for Privacy Professionals
अधिकारियों के अनुसार अब तक STF ने 180 संदिग्ध और फर्जी सोशल मीडिया लिंक को सफलतापूर्वक हटवा दिया है। ये लिंक मुख्य रूप से केदारनाथ हेलिकॉप्टर टिकट, होटल बुकिंग और यात्रा पैकेज के नाम पर चलाए जा रहे थे। इसके अलावा 52 संदिग्ध मोबाइल नंबरों को ब्लॉक करने के लिए दूरसंचार विभाग (DoT) को अनुरोध भेजा गया है।
जांच के दौरान 10 ऐसी वेबसाइटों की भी पहचान की गई है जो हेलिकॉप्टर बुकिंग के नाम पर यात्रियों को ठगने में इस्तेमाल हो रही थीं। इन सभी वेबसाइटों को संबंधित डोमेन रजिस्ट्रार के पास रिपोर्ट कर निष्क्रिय (deactivate) करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि साइबर अपराधी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आकर्षक विज्ञापन और “ऑफिशियल बुकिंग पोर्टल” जैसे नामों का उपयोग कर लोगों को भ्रमित करते हैं। कई मामलों में श्रद्धालु असली और नकली वेबसाइट के बीच अंतर नहीं कर पाते और बड़ी रकम गंवा देते हैं।
उन्होंने कहा कि STF की टीम लगातार डिजिटल निगरानी कर रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। यात्रा शुरू होने से पहले और इसके दौरान भी यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
अधिकारियों के अनुसार चारधाम यात्रा 2026 इस बार 19 अप्रैल से शुरू हो रही है। यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को खुलेंगे, जबकि केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल और बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे।
प्रशासन का कहना है कि हर साल लाखों श्रद्धालु चारधाम यात्रा पर आते हैं, जिससे साइबर ठगों को बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का मौका मिल जाता है। इसी को देखते हुए इस बार सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
STF ने लोगों से अपील की है कि वे केवल सरकारी वेबसाइट और अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से ही बुकिंग करें और किसी भी अनजान लिंक या सोशल मीडिया विज्ञापन पर भरोसा न करें।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक यात्राओं के दौरान इस तरह के स्कैम तेजी से बढ़ते हैं क्योंकि लोग जल्दबाजी और आस्था के कारण सावधानी नहीं बरतते। ऐसे में रियल-टाइम मॉनिटरिंग और त्वरित कार्रवाई बेहद जरूरी है।
कुल मिलाकर, चारधाम यात्रा से पहले STF की यह बड़ी कार्रवाई श्रद्धालुओं की सुरक्षा और साइबर ठगी पर रोक लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे हजारों लोगों को संभावित धोखाधड़ी से बचाया जा सकेगा।
